पर्रिकर ने कहा बीफ तो कांग्रेसियों ने बताया ‘गाय’ बोलने लगे ‘हाय हाय हाय’ भूल गए ‘भैंस का’

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देश में बीफ पॉलिटिक्स जोरों पर है, बीफ अपने आप में अजीब चीज है, बीफ में कई तरह के मांस आते हैं, गाय का भी आता है, भैंसे का भी आता है और अन्य बड़े जानवरों का भी आता है. बीजेपी सरकार ने आने के बाद कई राज्यों में गौ-मांस पर बैन लगा दिया गया लेकिन भैंसे पर प्रतिबन्ध नहीं लगाया गया है, भैंसे का मांस लोग आराम से खरीदकर खा सकते हैं. किसी भी राज्य में भैंसे के मांस पर बैन नहीं है.

आपको बता दें कि अभी सिर्फ हिन्दू बहुसंख्यक राज्यों में हिन्दुओं की भावनाओं को ध्यान में रखकर गौमांस पर बैन लगाया गया है, मुस्लिम और इसाई बहुल राज्यों में गौमांस पर बैन नहीं लगाया गया है हालाँकि हिन्दू लोग विरोध जरूर करते हैं.

जब भी बीफ की बात तो कांग्रेस के लोग कहते हैं कि बीफ यानी भैंसा होता है, हम भी गौमांस का विरोध करते हैं लेकिन जब बीजेपी नेताओं के मुंह से बीफ की बात निकलती है तो कांग्रेसी उसे गाय से जोड़ देते हैं और कहते हैं कि बीजेपी वाले गाय काटने और गाय खाने की बात कर रहे हैं.

कल गोवा के मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य में बीफ खाने वाले अधिक हैं इसलिए हम बीफ की कमी नहीं होने देंगे और आस पास के राज्यों से भी बीफ का इम्पोर्ट करेंगे.

मनोहर पर्रिकर का इतना कहना था कि कांग्रेसियों ने उनके बयान को पकड लिया और गाय से जोड़ दिया, अब कांग्रेसी भैंसे का मांस भूल गए हैं, अब उन्हें सिर्फ गौमांस याद है, अब उनके लिए बीफ का मतलब गौमांस हो गया है क्योंकि किसी बीजेपी नेता के मुंह से बीफ निकला है.

इसमें मनोहर पर्रिकर की भी गलती है क्योंकि वे समझा नहीं पाए कि बीफ खरीदने की बात करके वो गौमांस की बात कर रहे हैं या भैंसे के मांस की, अगर वे गौमांस की बात कर रहे हैं तो बीजेपी को तुरंत ही सभी राज्यों में गौमांस पर बैन हटा देना चाहिए वरना उन्हें दोगली पार्टी कहा जाएगा क्योंकि एक राज्य में आप गौमांस बैन कर रहे हो और दूसरे राज्य में गौमांस खरीदने की बात कर रहे हो तो यह दोगलापन नहीं तो और क्या है. मनोहर पर्रिकर अपने बयान पर सफाई देनी चाहिए क्योंकि ट्विटर पर उन्हें बीफ मंत्री कहा जा रहा है और कांग्रेस लोग बीजेपी की जमकर ऐसी तैसी कर रहे हैं.देश में बीफ पॉलिटिक्स जोरों पर है, बीफ अपने आप में अजीब चीज है, बीफ में कई तरह के मांस आते हैं, गाय का भी आता है, भैंसे का भी आता है और अन्य बड़े जानवरों का भी आता है. बीजेपी सरकार ने आने के बाद कई राज्यों में गौ-मांस पर बैन लगा दिया गया लेकिन भैंसे पर प्रतिबन्ध नहीं लगाया गया है, भैंसे का मांस लोग आराम से खरीदकर खा सकते हैं. किसी भी राज्य में भैंसे के मांस पर बैन नहीं है.

आपको बता दें कि अभी सिर्फ हिन्दू बहुसंख्यक राज्यों में हिन्दुओं की भावनाओं को ध्यान में रखकर गौमांस पर बैन लगाया गया है, मुस्लिम और इसाई बहुल राज्यों में गौमांस पर बैन नहीं लगाया गया है हालाँकि हिन्दू लोग विरोध जरूर करते हैं.

जब भी बीफ की बात तो कांग्रेस के लोग कहते हैं कि बीफ यानी भैंसा होता है, हम भी गौमांस का विरोध करते हैं लेकिन जब बीजेपी नेताओं के मुंह से बीफ की बात निकलती है तो कांग्रेसी उसे गाय से जोड़ देते हैं और कहते हैं कि बीजेपी वाले गाय काटने और गाय खाने की बात कर रहे हैं.

कल गोवा के मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य में बीफ खाने वाले अधिक हैं इसलिए हम बीफ की कमी नहीं होने देंगे और आस पास के राज्यों से भी बीफ का इम्पोर्ट करेंगे.

मनोहर पर्रिकर का इतना कहना था कि कांग्रेसियों ने उनके बयान को पकड लिया और गाय से जोड़ दिया, अब कांग्रेसी भैंसे का मांस भूल गए हैं, अब उन्हें सिर्फ गौमांस याद है, अब उनके लिए बीफ का मतलब गौमांस हो गया है क्योंकि किसी बीजेपी नेता के मुंह से बीफ निकला है.

इसमें मनोहर पर्रिकर की भी गलती है क्योंकि वे समझा नहीं पाए कि बीफ खरीदने की बात करके वो गौमांस की बात कर रहे हैं या भैंसे के मांस की, अगर वे गौमांस की बात कर रहे हैं तो बीजेपी को तुरंत ही सभी राज्यों में गौमांस पर बैन हटा देना चाहिए वरना उन्हें दोगली पार्टी कहा जाएगा क्योंकि एक राज्य में आप गौमांस बैन कर रहे हो और दूसरे राज्य में गौमांस खरीदने की बात कर रहे हो तो यह दोगलापन नहीं तो और क्या है. मनोहर पर्रिकर अपने बयान पर सफाई देनी चाहिए क्योंकि ट्विटर पर उन्हें बीफ मंत्री कहा जा रहा है और कांग्रेस लोग बीजेपी की जमकर ऐसी तैसी कर रहे हैं.