उदयपुर की घटना पर एक्शन में गृहमंत्रालय, NIA को जांच अपने हाथ में लेने का दिया निर्देश

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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को कन्हैया लाल की नृशंस हत्या की जांच अपने हाथ में लेने का निर्देश दिया। दो मुस्लिम कटटरपंथियों ने मंगलवार को गला काटकर कन्हैया लाल की ह्त्या कर दी, उनका कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में एक सोशल मीडिया पोस्ट किया था, कन्हैया का गला काटने वाले दोनों आरोपियों रियाज अख्तर और गौस मोहम्मद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

गृह मंत्रालय कार्यालय की ओर से ट्वीट कर जानकारी दी गई कि राजस्थान के उदयपुर में हुई कन्हैया लाल तेली की नृशंस हत्या की जांच को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को अपने हाथ में लेने का निर्देश दिया है। किसी भी संगठन की संलिप्तता और अंतरराष्ट्रीय संपर्क की गहन जांच की जाएगी।

उदयपुर में हुई दिल दहला देने वाली घटना के बाद पूरे देश में गुस्से का माहौल है, इंटरनेट को बंद कर दिया गया है और जिले में धारा 144 लगा दी गई है. कन्हैया की ह्त्या को केंद्र सरकार आतंकी घटना मान रही है और जांच के लिए एनआईए टीम को उदयपुर भेज दिया गया है, हत्या के तौर-तरीकों से आशंका जताई जा रही है कि हत्यारों के सम्बन्ध ISIS से हो सकते हैं. 

कन्हैया लाल की गला काटकर ह्त्या करने के बाद हत्यारों ने दो वीडियो जारी किये, एक वीडियो में वह ह्त्या करते हुए दिखाई दे रहे थे जबकि दूसरे वीडियो में कहा कि हमें एक व्यक्ति का सर काट दिया है, यही नहीं हत्यारों ने पीएम मोदी को भी धमकी दी.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, इस घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है, आरोपियों के क्या इरादे थे, उनके किससे लिंक थे राष्ट्रीय-अंतराष्ट्रीय स्तर पर, इन सभी बातों का खुलासा होगा। उदयपुर के एसपी मनोज कुमार ने कहा, अपराधी की कोई जाति नहीं होती है। जिसने भी अपराध किया है उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। मैं सभी से कानून में विश्वास रखने की अपील करता हूं। कानून व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है। हत्या के बाद कोई घटना नहीं हुई है और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है.

NIA से कराई जाय उदयपुर घटना की जांच, कांग्रेस आतंकियों को पालने वाली सरकार है: AAP विधायक

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राजस्थान के उदयपुर में कल दोपहर समुदाय विशेष के दो लोगों ने कन्हैयालाल नाम के एक टेलर की गला काटकर ह्त्या कर दी, इस घटना के बाद पूरे देश में गुस्से का माहौल है, कन्हैया का कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने नूपुर शर्मा के समर्थन में एक सोशल मीडिया पोस्ट किया था, जिसके बाद कटटरपंथियों ने उनकी गला काटकर ह्त्या कर दी. उदयपुर में हुई इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार से मांग की है कि इस मामलें की जांच NIA से कराई जाय, आप विधायक नरेश बाल्यान ने कहा, कांग्रेस आतंकियों को पालने वाली सरकार है.

'आम आदमी पार्टी' के विधायक और दिल्ली जल बोर्ड के सदस्य नरेश बाल्यान ने अपने ट्वीट में लिखा, उदयपुर घटना की जाँच केंद्रीय एजेंसी NIA से करवाया जाये। कोंग्रेस वैसे भी आतंकियों को पालने वाली सरकार है। इसके कोई दो राय नही की बॉर्डर राज्य होने के कारण ये आतंकी साँठ-गाँठ हो। बार-बार राजस्थान में दंगे हो रहे हैं। केंद्र सरकार NIA से इसकी जाँच करवाये।

एक अन्य ट्वीट में बाल्यान ने राज्य की  गहलोत सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा, राजस्थान में आतंकी लोगों का गला काट कर हत्या कर रहे है और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं। क़ानून व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा, ऐसा क्या कारण है कि अशोक गहलोत जी कि एक साल में राजस्थान में सैकड़ों दंगे हुए हैं? राजस्थान की जनता को किस बात की सजा मिल रही है?

आपको बता दें कि कन्हैयालाल की ह्त्या करने वाले दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, सूत्रों के मुताबिक, गृहमंत्रालय के आदेश पर NIA की एक टीम कल शाम को ही उदयपुर के लिए रवाना हो गई.

ब्रेकिंग: राहुल भी जाएंगे गुवाहाटी, शिंदे गुट में होंगे शामिल

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महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं, रोजाना बागी विधायकों की संख्या बढ़ रही है, शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता संजय राऊत धमकी भी दे रहे हैं इसके बावजूद शिवसेना के विधायक शिन्दे गुट में शामिल होने के लिए गुवाहाटी जा रहे हैं. अब खबर मिल रही है कि शिवसेना के विधायक राहुल पाटिल भी आज रात तक गुवाहाटी में एकनाथ शिंदे कैंप से जुड़ सकते हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, परभणी के शिवसेना विधायक राहुल पाटिल 2 दिन से ग़ायब थे और पुलिस भी उनको ढूंढ रही थी। लेकिन अब खबर आ रही है कि शिंदे गुट में शामिल होने के लिए पहले वह सूरत गए, वहां से गुवाहाटी जाएंगे जहाँ होटल रेडिसन ब्लू में एकनाथ शिंदे बागी विधायकों के साथ टिके हैं, अगर राहुल पाटिल जुड़ते हैं तो शिंदे गुट के बागी विधायकों की संख्या 40 हो जाएगी ऐसा दावा है सिंदे गुट का. 

 शिवसेना के कुल 55 विधायक हैं, लेकिन अब शिंदे का दावा है कि उनके साथ 39 विधायक हैं, दल-बदल कानून से बचने के लिए शिंदे को 37 विधायकों की जरूरत थी लेकिन उनके दावे के अनुसार, 39 विधायक हैं, जल्द ही ये संख्या 40 हो सकती है. 

रामपुर और आजमगढ़ में भगवा लहराने के बाद CM योगी ने विश्वनाथन के साथ लिया नई चालों का आनंद

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राजनैतिक रूप से रामपुर और आजमगढ़ समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता था, लेकिन लोकसभा उपचुनाव में भाजपा ने सपा के दोनों गढ़ को ध्वस्त कर दिया और दिनेश लाल यादव उर्फ़ निरहुआ ने भगवा लहरा दिया। रामपुर और आजमगढ़ में भाजपा की विजय के बाद कल यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ओलम्पियाड विश्वनाथन आनंद के साथ शतरंज खेलते हुए नई चालों का आनंद लिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को विधानसभा के सामने एक समारोह के दौरान महान चेस खिलाडी विश्वनाथन आनंद को अपनी आगे की यात्रा के लिए पहली बार शतरंज ओलंपियाड मशाल रिले सौंपी। विश्वनाथन के साथ शतरंज खेलते हुए सीएम योगी ने कहा, “यह हमारे लिए बहुत गर्व की बात है कि राज्य के विभिन्न शहरों में शतरंज ओलंपियाड मशाल रिले हो रही है। हमें इस बात पर गर्व है कि इस खेल का जन्म अपने जन्मस्थान से हुआ है और इसने पूरी दुनिया में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। हम शतरंज को उसके जन्मस्थान पर लौटते हुए और शतरंज ओलंपियाड के रूप में अपनी सफलता का जश्न मनाते हुए देखकर प्रसन्न हैं। "यह न केवल भारत के लिए बल्कि शतरंज के लिए भी सम्मान की बात है," सीएम ने कहा, "शतरंज न केवल किसी के धैर्य और ध्यान की परीक्षा लेता है, बल्कि जीवन में सही निर्णय लेने में भी मदद करता है।

योगी ने कहा कि शतरंज सिर्फ एक खेल नहीं है, बल्कि अब एक शैक्षिक उपकरण बन गया है। "महाभारत में शतरंज का खेल बहुत अधिक था, और मुझे यकीन है कि शतरंज ओलंपियाड के आयोजन से भारत की खेल छवि और आगे बढ़ेगी। आपको बता दें कि चेन्नई के महाबलीपुरम में 28 जुलाई से 10 अगस्त तक शतरंज ओलंपियाड का 44 वां संस्करण होगा।


नवनीत राणा ने की राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग, बोलीं- उद्धव ठाकरे की गुंडागर्दी खत्म हो

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महाराष्ट्र में चल रहे सियासी घटनाक्रम के बीच सांसद नवनीत राणा ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है, इसके अलावा उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से अपील की है कि जो विधायक शिवसेना से बगावत किये हैं, उनके परिवारों को सुरक्षा दी जाय, गौरतलब है कि संजय राउत लगातार बागी विधायकों को धमकी दे रहे हैं.

महाराष्ट्र के अमरावती से सांसद नवनीत राणा ने कहा, मैं अमित शाह से उन विधायक के परिवारों को सुरक्षा प्रदान करने का अनुरोध करती हूं जो उद्धव ठाकरे को छोड़कर बालासाहेब की विचारधारा से जुड़े रहकर अपने निर्णय ले रहे हैं। उद्धव ठाकरे की गुंडागर्दी खत्म हो, मैं राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने का अनुरोध करती हूं.

उल्लेखनीय है कि शिवसेना के वरिष्ठ नेता एकनाथ शिंदे समेत पार्टी के लगभग 40 विधायक बगावत कर दिए हैं, ये सभी बागी विधायक असम के गुवाहाटी में टिके हैं और ठाकरे सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री आवास छोड़कर अपने घर मातोश्री जा चुके हैं, शिवसेना नेता संजय राउत लगातार बागी विधायकों को धमकी दे रहे हैं, शिवसेना के कार्यकर्ता बागी विधायकों के घरों पर तोड़फोड़ कर रहे हैं.

आपातकाल की 47 वीं बरसी आज, हार्दिक पटेल ने इंदिरा गाँधी को बताया तानाशाह

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आज आपातकाल की 47वीं बरसी है,  25 जून जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की एक सिफारिश को तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने लागू कर कर दिया था और अगले ही दिन देशभर में आपातकाल लागू हो गया. आपातकाल के विरोध में उठने वाली हर आवाजों को जेलों में जकड़ दिया गया.

आपातकाल की 47वीं बरसी पर भाजपा नेता हार्दिक पटेल ने इंदिरा गांधी को तानाशाह करार दिया है, हार्दिक पटेल ने अपने ट्वीट में लिखा, 25 जून 1975 को देश पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा थोपा गया आपातकाल, संविधान को कुचलकर सत्ता पर कब्जे का कुटिल षड्यंत्र था। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को तानाशाही की काली कोठरी में ढकेल दिया गया था। आपातकाल का साहसिक विरोध करने वाले सभी वीरों को नमन करता हूँ।

आपको बता दें कि आपातकाल लगने के बाद 21 महीने नागरिक अधिकार छीन लिए गए, सत्‍ता के खिलाफ बोलना अपराध हो गया, विरोधी जेलों में ठूंस दिए गए। 12 जून 1975 के फैसले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि इंदिरा ने लोकसभा चुनाव में गलत तौर-तरीके अपनाए। दोषी करार दी गईं इंदिरा गांधी का चुनाव रद्द कर दिया गया। इसके बाद सत्‍ता जाने के डर से इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लगा दिया।

क्या बिना ठाकरे के हो जाएगी शिवसेना? 37 विधायकों के हस्ताक्षर वाली चिट्ठी भेज शिंदे ने ठोंका दावा

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महाराष्ट्र सरकार तो संकट में है ही लेकिन अब उद्धव ठाकरे का आधिपत्य भी खतरे में आ गया है, ऐसा लग रहा है कि अब बिना ठाकरे की शिवसेना हो जाएगी, जी हाँ! एकनाथ शिंदे ने 37 विधायकों के हस्ताक्षर का पत्र विधानसभा के उपाध्यक्ष, विधान सभा सेक्रेट्री और राजभवन को ई-मेल के जरिए भेज कर दावा किया है कि बाला साहब की शिवसेना उनकी है और उन्हें एकमत से विधायक दल का नेता चुना गया है. गुवाहाटी में शिवसेना के बागी विधायकों ने बैठक की जिसमें एकनाथ शिंदे को शिवसेना विधायक दल का नेता चुना, वहीं भरत गोगावाले को मुख्य सचेतक नियुक्त किया।

शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने कहा, हमने डिप्टी स्पीकर (महाराष्ट्र विधानसभा) के समक्ष याचिका दायर की है और मांग की है कि 12 विधायकों की सदस्यता रद्द कर दी जानी चाहिए क्योंकि वे कल की बैठक में शामिल नहीं हुए थे. सावंत को जवाब देते हुए शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदे ने कहा,  "आप अयोग्यता के लिए 12 विधायकों के नाम बताकर हमें डरा नहीं सकते क्योंकि हम शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के अनुयायी हैं। हम कानून जानते हैं, इसलिए हम धमकियों पर ध्यान नहीं देते हैं. 

कांग्रेस और NCP से गठबंधन तोड़ने के लिए तैयार हुई शिवसेना, बागी विधायकों के सामने रखी ये शर्त

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महाराष्ट्र की राजनीति में बीते 72 घंटे से तूफ़ान मचा हुआ है, इस सियासी तूफ़ान में उद्धव ठाकरे के हाथ से महाराष्ट्र की सत्ता फिसलती हुई दिखाई दे रही है, बालासाहेब की पाठशाला में पले-बढ़े शिवसैनिकों ने ही उद्धव ठाकरे के खिलाफ विद्रोह कर दिया। बागी विधायकों को एकजुट करने के लिए शिवसेना ने बड़ा ऐलान कर दिया है, शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा, बागी विधायक अगर मुंबई आकर अपनी बात रखें तो हम महाविकास अघाड़ी ( कांग्रेस-एनसीपी) गठबंधन छोड़ने के लिए तैयार हैं.

शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने कहा, विधायकों को गुवाहाटी से संवाद नहीं करना चाहिए, वे वापस मुंबई आएं और सीएम से इस पर चर्चा करें। हम सभी विधायकों की इच्छा होने पर एमवीए से बाहर निकलने पर विचार करने के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें यहां आना होगा और सीएम से चर्चा करनी होगी।

सीएम उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री आवास छोड़ने को लेकर संजय राउत ने कहा, उद्धव ठाकरे बहुत जल्द वर्षा बंगले में वापस आएंगे। गुवाहाटी में 21 विधायकों ने हमसे संपर्क किया है और जब वे मुंबई लौटेंगे, तो वे हमारे साथ आएंगे। हालाँकि संजय राऊत के इस दावे में कितना दम है ये तो आने वाला समय बताएगा लेकिन इस समय महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार मुश्किलों में दिखाई दे रही है.

उद्धव की अपील बेअसर, विधायकों के बाद अब आधा दर्जन से ज्यादा शिवसेना सांसद शिंदे के सम्पर्क में

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शिवसेना विधायकों के बाद अब शिवसेना के सांसदों की नाराजगी सामने आई है, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, शिवसेना के आधा दर्जन से ज्यादा सांसद एकनाथ शिंदे के सम्पर्क में हैं, ऐसी खबर है कि कुछ शिवसेना सांसद गुवाहाटी में एकनाथ शिंदे के पास ही मौजूद हैं. हालाँकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हो पायी है. अगर ऐसा हुआ तो शिवसेना बड़ी टूट की कगार पर खड़ी है. 

बताया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे का हिंदुत्व की विचारधारा से दूर होना और कार्यकर्ताओं की ना सुनना सांसद-विधायकों की बग़ावत की बड़ी वजह बन रहा है, उद्धव ठाकरे ने कल फेसबुक लाइव के जरिये शिवसेना से नाराज लोगों से अपील की थी कि जो परेशानी हो मुझे बताओ, मैं इस्तीफा देने के लिए तैयार हूँ, उद्धव की ये अपील बेअसर हो गई है, लगातार शिवसेना के विधायक गुवाहाटी एकनाथ शिंदे के पास पहुँच रहे हैं.

आपको बता दें कि महाराष्ट्र में ताजा सियासी हालात यह हैं कि उद्धव ठाकरे अपना सामान पैक करके मुख्यमंत्री आवास से निकलकर मातोश्री शिफ्ट हो चुके हैं वहीँ शिवसेना के कुछ और विधायक एकनाथ शिंदे के पास गुवाहाटी पहुँच गए हैं, फ़िलहाल अब उद्धव सरकार पर संकट के काले बादल चौतरफा मंडराने लगे हैं. 

अर्णब ने बताई 5 गलतियां, जिसके कारण सत्ता से हाथ धोने के कगार पर पहुंचे चुके हैं उद्धव ठाकरे

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महाराष्ट्र की राजनीति में बीते 72 घंटे से तूफ़ान मचा हुआ है, इस सियासी तूफ़ान में उद्धव ठाकरे के हाथ से महाराष्ट्र की सत्ता फिसलती हुई दिखाई दे रही है, बालासाहेब की पाठशाला में पले-बढ़े शिवसैनिकों ने ही उद्धव ठाकरे के खिलाफ विद्रोह कर दिया। लेकिन ऐसी स्थिति क्यों बनी? इसका कारण बताया है कि वरिष्ठ पत्रकार अर्णब गोस्वामी ने, अर्णब ने रिपब्लिक भारत पर अपने शो 'पूछता है भारत' में वो पांच गलतियाँ बताई जिसके कारण आज उद्धव ठाकरे के हाथ से सत्ता फिसल रही है. अर्णब ने कहा, उद्धव ठाकरे ने बीते ढाई सालों में बहुत सी गलतियाँ की, लेकिन पांच बड़ी गलतियाँ ऐसी हैं जिन्हें बताना बहुत जरुरी है.

अर्णब ने कहा कि उद्धव ठाकरे की पहली और सबसे बड़ी गलती यह है कि उन्होंने सत्ता के लिए हिंदुत्व की विचारधारा से समझौता किया। दूसरी गलती यह है कि पालघर में साधुओं के नरसंहार पर कड़ा एक्शन न लेना, अर्णब ने कहा, जब मैनें दो साल पहले पालघर में साधुओं के नरसंहार आवाज उठाई तो मेरे ऊपर एसिड अटैक हुआ था. लेकिन उद्धव ठाकरे ने कुछ नहीं किया। अर्णब ने कहा, उद्धव की तीसरी गलती यह है कि 'वाड्रा-कांग्रेस ने जब वीर सावरकर का खुलकर अपमान किया तब उद्धव ठाकरे खामोश रहे. कांग्रेस के खिलाफ शिवसेना का एक बयान तक नहीं आया. अर्णब ने कहा, वीर सावरकर का अपमान शिवसेना ने सत्ता के लिए सहन किया।

अर्णब ने गोस्वामी ने कहा, उद्धव ठाकरे की चौथी गलती यह है कि 'शिवसेना ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने का तो समर्थन किया लेकिन जब कांग्रेस ने 370 हटाए जाने का विरोध किया तब उद्धव ने चुप्पी साध ली, कुछ नहीं कहा, उनको लगा कुछ बोलेंगे तो सोनिया गांधी नाराज हो जाएंगी और कांग्रेस समर्थन वापस लेगी और सत्ता हाथ से चली जाएगी। अर्णब ने बताया कि उद्धव की पांचवी गलती यह है कि 'शाहीन बाग़ मॉडल के खिलाफ भी शिवसेना और उद्धव ठाकरे ने कुछ नहीं बोला। मुंबई में खुल्ला ऐलान हुआ कि देशभर में शाहीन बाग़ मॉडल लाएंगे लेकिन उद्धव ने कुछ नहीं कहा.

आपको बता दें कि महाराष्ट्र में ताजा सियासी हालात यह हैं कि उद्धव ठाकरे अपना सामान पैक करके मुख्यमंत्री आवास से निकलकर मातोश्री शिफ्ट हो चुके हैं वहीँ शिवसेना के कुछ और विधायक एकनाथ शिंदे के पास गुवाहाटी पहुँच गए हैं, फ़िलहाल अब उद्धव सरकार पर संकट के काले बादल चौतरफा मंडराने लगे हैं.

40 विधायकों के साथ गुवाहाटी पहुंचे एकनाथ शिंदे, बोले- बालासाहेब ठाकरे के हिंदुत्व को आगे बढ़ाएंगे

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महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री और शिवसेना के बागी एकनाथ शिंदे लगातार उद्धव सरकार की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं, शिंदे ने बुधवार को दावा किया कि उनके साथ शिवसेना के 40 विधायक हैं। शिंदे सभी विधायकों के साथ सूरत के बाद अब असम के गुवाहाटी में होटल रेसिडन ब्लू में शिफ्ट हो गए हैं, गुवाहाटी हवाई अड्डे पर पहुंचे शिंदे ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ बगावत करने के अपने फैसले के बाद पहली बार पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा, बालासाहेब ठाकरे के हिंदुत्व को आगे बढ़ाएंगे। शिवसेना विधायकों को लेकर एक चार्टर्ड फ्लाइट बुधवार तड़के गुवाहाटी पहुंची। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिवसेना के 2 और विधायक किसी भी वक्त गुवाहाटी पहुँच सकते हैं.

महाराष्ट्र के विधायकों को विशेष बसों में पुलिस सुरक्षा के साथ शहर के एक होटल में ले जाया जा रहा है. असम में वर्तमान में भाजपा की सरकार है।  सोमवार  देर रात, शिंदे शिवसेना के कई विधायकों के साथ मुंबई से निकले थे और गुजरात के सूरत शहर के एक होटल में रुके थे। बीजेपी नेताओं से बातचीत के बाद उन्होंने गुवाहाटी शिफ्ट होने का फैसला किया।

गुवाहाटी हवाई अड्डे के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए, शिंदे ने कहा, “यहां 40 विधायक मेरे साथ हैं। अतिरिक्त 10 विधायक जल्द ही मेरे साथ जुड़ेंगे। मैं किसी की आलोचना नहीं करना चाहता। हम दिवंगत बालासाहेब ठाकरे द्वारा स्थापित शिवसेना को जारी रखने के इच्छुक हैं। महाराष्ट्र विधानसभा में शिवसेना के 56 विधायक हैं, जिसने 2019 के विधानसभा चुनावों के बाद एनसीपी और कांग्रेस के साथ हाथ मिलाया है और भाजपा के साथ गठबंधन तोड़कर सरकार बनाई है।


एकनाथ शिंदे मानने को तैयार नहीं, बोले- मेरे साथ 35 विधायक हैं, उद्धव के सामने रखी ये शर्त?

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कैबिनेट मंत्री और शिवसेना के वरिष्ठ नेता एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद अब महाराष्ट्र सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं, शिवसेना द्वारा शिंदे को मनाने की कोशिश लगातार जारी है लेकिन वो मानने को तैयार नहीं हैं, एकनाथ शिंदे इस समय 26 विधायकों और 3 मंत्रियों के साथ सूरत के एक होटल में हैं, दोपहर तक सीएम उद्धव ठाकरे समेत शिवसेना के तमाम नेता उनसे सम्पर्क साधने की कोशिश कर रहे थे लेकिन उनका फोन unreachable बता रहा था.

एकनाथ शिंदे को मनाने के लिए शिवसेना नेता मिलिंद नार्वेकर जो कि उद्धव ठाकरे के बेहद करीबी हैं, को सूरत भेजा गया, उन्होंने होटल में शिंदे को मनाने की भरपूर कोशिश की लेकिन वो मानने को तैयार नहीं है, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एकनाथ शिंदे से मिलिंद नार्वेकर ने ना सिर्फ उद्धव ठाकरे बल्कि उनकी पत्नी रश्मि ठाकरे की भी फोन पर बात कराई। दोनों ने ही एकनाथ शिंदे को मनाने की पूरी कोशिश की और वापस लौटने को कहा लेकिन शिंदे मानने को तैयार नहीं।

खबर मिल रही है कि एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे के सामने शर्त रखी है कि अगर भाजपा से गठबंधन कर लें तो वह वापस लौट आएंगे। इसके अलावा शिंदे ने दावा किया है कि उनके साथ 26 नहीं बल्कि 35 विधायक हैं. आपको बता दें कि एकनाथ शिंदे शिवसेना विधायक दल के नेता भी थे, लेकिन बगावत के बाद शिवसेना ने उन्हें इस पद से हटा दिया। शिंदे को पद से हटाने वाली चिट्ठी में सिर्फ़ ‘22 विधायकों’ के हस्ताक्षर हैं, यानि इस समय गेंद शिंदे के पाले में है, कुछ भी हो सकता है. अब देखना यह दिलचस्प होगा कि क्या वह शिवसेना के साथ ही रहेंगे या कोई बड़ा खेला करेंगे?

गिर सकती है महाराष्ट्र सरकार, एक दर्जन विधायक के साथ उद्धव ठाकरे के मंत्री एकनाथ शिंदे गायब!

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महाराष्ट्र सरकार पर संकट के काले बादल मंडराने लगे हैं,  MLC चुनाव में झटके के बाद अब मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के कुछ विधायकों ने बगावत कर दी है, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार में कैबिनेट मंत्री एकनाथ शिंदे लगभग एक दर्जन विधायक लेकर किसी अज्ञात जगह पर हैं, अगर इन विधायकों ने बगावत कर दी तो महाराष्ट्र सरकार गिरना तय है, भाजपा का दावा है कि महाराष्ट्र सरकार 32 विधायक टूटने वाले हैं। आनन-फानन में सीएम उद्धव ठाकरे ने आज दोपहर 12 बजे सभी विधायकों की बैठक बुलाई है. सीएम उद्धव ठाकरे बागी विधायकों से लगातार सम्पर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन सभी का फोन नॉट रिचेबल बता रहा है.

सूत्रों के हवाले से एनडीटीवी ने दावा किया है कि शिवसेना नेता और कैबिनेट मंत्री एकनाथ शिंदे नाराज हैं और लगभग एक दर्जन विधायक लेकर सूरत के किसी होटल में टिके हैं. यह भी जानकारी मिली है कि एकनाथ शिंदे दोपहर में प्रेस-कॉन्फ्रेंस करके अपने अगले कदम की घोषणा कर सकते हैं, यानि दोपहर बाद कन्फर्म हो जाएगा कि उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री रहेंगे या नहीं।

मंत्री एकनाथ शिंदे ठाणे में एक प्रमुख शिव सेना नेता हैं, उन्होंने इस क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शिंदे को 2014 में महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में नामित किया गया था, जब शिवसेना-भाजपा गठबंधन टूटा और महा विकास अघाड़ी सरकार बनी, तो उन्हें शहरी विकास और लोक निर्माण कैबिनेट मंत्री बनाया गया.

4 साल बाद रिटायर होने वाले अग्निवीरों को हरियाणा सरकार में मिलेगी नौकरी, CM खटटर ने ली गारंटी

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भारतीय सशस्त्र सवाल बलों में चार साल की भर्ती के लिए केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहा है, लोगों के मन में एक ही सवाल उठ रहा है कि 4 साल देश की सेवा कर रिटायर होने वाले अग्निवीर क्या करेंगे? क्या 4 साल बाद बेरोजगार हो जाएंगे? ऐसे उठ रहे तमाम सवालों के बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खटटर ने घोषणा की है कि अग्निवीरों को हरियाणा सरकार में गारंटी के साथ नौकरी मिलेगी।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खटटर ने अपने ट्वीट में लिखा, मैं घोषणा करता हूँ कि 'अग्निपथ योजना' के तहत 4 वर्ष देश की सेवा करने के बाद वापिस आने वाले अग्निवीरों को गारंटी के साथ हरियाणा सरकार में नौकरी दी जाएगी। सीएम खटटर के इस ऐलान के बाद अग्निवीर बनने का सपना देख रहे हरियाणा के युवाओं को जरूर ख़ुशी मिली होगी। हालाँकि अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती होने वाले सभी अग्निवीरों को 4 साल बाद रिटायर नहीं किया जाएगा। 25% अग्निवीरों को सेवा विस्तार मिलेगा।

आपको बता दें कि देशभर में 'अग्निपथ योजना' के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच भारतीय सेना ने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीर भर्ती रैली के लिए अधिसूचना जारी कर दिया है। इस अधिसूचना में भर्ती रैली के लिए सभी जरूरी जानकारी दी गई है। भारतीय सेना द्वारा जारी की गई अधिसूचना को https://joinindianarmy.nic.in वेबसाइट पर देखा जा सकता है.

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के आरोपी का बड़ा खुलासा, करण जौहर भी थे लारेंस बिश्नोई गैंग की रडार पर

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सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के एक आरोपी सौरभ महाकाल ने दावा किया है कि फिल्म निर्माता करण जौहर भी लॉरेंस बिश्नोई के गिरोह के रडार पर थे। इस दावे की पुलिस अभी तक पुष्टि नहीं कर पाई है। इण्डिया टुडे के मुताबिक़, एक अधिकारी ने कहा, "महाकाल ने दावा किया है कि करण जौहर से 5 करोड़ रुपये उगाही करने की योजना थी, लेकिन यह संभव है कि महाकाल सिर्फ पुलिस को गुमराह कर रहा हो।

इससे पहले महाकाल ने कहा था कि सलमान खान को धमकी देने के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गैंग का हाथ है। आरोपियों ने दावा किया था कि ये तीन लोग राजस्थान के थे और पालघर की एक फैक्ट्री में काम करते थे, और धमकी पत्र देने के लिए मुंबई आए थे। सौरभ महाकाल को पिछले हफ्ते पुणे क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था। सलमान खान धमकी मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की एक टीम ने महाकाल से पूछताछ की थी। महाकाल सिद्धू मूस वाला हत्याकांड के भी आरोपियों में से एक है।


प्रगति मैदान एकीकृत ट्रांजिट कॉरिडोर परियोजना का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन, जनता को होगा लाभ

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार 19 जून, 2022 को सुबह 10:30 बजे प्रगति मैदान एकीकृत ट्रांजिट कॉरिडोर परियोजना की मुख्य सुरंग और पांच अंडरपास राष्ट्र को समर्पित कर दिया। यह एकीकृत ट्रांजिट कॉरिडोर परियोजना प्रगति मैदान पुनर्विकास परियोजना का एक अभिन्न अंग है।

पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित इस प्रगति मैदान इंटीग्रेटेड ट्रांजिट कॉरिडोर परियोजना को 920 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया गया है। इसका उद्देश्य प्रगति मैदान में विकसित किए जा रहे नए विश्व स्तरीय प्रदर्शनी और कन्वेंशन सेंटर तक परेशानी मुक्त और सुगम पहुंच प्रदान करना है,जिससे प्रगति मैदान में होने वाले कार्यक्रमों में प्रदर्शकों और आगंतुकों की आसानी से भागीदारी हो सके।

हालांकि इस परियोजना का प्रभाव प्रगति मैदान से बहुत आगे का होगा क्योंकि यह वाहनों की परेशानी मुक्त आवाजाही सुनिश्चित करेगा और जिससे यात्रियों के समय और आवाजाही पर आने वाली लागत को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी। यह शहरी बुनियादी ढांचे को बदलने के माध्यम से लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए सरकार की व्यापक दृष्टि का हिस्सा है।

मुख्य सुरंग प्रगति मैदान से गुजरने वाली पुराना किला रोड के माध्यम से रिंग रोड को इंडिया गेट से जोड़ती है। छह लेन में इस विभाजित सुरंग के कई उद्देश्य हैं, जिसमें प्रगति मैदान की विशाल बेसमेंट पार्किंग तक पहुंच शामिल है। इस सुरंग का एक अनूठा घटक यह है कि पार्किंग स्थल के दोनों ओर से यातायात की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए मुख्य सुरंग सड़क के नीचे दो क्रॉस सुरंगों का निर्माण किया गया है। यह सुरंग स्मार्ट फायर प्रबंधन, आधुनिक वेंटिलेशन और स्वचालित जल निकासी, डिजिटल रूप से नियंत्रित सीसीटीवी और सार्वजनिक घोषणा प्रणाली जैसे यातायात की सुचारू आवाजाही के लिए नवीनतम वैश्विक मानक सुविधाओं से लैस है। लंबे समय से प्रतीक्षित यह सुरंग भैरों मार्ग के लिए एक वैकल्पिक मार्ग के रूप में काम करेगी जिस पर इस समय जो अपनी वहन क्षमता बहुत अधिक दवाब बना हुआ है और इससे भैरों मार्ग पर चलने वाले  आधे से अधिक यातायात भार के कम हो जाने की उम्मीद है। इस सुरंग के साथ-साथ छह अंडरपास भी होंगे जिसमे चार मथुरा रोड पर, एक भैरों मार्ग पर तथा एक रिंग रोड और भैरों मार्ग के चौराहे पर होगा ।

मेजर गौरव आर्या ने किया शांतिपूर्ण प्रदर्शन का समर्थन, बोले- उपद्रव करने वालों के घर का पता बुलडोजर को...

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भारतीय सशस्त्र बलों में चार साल की भर्ती के लिए केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहा है, हालाँकि अब ये प्रदर्शन काफी हिंसक हो चुका है, जिससे अब इनका समर्थन करने वाले भी पाँव खींच रहे हैं, मेजर ( रिटायर्ड ) गौरव आर्या ने ट्वीट कर कहा कि 'शांतिपूर्ण प्रदर्शन का हम समर्थन करते हैं और जो राष्ट्र की सम्पत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं, उनके घर का पता शीघ्र बुलडोजर को चल जाय.

मेजर ( रिटायर्ड ) गौरव आर्या ने अपने ट्वीट में लिखा, अगर आप अग्निपथ योजना से संतुष्ट नहीं पर अपना विरोध शांतिपूर्वक तरीक़े से कर रहे हैं, मैं आपका सम्मान करता हूँ और आपके साथ खड़ा हूँ। जो ट्रेन फूंक रहे हैं और राज्य की सम्पति नष्ट कर रहे हैं मैं कामना करता हूँ कि बुल्डोज़र को शीघ्र आपके घर का पता चल जाए।

फ़ौज में जाने वाले भाइयों से अपील करते हुए मेजर गौरव आर्या ने कहा, जो राजनीतिक पार्टियों के लीडर आपको दंगे के लिए भड़का रहे हैं उन से एक बार ज़रूर पूछना कि साहब क्या आपका बेटा भी फ़ौज में भरती होगा? आपको बता दें कि इससे पहले गौरव आर्या अग्निपथ योजना पर चिंता व्यक्त कर चुके हैं, उन्होंने कहा था कि 'जो 18 साल की आयु में देश की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी ले सकता है, देश को उसके भविष्य की ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए। चार साल के बाद वो सैनिक क्या करेगा, मेरे लिए चिंता का विषय यह है।

8 साल से किसान-जवान का अपमान कर रही भाजपा, 'अग्निपथ योजना' को वापस लेना ही होगा: राहुल गाँधी

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भारतीय सशस्त्र बलों में चार साल की भर्ती के लिए केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहा है, इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि अग्निपथ योजना को वापस लेना ही होगा, उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार 8 सालों से किसानों और जवानों का अपमान कर रही है, उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, जैसे कृषि कानून वापस हुआ, वैसे ही  'अग्निपथ योजना' को वापस लेना ही होगा।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा, 8 सालों से लगातार भाजपा सरकार ने ‘जय जवान, जय किसान' के मूल्यों का अपमान किया है। मैंने पहले भी कहा था कि प्रधानमंत्री जी को काले कृषि कानून वापस लेने पड़ेंगे। ठीक उसी तरह उन्हें ‘माफ़ीवीर' बनकर देश के युवाओं की बात माननी पड़ेगी और 'अग्निपथ' को वापस लेना ही पड़ेगा।

उल्लेखनीय है कि अग्निपथ योजना के विरोध में दो-तीन दिनों से देश के कई राज्यों में हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहा है, अबतक प्रदर्शनकारियों ने दर्जनों ट्रेनें और उनके इंजन फूंक दिए हैं, रेलवे को अबतक 500 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है, अग्निपथ योजना का विरोध के बीच गृहमंत्रालय ने ऐलान किया है कि अग्निवीरों को CAPF और असम राइफल्स में 10 परशेंट आरक्षण दिया जाएगा।

सेना की तैयारी कर रहे नौजवान ने की आत्मह'त्या, पिता ने अग्निपथ योजना को बताया कारण

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भारतीय सशस्त्र बलों में चार साल की भर्ती के लिए केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहा है, इसी बीच ओडिशा से एक दुःखद खबर सामने आई है, सेना में शामिल होने की तैयारी कर रहे एक नौजवान ने आत्महत्या कर ली, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतक युवक के पिता ने अग्निपथ योजना को आत्महत्या का कारण बताया है. मृतक की पहचान बालासोर में दयानिधिपुर गांव के धनंजय मोहंती के रूप में हुई है.

Omm comnews की खबर के मुताबिक़, धनंजय मोहंती ने सेना में भर्ती के लिए लगभग 1.5 साल पहले ही अपना मेडिकल और फिजिकल टेस्ट पास कर लिया था, ने 'अग्निपथ' योजना की शुरुआत के बाद आत्महत्या कर ली। युवक ने अगस्त 2021 में अपनी मेडिकल परीक्षा पास कर ली थी और वह लिखित परीक्षा की तैयारी कर रहा था। 

Odisha bytes के मुताबिक, उनके परिवार ने आरोप लगाया कि 'अग्निपथ' योजना की घोषणा के बाद सेना ने लिखित परीक्षा रद्द कर दी, जिसके कारण उन्होंने यह कदम उठाया। धनजय का मानना ​​​​था कि वह सेना में शामिल नहीं हो पाएगा इसलिए उसने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

आत्महत्या करने से पहले, उसने अपने छोटे भाई को 'सॉरी' कहते हुए एक संदेश भेजा और अपने फोन पे अकाउंट का डिटेल्स साझा किया। धनंजय ने यह भी कहा कि अब उनके माता-पिता की जिम्मेदारी उनके दो भाइयों पर है। उनकी मृत्यु के बाद, धनंजय के पिता रजनीकांत और मां सुमति ने उनकी किडनी और आंखें दान करने का अनुरोध किया है।

चाहे जितना ट्रेन फूंक लें उपद्रवी, सिलेंडर और पेट्रोल का दाम बढ़ाकर भरपाई कर लेगी सरकार

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भारतीय सशस्त्र बलों में चार साल की भर्ती के लिए केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन अब हिंसक हो चुका है, विरोध प्रदर्शन की आड़ में उपद्रवी राष्ट्र की सम्पत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं, कहीं ट्रेन फूंक रहे हैं तो कहीं बस में आग लगा रहे हैं, कहीं स्टेशनों पर लूटपाट कर रहे हैं. ऐसा करके उपद्रवी सोंच रहे हैं कि वो सरकार को नुकसान पहुंचा रहे हैं, लेकिन शायद ये उपद्रवी भूल रहे हैं कि सरकार जनता के पैसों से ही इसकी भरपाई की जाएगी।

जानकारी के अनुसार, बिहार में उपद्रवियों ने आज पूर्व मध्य रेलवे की 60 से ज़्यादा बोगियाँ और 10 इंजन को आग के हवाले कर दिए. आज 200 से ज़्यादा ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं. इसके अलावा तेलंगाना में भी उपद्रवियों ने कई ट्रेनें फूंक दी, यूपी के बलिया में भी एक ट्रेन जला दी गई उपद्रवियों द्वारा। एक आंकड़े के मुताबिक़, उपद्रवियों ने आज लगभग साढ़े तीन सौ करोड़ का नुकसान किया है.

आपको बता दें कि सरकार के पास नुकसान की भरपाई के कई तरीके हैं, हालाँकि तरीके चाहे जो अपनाएं लेकिन पैसा पब्लिक का ही जाएगा। नुकसान की भरपाई के लिए अगर सरकार 2 रूपये भी पेट्रोल का दाम बढ़ा दे तो कुछ दिन में भरपाई हो जाएगी, डीजल-पेट्रोल के साथ अगर सरकार सिलेंडर के दाम में भी महज 20 रूपये वृद्धि कर दे तो दो-तीन में ही नुकसान की भरपाई हो जाएगी, लेकिन इसका बोझ पब्लिक पर पड़ेगा, राष्ट्र की सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाए उपद्रवी और नुकसान झेले आम जनता, सरकार का कुछ नहीं नुकसान होगा।