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उदयपुर की घटना पर एक्शन में गृहमंत्रालय, NIA को जांच अपने हाथ में लेने का दिया निर्देश

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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को कन्हैया लाल की नृशंस हत्या की जांच अपने हाथ में लेने का निर्देश दिया। दो मुस्लिम कटटरपंथियों ने मंगलवार को गला काटकर कन्हैया लाल की ह्त्या कर दी, उनका कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में एक सोशल मीडिया पोस्ट किया था, कन्हैया का गला काटने वाले दोनों आरोपियों रियाज अख्तर और गौस मोहम्मद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

गृह मंत्रालय कार्यालय की ओर से ट्वीट कर जानकारी दी गई कि राजस्थान के उदयपुर में हुई कन्हैया लाल तेली की नृशंस हत्या की जांच को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को अपने हाथ में लेने का निर्देश दिया है। किसी भी संगठन की संलिप्तता और अंतरराष्ट्रीय संपर्क की गहन जांच की जाएगी।

उदयपुर में हुई दिल दहला देने वाली घटना के बाद पूरे देश में गुस्से का माहौल है, इंटरनेट को बंद कर दिया गया है और जिले में धारा 144 लगा दी गई है. कन्हैया की ह्त्या को केंद्र सरकार आतंकी घटना मान रही है और जांच के लिए एनआईए टीम को उदयपुर भेज दिया गया है, हत्या के तौर-तरीकों से आशंका जताई जा रही है कि हत्यारों के सम्बन्ध ISIS से हो सकते हैं. 

कन्हैया लाल की गला काटकर ह्त्या करने के बाद हत्यारों ने दो वीडियो जारी किये, एक वीडियो में वह ह्त्या करते हुए दिखाई दे रहे थे जबकि दूसरे वीडियो में कहा कि हमें एक व्यक्ति का सर काट दिया है, यही नहीं हत्यारों ने पीएम मोदी को भी धमकी दी.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, इस घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है, आरोपियों के क्या इरादे थे, उनके किससे लिंक थे राष्ट्रीय-अंतराष्ट्रीय स्तर पर, इन सभी बातों का खुलासा होगा। उदयपुर के एसपी मनोज कुमार ने कहा, अपराधी की कोई जाति नहीं होती है। जिसने भी अपराध किया है उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। मैं सभी से कानून में विश्वास रखने की अपील करता हूं। कानून व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है। हत्या के बाद कोई घटना नहीं हुई है और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है.

NIA से कराई जाय उदयपुर घटना की जांच, कांग्रेस आतंकियों को पालने वाली सरकार है: AAP विधायक

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राजस्थान के उदयपुर में कल दोपहर समुदाय विशेष के दो लोगों ने कन्हैयालाल नाम के एक टेलर की गला काटकर ह्त्या कर दी, इस घटना के बाद पूरे देश में गुस्से का माहौल है, कन्हैया का कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने नूपुर शर्मा के समर्थन में एक सोशल मीडिया पोस्ट किया था, जिसके बाद कटटरपंथियों ने उनकी गला काटकर ह्त्या कर दी. उदयपुर में हुई इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार से मांग की है कि इस मामलें की जांच NIA से कराई जाय, आप विधायक नरेश बाल्यान ने कहा, कांग्रेस आतंकियों को पालने वाली सरकार है.

'आम आदमी पार्टी' के विधायक और दिल्ली जल बोर्ड के सदस्य नरेश बाल्यान ने अपने ट्वीट में लिखा, उदयपुर घटना की जाँच केंद्रीय एजेंसी NIA से करवाया जाये। कोंग्रेस वैसे भी आतंकियों को पालने वाली सरकार है। इसके कोई दो राय नही की बॉर्डर राज्य होने के कारण ये आतंकी साँठ-गाँठ हो। बार-बार राजस्थान में दंगे हो रहे हैं। केंद्र सरकार NIA से इसकी जाँच करवाये।

एक अन्य ट्वीट में बाल्यान ने राज्य की  गहलोत सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा, राजस्थान में आतंकी लोगों का गला काट कर हत्या कर रहे है और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं। क़ानून व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा, ऐसा क्या कारण है कि अशोक गहलोत जी कि एक साल में राजस्थान में सैकड़ों दंगे हुए हैं? राजस्थान की जनता को किस बात की सजा मिल रही है?

आपको बता दें कि कन्हैयालाल की ह्त्या करने वाले दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, सूत्रों के मुताबिक, गृहमंत्रालय के आदेश पर NIA की एक टीम कल शाम को ही उदयपुर के लिए रवाना हो गई.

ब्रेकिंग: राहुल भी जाएंगे गुवाहाटी, शिंदे गुट में होंगे शामिल

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महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं, रोजाना बागी विधायकों की संख्या बढ़ रही है, शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता संजय राऊत धमकी भी दे रहे हैं इसके बावजूद शिवसेना के विधायक शिन्दे गुट में शामिल होने के लिए गुवाहाटी जा रहे हैं. अब खबर मिल रही है कि शिवसेना के विधायक राहुल पाटिल भी आज रात तक गुवाहाटी में एकनाथ शिंदे कैंप से जुड़ सकते हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, परभणी के शिवसेना विधायक राहुल पाटिल 2 दिन से ग़ायब थे और पुलिस भी उनको ढूंढ रही थी। लेकिन अब खबर आ रही है कि शिंदे गुट में शामिल होने के लिए पहले वह सूरत गए, वहां से गुवाहाटी जाएंगे जहाँ होटल रेडिसन ब्लू में एकनाथ शिंदे बागी विधायकों के साथ टिके हैं, अगर राहुल पाटिल जुड़ते हैं तो शिंदे गुट के बागी विधायकों की संख्या 40 हो जाएगी ऐसा दावा है सिंदे गुट का. 

 शिवसेना के कुल 55 विधायक हैं, लेकिन अब शिंदे का दावा है कि उनके साथ 39 विधायक हैं, दल-बदल कानून से बचने के लिए शिंदे को 37 विधायकों की जरूरत थी लेकिन उनके दावे के अनुसार, 39 विधायक हैं, जल्द ही ये संख्या 40 हो सकती है. 

रामपुर और आजमगढ़ में भगवा लहराने के बाद CM योगी ने विश्वनाथन के साथ लिया नई चालों का आनंद

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राजनैतिक रूप से रामपुर और आजमगढ़ समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता था, लेकिन लोकसभा उपचुनाव में भाजपा ने सपा के दोनों गढ़ को ध्वस्त कर दिया और दिनेश लाल यादव उर्फ़ निरहुआ ने भगवा लहरा दिया। रामपुर और आजमगढ़ में भाजपा की विजय के बाद कल यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ओलम्पियाड विश्वनाथन आनंद के साथ शतरंज खेलते हुए नई चालों का आनंद लिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को विधानसभा के सामने एक समारोह के दौरान महान चेस खिलाडी विश्वनाथन आनंद को अपनी आगे की यात्रा के लिए पहली बार शतरंज ओलंपियाड मशाल रिले सौंपी। विश्वनाथन के साथ शतरंज खेलते हुए सीएम योगी ने कहा, “यह हमारे लिए बहुत गर्व की बात है कि राज्य के विभिन्न शहरों में शतरंज ओलंपियाड मशाल रिले हो रही है। हमें इस बात पर गर्व है कि इस खेल का जन्म अपने जन्मस्थान से हुआ है और इसने पूरी दुनिया में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। हम शतरंज को उसके जन्मस्थान पर लौटते हुए और शतरंज ओलंपियाड के रूप में अपनी सफलता का जश्न मनाते हुए देखकर प्रसन्न हैं। "यह न केवल भारत के लिए बल्कि शतरंज के लिए भी सम्मान की बात है," सीएम ने कहा, "शतरंज न केवल किसी के धैर्य और ध्यान की परीक्षा लेता है, बल्कि जीवन में सही निर्णय लेने में भी मदद करता है।

योगी ने कहा कि शतरंज सिर्फ एक खेल नहीं है, बल्कि अब एक शैक्षिक उपकरण बन गया है। "महाभारत में शतरंज का खेल बहुत अधिक था, और मुझे यकीन है कि शतरंज ओलंपियाड के आयोजन से भारत की खेल छवि और आगे बढ़ेगी। आपको बता दें कि चेन्नई के महाबलीपुरम में 28 जुलाई से 10 अगस्त तक शतरंज ओलंपियाड का 44 वां संस्करण होगा।


नवनीत राणा ने की राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग, बोलीं- उद्धव ठाकरे की गुंडागर्दी खत्म हो

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महाराष्ट्र में चल रहे सियासी घटनाक्रम के बीच सांसद नवनीत राणा ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है, इसके अलावा उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से अपील की है कि जो विधायक शिवसेना से बगावत किये हैं, उनके परिवारों को सुरक्षा दी जाय, गौरतलब है कि संजय राउत लगातार बागी विधायकों को धमकी दे रहे हैं.

महाराष्ट्र के अमरावती से सांसद नवनीत राणा ने कहा, मैं अमित शाह से उन विधायक के परिवारों को सुरक्षा प्रदान करने का अनुरोध करती हूं जो उद्धव ठाकरे को छोड़कर बालासाहेब की विचारधारा से जुड़े रहकर अपने निर्णय ले रहे हैं। उद्धव ठाकरे की गुंडागर्दी खत्म हो, मैं राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने का अनुरोध करती हूं.

उल्लेखनीय है कि शिवसेना के वरिष्ठ नेता एकनाथ शिंदे समेत पार्टी के लगभग 40 विधायक बगावत कर दिए हैं, ये सभी बागी विधायक असम के गुवाहाटी में टिके हैं और ठाकरे सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री आवास छोड़कर अपने घर मातोश्री जा चुके हैं, शिवसेना नेता संजय राउत लगातार बागी विधायकों को धमकी दे रहे हैं, शिवसेना के कार्यकर्ता बागी विधायकों के घरों पर तोड़फोड़ कर रहे हैं.

क्या बिना ठाकरे के हो जाएगी शिवसेना? 37 विधायकों के हस्ताक्षर वाली चिट्ठी भेज शिंदे ने ठोंका दावा

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महाराष्ट्र सरकार तो संकट में है ही लेकिन अब उद्धव ठाकरे का आधिपत्य भी खतरे में आ गया है, ऐसा लग रहा है कि अब बिना ठाकरे की शिवसेना हो जाएगी, जी हाँ! एकनाथ शिंदे ने 37 विधायकों के हस्ताक्षर का पत्र विधानसभा के उपाध्यक्ष, विधान सभा सेक्रेट्री और राजभवन को ई-मेल के जरिए भेज कर दावा किया है कि बाला साहब की शिवसेना उनकी है और उन्हें एकमत से विधायक दल का नेता चुना गया है. गुवाहाटी में शिवसेना के बागी विधायकों ने बैठक की जिसमें एकनाथ शिंदे को शिवसेना विधायक दल का नेता चुना, वहीं भरत गोगावाले को मुख्य सचेतक नियुक्त किया।

शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने कहा, हमने डिप्टी स्पीकर (महाराष्ट्र विधानसभा) के समक्ष याचिका दायर की है और मांग की है कि 12 विधायकों की सदस्यता रद्द कर दी जानी चाहिए क्योंकि वे कल की बैठक में शामिल नहीं हुए थे. सावंत को जवाब देते हुए शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदे ने कहा,  "आप अयोग्यता के लिए 12 विधायकों के नाम बताकर हमें डरा नहीं सकते क्योंकि हम शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के अनुयायी हैं। हम कानून जानते हैं, इसलिए हम धमकियों पर ध्यान नहीं देते हैं. 

कांग्रेस और NCP से गठबंधन तोड़ने के लिए तैयार हुई शिवसेना, बागी विधायकों के सामने रखी ये शर्त

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महाराष्ट्र की राजनीति में बीते 72 घंटे से तूफ़ान मचा हुआ है, इस सियासी तूफ़ान में उद्धव ठाकरे के हाथ से महाराष्ट्र की सत्ता फिसलती हुई दिखाई दे रही है, बालासाहेब की पाठशाला में पले-बढ़े शिवसैनिकों ने ही उद्धव ठाकरे के खिलाफ विद्रोह कर दिया। बागी विधायकों को एकजुट करने के लिए शिवसेना ने बड़ा ऐलान कर दिया है, शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा, बागी विधायक अगर मुंबई आकर अपनी बात रखें तो हम महाविकास अघाड़ी ( कांग्रेस-एनसीपी) गठबंधन छोड़ने के लिए तैयार हैं.

शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने कहा, विधायकों को गुवाहाटी से संवाद नहीं करना चाहिए, वे वापस मुंबई आएं और सीएम से इस पर चर्चा करें। हम सभी विधायकों की इच्छा होने पर एमवीए से बाहर निकलने पर विचार करने के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें यहां आना होगा और सीएम से चर्चा करनी होगी।

सीएम उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री आवास छोड़ने को लेकर संजय राउत ने कहा, उद्धव ठाकरे बहुत जल्द वर्षा बंगले में वापस आएंगे। गुवाहाटी में 21 विधायकों ने हमसे संपर्क किया है और जब वे मुंबई लौटेंगे, तो वे हमारे साथ आएंगे। हालाँकि संजय राऊत के इस दावे में कितना दम है ये तो आने वाला समय बताएगा लेकिन इस समय महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार मुश्किलों में दिखाई दे रही है.

उद्धव की अपील बेअसर, विधायकों के बाद अब आधा दर्जन से ज्यादा शिवसेना सांसद शिंदे के सम्पर्क में

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शिवसेना विधायकों के बाद अब शिवसेना के सांसदों की नाराजगी सामने आई है, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, शिवसेना के आधा दर्जन से ज्यादा सांसद एकनाथ शिंदे के सम्पर्क में हैं, ऐसी खबर है कि कुछ शिवसेना सांसद गुवाहाटी में एकनाथ शिंदे के पास ही मौजूद हैं. हालाँकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हो पायी है. अगर ऐसा हुआ तो शिवसेना बड़ी टूट की कगार पर खड़ी है. 

बताया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे का हिंदुत्व की विचारधारा से दूर होना और कार्यकर्ताओं की ना सुनना सांसद-विधायकों की बग़ावत की बड़ी वजह बन रहा है, उद्धव ठाकरे ने कल फेसबुक लाइव के जरिये शिवसेना से नाराज लोगों से अपील की थी कि जो परेशानी हो मुझे बताओ, मैं इस्तीफा देने के लिए तैयार हूँ, उद्धव की ये अपील बेअसर हो गई है, लगातार शिवसेना के विधायक गुवाहाटी एकनाथ शिंदे के पास पहुँच रहे हैं.

आपको बता दें कि महाराष्ट्र में ताजा सियासी हालात यह हैं कि उद्धव ठाकरे अपना सामान पैक करके मुख्यमंत्री आवास से निकलकर मातोश्री शिफ्ट हो चुके हैं वहीँ शिवसेना के कुछ और विधायक एकनाथ शिंदे के पास गुवाहाटी पहुँच गए हैं, फ़िलहाल अब उद्धव सरकार पर संकट के काले बादल चौतरफा मंडराने लगे हैं. 

अर्णब ने बताई 5 गलतियां, जिसके कारण सत्ता से हाथ धोने के कगार पर पहुंचे चुके हैं उद्धव ठाकरे

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महाराष्ट्र की राजनीति में बीते 72 घंटे से तूफ़ान मचा हुआ है, इस सियासी तूफ़ान में उद्धव ठाकरे के हाथ से महाराष्ट्र की सत्ता फिसलती हुई दिखाई दे रही है, बालासाहेब की पाठशाला में पले-बढ़े शिवसैनिकों ने ही उद्धव ठाकरे के खिलाफ विद्रोह कर दिया। लेकिन ऐसी स्थिति क्यों बनी? इसका कारण बताया है कि वरिष्ठ पत्रकार अर्णब गोस्वामी ने, अर्णब ने रिपब्लिक भारत पर अपने शो 'पूछता है भारत' में वो पांच गलतियाँ बताई जिसके कारण आज उद्धव ठाकरे के हाथ से सत्ता फिसल रही है. अर्णब ने कहा, उद्धव ठाकरे ने बीते ढाई सालों में बहुत सी गलतियाँ की, लेकिन पांच बड़ी गलतियाँ ऐसी हैं जिन्हें बताना बहुत जरुरी है.

अर्णब ने कहा कि उद्धव ठाकरे की पहली और सबसे बड़ी गलती यह है कि उन्होंने सत्ता के लिए हिंदुत्व की विचारधारा से समझौता किया। दूसरी गलती यह है कि पालघर में साधुओं के नरसंहार पर कड़ा एक्शन न लेना, अर्णब ने कहा, जब मैनें दो साल पहले पालघर में साधुओं के नरसंहार आवाज उठाई तो मेरे ऊपर एसिड अटैक हुआ था. लेकिन उद्धव ठाकरे ने कुछ नहीं किया। अर्णब ने कहा, उद्धव की तीसरी गलती यह है कि 'वाड्रा-कांग्रेस ने जब वीर सावरकर का खुलकर अपमान किया तब उद्धव ठाकरे खामोश रहे. कांग्रेस के खिलाफ शिवसेना का एक बयान तक नहीं आया. अर्णब ने कहा, वीर सावरकर का अपमान शिवसेना ने सत्ता के लिए सहन किया।

अर्णब ने गोस्वामी ने कहा, उद्धव ठाकरे की चौथी गलती यह है कि 'शिवसेना ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने का तो समर्थन किया लेकिन जब कांग्रेस ने 370 हटाए जाने का विरोध किया तब उद्धव ने चुप्पी साध ली, कुछ नहीं कहा, उनको लगा कुछ बोलेंगे तो सोनिया गांधी नाराज हो जाएंगी और कांग्रेस समर्थन वापस लेगी और सत्ता हाथ से चली जाएगी। अर्णब ने बताया कि उद्धव की पांचवी गलती यह है कि 'शाहीन बाग़ मॉडल के खिलाफ भी शिवसेना और उद्धव ठाकरे ने कुछ नहीं बोला। मुंबई में खुल्ला ऐलान हुआ कि देशभर में शाहीन बाग़ मॉडल लाएंगे लेकिन उद्धव ने कुछ नहीं कहा.

आपको बता दें कि महाराष्ट्र में ताजा सियासी हालात यह हैं कि उद्धव ठाकरे अपना सामान पैक करके मुख्यमंत्री आवास से निकलकर मातोश्री शिफ्ट हो चुके हैं वहीँ शिवसेना के कुछ और विधायक एकनाथ शिंदे के पास गुवाहाटी पहुँच गए हैं, फ़िलहाल अब उद्धव सरकार पर संकट के काले बादल चौतरफा मंडराने लगे हैं.

40 विधायकों के साथ गुवाहाटी पहुंचे एकनाथ शिंदे, बोले- बालासाहेब ठाकरे के हिंदुत्व को आगे बढ़ाएंगे

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महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री और शिवसेना के बागी एकनाथ शिंदे लगातार उद्धव सरकार की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं, शिंदे ने बुधवार को दावा किया कि उनके साथ शिवसेना के 40 विधायक हैं। शिंदे सभी विधायकों के साथ सूरत के बाद अब असम के गुवाहाटी में होटल रेसिडन ब्लू में शिफ्ट हो गए हैं, गुवाहाटी हवाई अड्डे पर पहुंचे शिंदे ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ बगावत करने के अपने फैसले के बाद पहली बार पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा, बालासाहेब ठाकरे के हिंदुत्व को आगे बढ़ाएंगे। शिवसेना विधायकों को लेकर एक चार्टर्ड फ्लाइट बुधवार तड़के गुवाहाटी पहुंची। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिवसेना के 2 और विधायक किसी भी वक्त गुवाहाटी पहुँच सकते हैं.

महाराष्ट्र के विधायकों को विशेष बसों में पुलिस सुरक्षा के साथ शहर के एक होटल में ले जाया जा रहा है. असम में वर्तमान में भाजपा की सरकार है।  सोमवार  देर रात, शिंदे शिवसेना के कई विधायकों के साथ मुंबई से निकले थे और गुजरात के सूरत शहर के एक होटल में रुके थे। बीजेपी नेताओं से बातचीत के बाद उन्होंने गुवाहाटी शिफ्ट होने का फैसला किया।

गुवाहाटी हवाई अड्डे के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए, शिंदे ने कहा, “यहां 40 विधायक मेरे साथ हैं। अतिरिक्त 10 विधायक जल्द ही मेरे साथ जुड़ेंगे। मैं किसी की आलोचना नहीं करना चाहता। हम दिवंगत बालासाहेब ठाकरे द्वारा स्थापित शिवसेना को जारी रखने के इच्छुक हैं। महाराष्ट्र विधानसभा में शिवसेना के 56 विधायक हैं, जिसने 2019 के विधानसभा चुनावों के बाद एनसीपी और कांग्रेस के साथ हाथ मिलाया है और भाजपा के साथ गठबंधन तोड़कर सरकार बनाई है।


एकनाथ शिंदे मानने को तैयार नहीं, बोले- मेरे साथ 35 विधायक हैं, उद्धव के सामने रखी ये शर्त?

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कैबिनेट मंत्री और शिवसेना के वरिष्ठ नेता एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद अब महाराष्ट्र सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं, शिवसेना द्वारा शिंदे को मनाने की कोशिश लगातार जारी है लेकिन वो मानने को तैयार नहीं हैं, एकनाथ शिंदे इस समय 26 विधायकों और 3 मंत्रियों के साथ सूरत के एक होटल में हैं, दोपहर तक सीएम उद्धव ठाकरे समेत शिवसेना के तमाम नेता उनसे सम्पर्क साधने की कोशिश कर रहे थे लेकिन उनका फोन unreachable बता रहा था.

एकनाथ शिंदे को मनाने के लिए शिवसेना नेता मिलिंद नार्वेकर जो कि उद्धव ठाकरे के बेहद करीबी हैं, को सूरत भेजा गया, उन्होंने होटल में शिंदे को मनाने की भरपूर कोशिश की लेकिन वो मानने को तैयार नहीं है, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एकनाथ शिंदे से मिलिंद नार्वेकर ने ना सिर्फ उद्धव ठाकरे बल्कि उनकी पत्नी रश्मि ठाकरे की भी फोन पर बात कराई। दोनों ने ही एकनाथ शिंदे को मनाने की पूरी कोशिश की और वापस लौटने को कहा लेकिन शिंदे मानने को तैयार नहीं।

खबर मिल रही है कि एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे के सामने शर्त रखी है कि अगर भाजपा से गठबंधन कर लें तो वह वापस लौट आएंगे। इसके अलावा शिंदे ने दावा किया है कि उनके साथ 26 नहीं बल्कि 35 विधायक हैं. आपको बता दें कि एकनाथ शिंदे शिवसेना विधायक दल के नेता भी थे, लेकिन बगावत के बाद शिवसेना ने उन्हें इस पद से हटा दिया। शिंदे को पद से हटाने वाली चिट्ठी में सिर्फ़ ‘22 विधायकों’ के हस्ताक्षर हैं, यानि इस समय गेंद शिंदे के पाले में है, कुछ भी हो सकता है. अब देखना यह दिलचस्प होगा कि क्या वह शिवसेना के साथ ही रहेंगे या कोई बड़ा खेला करेंगे?

गिर सकती है महाराष्ट्र सरकार, एक दर्जन विधायक के साथ उद्धव ठाकरे के मंत्री एकनाथ शिंदे गायब!

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महाराष्ट्र सरकार पर संकट के काले बादल मंडराने लगे हैं,  MLC चुनाव में झटके के बाद अब मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के कुछ विधायकों ने बगावत कर दी है, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार में कैबिनेट मंत्री एकनाथ शिंदे लगभग एक दर्जन विधायक लेकर किसी अज्ञात जगह पर हैं, अगर इन विधायकों ने बगावत कर दी तो महाराष्ट्र सरकार गिरना तय है, भाजपा का दावा है कि महाराष्ट्र सरकार 32 विधायक टूटने वाले हैं। आनन-फानन में सीएम उद्धव ठाकरे ने आज दोपहर 12 बजे सभी विधायकों की बैठक बुलाई है. सीएम उद्धव ठाकरे बागी विधायकों से लगातार सम्पर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन सभी का फोन नॉट रिचेबल बता रहा है.

सूत्रों के हवाले से एनडीटीवी ने दावा किया है कि शिवसेना नेता और कैबिनेट मंत्री एकनाथ शिंदे नाराज हैं और लगभग एक दर्जन विधायक लेकर सूरत के किसी होटल में टिके हैं. यह भी जानकारी मिली है कि एकनाथ शिंदे दोपहर में प्रेस-कॉन्फ्रेंस करके अपने अगले कदम की घोषणा कर सकते हैं, यानि दोपहर बाद कन्फर्म हो जाएगा कि उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री रहेंगे या नहीं।

मंत्री एकनाथ शिंदे ठाणे में एक प्रमुख शिव सेना नेता हैं, उन्होंने इस क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शिंदे को 2014 में महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में नामित किया गया था, जब शिवसेना-भाजपा गठबंधन टूटा और महा विकास अघाड़ी सरकार बनी, तो उन्हें शहरी विकास और लोक निर्माण कैबिनेट मंत्री बनाया गया.

4 साल बाद रिटायर होने वाले अग्निवीरों को हरियाणा सरकार में मिलेगी नौकरी, CM खटटर ने ली गारंटी

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भारतीय सशस्त्र सवाल बलों में चार साल की भर्ती के लिए केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहा है, लोगों के मन में एक ही सवाल उठ रहा है कि 4 साल देश की सेवा कर रिटायर होने वाले अग्निवीर क्या करेंगे? क्या 4 साल बाद बेरोजगार हो जाएंगे? ऐसे उठ रहे तमाम सवालों के बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खटटर ने घोषणा की है कि अग्निवीरों को हरियाणा सरकार में गारंटी के साथ नौकरी मिलेगी।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खटटर ने अपने ट्वीट में लिखा, मैं घोषणा करता हूँ कि 'अग्निपथ योजना' के तहत 4 वर्ष देश की सेवा करने के बाद वापिस आने वाले अग्निवीरों को गारंटी के साथ हरियाणा सरकार में नौकरी दी जाएगी। सीएम खटटर के इस ऐलान के बाद अग्निवीर बनने का सपना देख रहे हरियाणा के युवाओं को जरूर ख़ुशी मिली होगी। हालाँकि अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती होने वाले सभी अग्निवीरों को 4 साल बाद रिटायर नहीं किया जाएगा। 25% अग्निवीरों को सेवा विस्तार मिलेगा।

आपको बता दें कि देशभर में 'अग्निपथ योजना' के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच भारतीय सेना ने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीर भर्ती रैली के लिए अधिसूचना जारी कर दिया है। इस अधिसूचना में भर्ती रैली के लिए सभी जरूरी जानकारी दी गई है। भारतीय सेना द्वारा जारी की गई अधिसूचना को https://joinindianarmy.nic.in वेबसाइट पर देखा जा सकता है.

सेना की तैयारी कर रहे नौजवान ने की आत्मह'त्या, पिता ने अग्निपथ योजना को बताया कारण

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भारतीय सशस्त्र बलों में चार साल की भर्ती के लिए केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहा है, इसी बीच ओडिशा से एक दुःखद खबर सामने आई है, सेना में शामिल होने की तैयारी कर रहे एक नौजवान ने आत्महत्या कर ली, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतक युवक के पिता ने अग्निपथ योजना को आत्महत्या का कारण बताया है. मृतक की पहचान बालासोर में दयानिधिपुर गांव के धनंजय मोहंती के रूप में हुई है.

Omm comnews की खबर के मुताबिक़, धनंजय मोहंती ने सेना में भर्ती के लिए लगभग 1.5 साल पहले ही अपना मेडिकल और फिजिकल टेस्ट पास कर लिया था, ने 'अग्निपथ' योजना की शुरुआत के बाद आत्महत्या कर ली। युवक ने अगस्त 2021 में अपनी मेडिकल परीक्षा पास कर ली थी और वह लिखित परीक्षा की तैयारी कर रहा था। 

Odisha bytes के मुताबिक, उनके परिवार ने आरोप लगाया कि 'अग्निपथ' योजना की घोषणा के बाद सेना ने लिखित परीक्षा रद्द कर दी, जिसके कारण उन्होंने यह कदम उठाया। धनजय का मानना ​​​​था कि वह सेना में शामिल नहीं हो पाएगा इसलिए उसने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

आत्महत्या करने से पहले, उसने अपने छोटे भाई को 'सॉरी' कहते हुए एक संदेश भेजा और अपने फोन पे अकाउंट का डिटेल्स साझा किया। धनंजय ने यह भी कहा कि अब उनके माता-पिता की जिम्मेदारी उनके दो भाइयों पर है। उनकी मृत्यु के बाद, धनंजय के पिता रजनीकांत और मां सुमति ने उनकी किडनी और आंखें दान करने का अनुरोध किया है।

भाजपा को हराने के लिए एकजुट धुर विरोधी, शिवसेना गठबंधन उम्मीदवार को समर्थन देंगे ओवैसी

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राज्‍यसभा की 16 सीटों के लिए आज चार राज्‍यों में वोट डाले जाएंगे। नतीजे आज ही घोषित कर दिए जाएंगे। इनमें महाराष्‍ट्र से छह, राजस्‍थान और कर्नाटक से चार-चार तथा हरियाणा से दो सीट शामिल हैं। इससे पहले विभिन्‍न राज्‍यों से 41 उम्‍मीदवार निर्विरोध चुने जा चुके हैं। महाराष्ट्र में भाजपा को हराने के लिए पूरा विपक्ष एकजुट हो गया है, AIMIM ने महाविकास अघाड़ी के उम्मीदवार को समर्थन देने का फैसला किया है, यानि ओवैसी की मदद से उद्धव के उम्मीदवार राज्यसभा पहुंचेंगे। 

कुछ साल पहले तक शिवसेना और ओवैसी के एजकुट होने की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी, लेकिन आज यह भी हो गया. दिलचस्प बात यह है कि विपक्ष ओवैसी को भाजपा का B टीम बताता है, लेकिन आज जरूरत पड़ी है तो उसी ओवैसी से खुद समर्थन ले रहे हैं.

महाराष्ट्र के औरंगाबाद से AIMIM सांसद इम्तियाज जलील ने ट्वीट कर बताया कि हमारी पार्टी ने बीजेपी को हरान के लिए राज्यसभा में महाविकास अघाड़ी को उम्मीदवार को वोट करने का फैसला किया है. उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे दोनों विधायकों हुक्म दिया गया है कि वह कांग्रेस के उम्मीदवार इमरान प्रतापगढ़ी को वोट करें।

कोलकाता पुलिस ने एक यु-ट्यूबर को किया गिरफ्तार, वीडियो में ममता बनर्जी को अपशब्द कहने का आरोप

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कोलकाता पुलिस ने प्रसिद्द यु-ट्यूबर Roddur Roy को गोवा से गिरफ्तार कर लिया है, आरोप है कि यु-ट्यूबर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें उन्होंने सीएम ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया। टीएमसी नेता रिजू दत्ता की शिकायत पर युट्यूबर की गिरफ़्तारी हुई है..

इण्डिया टुडे के मुताबिक, पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में टीएमसी नेता रिजु दत्ता ने आरोप लगाया कि 'युट्यूबर रोड्दुर रॉय सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी का इस्तेमाल कर बंगाल को बदनाम किया। अतः इसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाय. बताया जा रहा है कि रोडूर रॉय ने सिंगर केके की मौत पर पश्चिम बंगाल सरकार की आलोचना की थी।  

दो साल पहले, युट्यूबर Roddur Roy पर रवींद्रनाथ टैगोर के गीतों को तोड़-मरोड़ कर लोगों की भावनाओं को आहत करने के आरोप में पुलिस ने मामला दर्ज किया था। फ़िलहाल कोलकाता पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है और ट्रांजिट रिमांड पर गोवा से कोलकाता ले आई है.



 

 

दर्दनाक घटना: पब्जी गेम खेलने के लिए मना करने पर 16 वर्षीय युवक ने माँ के सिर में मारी गोली

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पब्जी एक ऐसा ऑनलाइन वीडियो गेम है, जो नशे से भी ज्यादा खतरनाक है, एक बार जिसको पब्जी की लत लग जाती है, वो आसानी से इस गेम को कभी छोड़ नहीं सकता, प्ब्जी गेम खेलने से मना करने पर एक 16 वर्षीय युवक ने अपनी माँ की गोली मारकर ह्त्या कर दी, यह मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का है.

पूर्वी लखनऊ के एडीसीपी कासिम आबिदी ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि "घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के दौरान पता चला कि 16 वर्षीय बेटे ने अपनी मां की गोली मारकर हत्या कर दी। नाबालिग लड़के ने अपनी मां को पबजी गेम खेलने से रोकने के बाद उसे गोली मार दी। प्रारंभिक जांच में पता चला कि वह पब्जी का आदी था और उसकी मां उसे खेलने से रोकती थी, जिसके कारण उसने अपने पिता की लाइसेंसी पिस्तौल से घटना को अंजाम दिया। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, माँ की ह्त्या करने वाले 16 वर्षीय बेटे के पिता सेना में हैं और उनकी बंगाल में तैनाती है, माँ की ह्त्या करने के दो दिन बाद उसने पिता को वीडियो काल करके बताया कि माँ की किसी ने ह्त्या कर दी, उसके उन्होंने अपने किसी जानने वाले को घर भेजा। उसने घर पर डेड बॉडी देखकर पुलिस को फोन किया।

पुलिस मौके पर आई, लड़के से जब पूछताछ करने लगी तो उसने गुमराह करने की कोशिश की लेकिन कुछ देर बाद ह्त्या की बात कबूल कर ली, पुलिस अधिकारी ने कहा, "हमने लड़के को हिरासत में ले लिया है और आगे की जांच जारी है।

सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस: राहुल गांधी बोले- पंजाब को संभालना AAP के बस की बात नहीं

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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी आज पंजाब पहुंचे और दिवंगत सिंगर सिद्धू मूसेवाला के परिवार से मुलाक़ात सांत्वना दी, साथ ही उन्होंने कहा, हम इंसाफ दिलाकर रहेंगे। इसके अलावा उन्होंने राज्य की भगवंत मान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, पंजाब में अमन और शांति बनाये रखना AAP सरकार के बस की बात नहीं है।

राहुल गांधी के साथ पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा, पंजाब के प्रभारी हरीश चौधरी और पार्टी नेता विजय इंदर सिंगला सहित कई कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला के परिवार से मिलने गए थे. गौरतलब है कि सिद्धू मूसेवाला की 29 मई को मानसा में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। तब राहुल गांधी विदेश में थे और भारत लौटने के बाद शोक संतप्त परिवार से मुलाक़ात की, पंजाब विधानसभा चुनाव में सिद्धू मूसेवाला कांग्रेस की टिकट पर मनसा से विधानसभा चुनाव लड़ा था लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. राहुल गांधी से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी मूसेवाला के माता-पिता से मिल चुके हैं।

राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा, कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला जी के माता-पिता जिस दुःख से गुज़र रहे हैं उसे बयान करना मुश्किल है। इन्हें इंसाफ दिलाना हमारा फ़र्ज़ है, और हम दिला कर रहेंगे। राज्य की कानून व्यवस्था पूरी तरह से भंग हो चुकी है। पंजाब में अमन और शांति बनाये रखना AAP सरकार के बस की बात नहीं है। 

नूपुर शर्मा की बढ़ीं मुश्किलें, मुंबई पुलिस भेजेगी सम्मन, जाने क्यों?

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निलंबित भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं, अब मुंबई पुलिस उन्हें सम्मन भेजेगी और उनका बयान दर्ज करेगी। यह जानकारी मुंबई के सीपी संजय पांडेय ने दी, समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, मुंबई के पुलिस आयुक्त ( CP ) संजय पांडे ने कहा, मुंबई पुलिस जल्द ही निलंबित भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा को समन भेजेगी और ज्ञानवापी मुद्दे पर एक समाचार बहस के दौरान पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ उनकी कथित टिप्पणियों के संबंध में उनका बयान दर्ज करेगी।

गौरतलब है कि पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ टिप्पणी करने के आरोप में भाजपा ने राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा को पार्टी से 6 साल के लिए निलंबित कर दिया है, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, नूपुर शर्मा ने एक टीवी न्यूज़ चैनल पर पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ टिप्पणी की थी, इस टिप्पणी के बाद नूपुर शर्मा के खिलाफ कटटरपंथियों ने मोर्चा खोल दिया, जान से मारने की धमकी दी, यही नहीं कानपुर में दंगा भी हो गया. 

भाजपा से सस्पेंड किये जाने के बाद नूपुर शर्मा ने कहा था, "अगर मेरे शब्दों से किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची हो तो मैं बिना शर्त अपना बयान वापस लेती हूं। किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मेरा इरादा कभी नहीं था।

पंजाब पुलिस की देखकर में स्वर्ण मंदिर के बाहर इकट्ठा हुए खालिस्तानी, लगाए खालिस्तान जिंदाबाद के नारे

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ऑपरेशन ब्लूस्टार की 38वीं बरसी पर स्वर्ण मंदिर के बाहर भारी संख्या में खालिस्तानी इकट्ठा हुए और खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए, हैरान करने वाली बात यह है कि यह सब पंजाब पुलिस की देखरेख और सुरक्षा में हुआ. स्वर्ण मंदिर के प्रवेश द्वारा पर इकट्ठा हुए खालिस्तानियों के हाथ में 'खालिस्तान जिंदाबाद' लिखे बैनर और तख्तियां थीं। कुछ खालिस्तानियों ने खालिस्तानी आतंकी जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीर वाली टी-शर्ट भी पहनी थी। आपको बता दें कि ऑपरेशन ब्लूस्टार 1984 में स्वर्ण मंदिर से आतंकवादियों को बाहर निकालने के लिए किया गया एक सैन्य अभियान था।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की थी और कहा था कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मुख्यमंत्री ने पुलिस और नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य भर में छह जून से पहले व्यापक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा था। लेकिन इसके बावजूद सैकड़ों की संख्या में खालिस्तानी समर्थक स्वर्ण मंदिर के बाहर इकट्ठा हो गए.