Feb 2, 2018

प्रवीण तोगड़िया ने की मोदी से भावुक अपील, उस सीढ़ी को ना तोड़ो, जिसके सहारे इतना ऊपर गए हो


praveen-todagia-appeal-pm-modi-not-to-side-hindutva-that-make-pm

नई दिल्ली: इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि अगर मोदी हिंदुत्व के रास्ते पर ना चलते, अगर हिंदुत्व की बातें ना करते तो ना तो मुख्यमंत्री बन पाते और ना प्रधानमंत्री बन पाते, हिंदुत्व का चोला ओढ़कर वह प्रधानमंत्री तो बन गए लेकिन अब हिंदुत्व को किनारे पर रखकर सेक्युलर बनने का दिखावा कर रहे हैं लेकिन यह दिखावा हिंदुत्व वोटबैंक को उनसे दूर ले जा रहा है.

मोदी को हिंदुत्व के रास्ते से हटके देखकर वह लोग परेशान हैं जिनके सहयोग ने मोदी इतना ऊपर पहुंचे हैं, प्रवीण तोगड़िया भी ऐसे नेताओं में से एक हैं जिनको सीढ़ी बनाकर मोदी इतना ऊपर चढ़े हैं, कभी मोदी प्रवीण तोगड़िया के स्कूटर के पीछे बैठकर घुमते थे, बाद में दोनों में विवाद हुआ और रास्ते अलग होने लगे.

प्रवीण तोगड़िया से मनमुटाव होने के बाद भी मोदी हिंदुत्व के रास्ते पर चलते रहे जिसकी वजह से वह प्रधानमंत्री बन गए लेकिन अब उनका बदला हुआ रूप देखकर लोग हैरान हैं, अब हिन्दू वोटबैंक बीजेपी की बजाय कांग्रेस को जा रहा है, कल राजस्थान की तीन सीटों पर उपचुनाव के नतीजे आये जिसमें ना सिर्फ बीजेपी का सूपड़ा साफ़ हुआ बल्कि बहुत ही करारी हार मिली. अब हिन्दू लोग बीजेपी को सबक सिखाने के लिए कांग्रेस को वोट दे रहे हैं.

मोदी का ग्राफ नीचे जाता देखकर प्रवीण तोगड़िया ने उनसे भावुक अपील की है, उन्होंने कहा कि हम दोनों में जो हुआ सो हुआ, अब हमें एक नई दोस्ती की शुरुआत करनी चाहिए, आपसी मतभेदों को भुलाकर हिंदुत्व के रास्ते पर चलना चाहिए.

प्रवीण तोगड़िया ने मोदी ने कहा है - नरेन्द्र भाई चलिए साथ आते हैं और देश के लिए काम करते हैं। देश के सामने बेरोजगारी, किसानों की बदहाल स्थिति और उद्योगों की बहाली की बड़ी चुनौतियां हैं। देश से किए वादों को पूरा करने के लिए हमारा साथ आना जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह पुराने दोस्त के नाते पीएम को मशविरा देना चाहते हैं कि वह उस सीढ़ी को ना तोड़ें जिसके सहारे वह इस शिखर पर पहुंचे हैं।

विहिप नेता ने कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि मोटा भाई (पीएम मोदी) सत्ता के आकाश से जमीन पर देखते हुए हमारे जैसे पुराने दोस्तों से संवाद करेंगे। उन्होंने कहा कि पीएम विदेश के नेताओं से संवाद करते हैं और अब उन्हें हम जैसे नेताओं के लिए भी थोड़ा वक्त निकालना चाहिए। बता दें कि एक जमाने में पीएम मोदी और तोगड़िया गहरे दोस्त रह चुके हैं। दोनों एक ही स्कूटर से आरएसएस कार्यकर्ताओं से मिलने जाया करते थे। 2002 में दोनों के रिश्तों में दरार आ गई थी.
नीचे कमेन्ट बॉक्स में अपनी राय लिखें
पोस्ट शेयर करें
loading...

2 comments:

  1. Togadiya ji ki baat mai dum hai.Modiji ko dosto se baat karni chahiye. DOSTI KA RISHTA SABSE BADA HAI.

    ReplyDelete
  2. Togadiya ji kya h kya nhi wo mujhe Pata nhi Lekin Jo unhone kaha woh 100% sahi h

    ReplyDelete