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Sunday, December 4, 2016

2 लाख करोड़ रुपये के कालेधन का खुलासा करके मुस्लिम परिवार ने मोदी सरकार से किया मजाक

2 लाख करोड़ रुपये के कालेधन का खुलासा करके मुस्लिम परिवार ने मोदी सरकार से किया मजाक

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नई दिल्ली, 4 दिसम्बर: आज तो गजब हो गया, मुंबई के एक मुस्लिम परिवार ने आय घोषणा योजना के तहत 2 लाख करोड़ रुपये के कालाधन की घोषणा कर दी, देखते ही देखते पूरे देश में सनसनी फ़ैल गयी, हर किसी ने सोचा कि इतना कालाधन किसी के पास कैसे हो सकता है, इतनी रकम तो उत्तर प्रदेश के एक वर्ष के बजट से भी अधिक है। 

जानकारी के अनुसार मुंबई के बांद्रा निवासी चार सदस्यीय परिवार के मालिक अब्दुल रज्जाक मोहम्मद सईद ने कुल दो लाख करोड़ रुपये की घोषणा की, जिसे आयकर विभाग ने खारिज कर दिया, क्योंकि चार पैन में से तीन मूल रूप से अजमेर के थे, जिन्हें सितंबर 2016 में ही मुंबई स्थानांतरित किया गया था। इन लोगों ने 2 लाख करोड़ शायद भारत सरकार को उल्लू बनाने के लिए 2 लाख करोड़ रुपये के कालेधन की घोषणा कर दी। 

इसी तरह से महाराष्ट्र के एक व्यापारी महेश शाह ने 13,860 करोड़ रुपये की घोषणा की जिसे संदेहास्पद पाया गया, बाद में महेश शाह को गिरफ्तार कर लिया गया और उनसे पूछताछ की जा रही है। 

सरकार ने रविवार को कहा कि आयकर घोषणा योजना (आईडीएस) के तहत घोषित काले धन की राशि बढ़कर 67,382 करोड़ रुपये हो गई है। यद्यपि इसमें दो भारी खुलासों को शामिल नहीं किया गया है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, "अंतिम गणना के बाद घोषणा से प्राप्त वास्तविक धनराशि 67,382 करोड़ रुपये हैं, जिसे 71,726 घोषणाकर्ताओं ने घोषित किए हैं।"

बयान में कहा गया है, "पहली अक्टूबर, 2016 को घोषणा की गई थी कि 64,275 घोषणाकर्ताओं से कुल 65,250 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।"

आयकर विभाग ने अहमदाबाद स्थित महेशकुमार चंपकलाल शाह, और मुंबई स्थित एक अन्य के द्वारा की गई 13,860 करोड़ रुपये की घोषणा को इसमें शामिल नहीं किया है। 

बयान में कहा गया है, "प्राप्त घोषणाओं में दो घोषणाएं अधिक धनराशि की थी, जिन्हें उपरोक्त रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया गया, क्योंकि उन्हें संदेहास्पद प्रकृति का पाया गया।"

मंत्रालय ने कहा, "उचित जांच के बाद पाया गया कि ये घोषणाकर्ता संदिग्ध प्रकृति के हैं और इनका कारोबार छोटा है, और घोषणा का दुरुपयोग किया जा सकता है।"

बयान में कहा गया है, "इसलिए उचित विचार के बाद आयकर विभाग ने 30 नवंबर को निर्णय लिया कि इन दोनों घोषणाओं (दो लाख करोड़ रुपये और 13,860 करोड़ रुपये) को खारिज कर दिया जाए। विभाग ने इन झूठी घोषणाओं के पीछे के इरादे का पता लगाने के लिए इन घोषणाकर्ताओं के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।"
बुरी खबर, जयललिता को आया हार्ट अटैक, हालत गंभीर में भर्ती

बुरी खबर, जयललिता को आया हार्ट अटैक, हालत गंभीर में भर्ती

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चेन्नई, 4 दिसम्बर: तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे.जयललिता को रविवार को दिल का दौरा पड़ा है और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उनकी निगरानी कर रही हैं। वह अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं। डाक्टरों ने यह जानकारी दी है। अपोलो अस्पताल की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, "जयललिता के स्वास्थ्य की निगरानी विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम कर रही है, जिसमें हृदय रोग विशेषज्ञ, फेफड़ा विशेषज्ञ और क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ शामिल हैं।"

एआईएडीएमके प्रमुख 68 वर्षीय जयललिता को 22 सितंबर को बुखार एवं डिहाईड्रेशन की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती किया गया था। 

डाक्टरों ने जांच के बाद बताया था कि उन्हें इंफेक्शन है, इसलिए उन्हें अस्पताल में कुछ दिन रहना होगा। इसके बाद उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था। 

अपोलो अस्पताल के मुताबिक, जयललिता की जांच कर रही टीम में हृदय रोग विशेषज्ञ, फेफड़ा विशेषज्ञ, इंफेक्शन डिजीज के विशेषज्ञ, मधुमेह विशेषज्ञ शामिल हैं।

हाल ही में अपोलो अस्पताल के चेयरमैन प्रताप सी. रेड्डी ने मीडिया से कहा था कि जयललिता की हालत बेहतर हो रही है और उनके सभी अंग काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा था कि अब उन्हें गहन चिकित्सा कक्ष से वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा था कि जयललिता जब चाहें घर जा सकती हैं। 
लालू को बताया देश की धरोहर, ममता को भविष्य का PM, क्या अब बाबा रामदेव का भी DNA बदल रहा है?

लालू को बताया देश की धरोहर, ममता को भविष्य का PM, क्या अब बाबा रामदेव का भी DNA बदल रहा है?

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New Delhi, 4 December: बाबा रामदेव का आज सोशल मीडिया पर बहुत विरोध हुआ, कल तक बाबा रामदेव के लिए सोशल मीडिया पर हजारों लाखों लोग लड़ने को तैयार हो जाते थे, उनके लिए मरने को तैयार हो जाते थे लेकिन आज उन्हें बुरा भला कहते दिखे। उसका कारण यह है कि अब तक लोग बाबा रामदेव को बहुत ही ईमानदार और चमत्कारी बाबा समझते थे, ऐसे बाब जिन्होंने भारत में योगा को एक आन्दोलन बना दिया।

बाबा रामदेव ने आज से कई वर्ष पहले कालेधन के खिलाफ एक बहुत बड़ा आन्दोलन किया था, हजारों लोगों को कालेधन के खिलाफ जागरूक किया था, पूरे देश का दौरा किया था, उन्होंने लोगों को ऐसा जागृत किया कि ईमानदार देशवासी कालेधन रखने वाले लोगों को देश का दुश्मन समझने लगे। 

भारत में लालू यादव को कालेधन का जनक माना जाता है, उन्होंने सबसे पहले चारा घोटाला किया और हजारों करोड़ का कालाधन जमा किया, उनके ऊपर केस चला, उन्हें जेल हुई और किसी तरह से उन्हें जमानत मिल पायी। जिस लालू को भारत के लोग कालेधन का जनक मानते थे उसी लालू को बाब रामदेव ने भारतीय राजनीति का धरोहर बता दिया। यह अपने आप में चौंकाने वाला बयान था, बाबा ने कहा कि लालू जी इस देश की राजनीतिक धरोहर हैं, लालू जैसे नेताओं को इस देश की जरूरत है, अभी इन्हें देश के लिए बहुत कुछ करना है, मै इनकी लम्बी आयु के लिए प्रार्थना करने और इन्हें स्वस्थ रहने के तरीके सिखाने आया हूँ। 

अब आप ही बताइये, बाबा रामदेव ने कालेधन पर आन्दोलन किया, लोगों को जागरूक बनाया, देश के लोग लालू यादव को कालेधन का सबसे बड़ा चोर बताते हैं और उन्हीं लालू यादव को बाबा रामदेव भारत का धरोहर बताते हैं। अब आप ही बताओ, बाबा रामदेव का आन्दोलन किस काम का रहा, वे तो कालेधन के सबसे बड़े चोर को भारत का धरोहर बता रहे हैं। क्या वे चाहते हैं कि ये धरोहर भारत में और घोटाले करे और इसके लिए लंबा जीवन जिये। 

आज तो बाबा रामदेव ने एक और चौंकाने वाला बयान दे दिया और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इमानदार और भविष्य की प्रधानमंत्री बता दिया। नोटबंदी और कालेधन के खिलाफ कार्यवाही का सबसे अधिक विरोध ममता बनर्जी ही कर रही हैं। उन्होंने तो यहाँ तक कह दिया है कि मोदी को भारत की राजनीति से मिटाकर ही दम लूंगी। मरने-मारने और दंगा कराने पर उतर आयी हैं ममता बनर्जी। यही नहीं भारतीय सेना जो हमारी रक्षा करती है, ममता बनर्जी ने उसका भी अपमान कर दिया। 

उन्हीं ममता बनर्जी के बारे में आज बाबा रामदेव ने कहा कि 'ममता जी में प्रधानमंत्री बनने के लिए उनके पास पर्याप्त गुण हैं, अगर एक चाय वाले का बेटा प्रधानमंत्री बन सकता है तो ममता जी भी प्रधानमंत्री बन सकती हैं.’उन्होंने कहा, ‘राजनीति में, ममता जी ईमानदारी और सादगी की प्रतीक हैं। मुझे उनकी सादगी अच्छी लगती है। वह चप्पल और साधारण साड़िया पहनती हैं। मैं मानता हूं कि उनके पास काला धन नहीं है।’ नोटबंदी का ममता द्वारा जोरदार विरोध किए जाने के बाद भी रामदेव ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख वास्तव में नोटबंदी को लागू करने की प्रक्रिया के खिलाफ हैं। 

अब सवाल उठता है कि लालू यादव जैसे कालेधन के सबसे बड़े जनक, यानी कालेधन के पापा, और नोटबंदी जैसे क्रन्तिकारी फैसले की सबसे बड़ी दुश्मन ममता बनर्जी बाबा रामदेव को भारत के धरोहर, इमानदार और प्रधानमंत्री पद के लायक कैसे लग सकते हैं। क्या बाबा रामदेव का DNA बदल रहा है?