Oct 20, 2017

योगी के आज के आदेश को पूर्व IAS सूर्य प्रताप सिंह ने किया डिस-लाइक, पढ़ें क्यों


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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज प्रदेश के सभी अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे सभी विधायकों और सांसदों के आने पर उन्हें खड़े होकर अभिवादन करें, उन्हें नमस्ते बोलें और चाय पानी के लिए पूछें. वैसे उत्तर प्रदेश में विधायकों और सांसदों को माननीय कहा जाता है, उन्हें उचित मान सम्मान दिया जाता है लेकिन अधिकारियों पर इस रिवाज के थोपे जाने से VIP कल्चर फिर से बढ़ सकता है.

पूर्व IAS अफसर सूर्य प्रताप सिंह ने योगी सरकार ने इस आदेश गैर-जरूरी बताया है, उन्होंने कहा कि जो विधायक सांसद अच्छे काम करते हैं उन्हें अधिकारी खुद ही मान सम्मान करते हैं लेकिन कई विधायक सांसद अपराधिक पृष्ठ भूमि के होते हैं, गायत्री प्रजापति जैसे कई नेताओं पर रेप जैसे घिनौने अपराध के आरोप भी लगे होते हैं, क्या ऐसे लोगों को दोनों हाथ जोड़कर नमस्ते बोलना सही है.

उन्होंने कहा कि मैं जब बदायूँ जनपद में DM था तो मैंने अपराधी विधायक डीपी यादव को NSA में गिरफ़्तार किया था, उस समय डीपी यादव ने विधानसभा में मेरी शिकायत की थी कि मैंने उन्हें खड़े होकर नमस्ते नहीं किया। इसपर मैंने सरकार को जवाब दिया था कि एक अपराधी, हत्यारे, बलात्कारी को ‘नमन’ करना मुझे स्वीकार नहीं।  'दुष्ट’ का सम्मान करना ‘दुष्टता’ को बढ़ावा देता है। 

उन्होंने बताया कि इससे पहले 2007 में यह नियम लागू हुआ था कि अधिकारीगण विधायकों, जंप्रतिनिधियों को खड़े होकर नमस्ते करेंगे, चाहे वह अपराधी ही क्यों न हो.

सूर्य प्रताप सिंह जो कई मोर्चों पर योगी सरकार का खुलकर समर्थन भी करते हैं और इस वजह से उन्हें परेशान भी किया जाता है, उनका कहना है कि सम्मान माँगा नहीं जाता, बल्कि अर्जित किया जाता है. असली सम्मान पद से नहीं, प्रतिभा, सदाचारण से आता है. यदि अच्छा आदर्श आचरण हो तो सम्मान दिल से आएगा ही. सम्मान एकतरफ़ा नहीं हो सकता है बल्कि पारस्परिक होता है। यह नहीं हो सकता कि अधिकारी तो विधायकों का सम्मान करें और जनप्रतिनिधि उन्हें गाली गलौज करें। 

उनका कहना है कि योगी सरकार का यह आदेश विधायकों और जनप्रतिनिधियों में घमंड पैदा करेगा, अफसरों को अपराधी नेताओं के आगे झुकने को मजबूर करेगा जिसकी वजह से उनके मनोबल पर भी असर पड़ेगा. अगर जनप्रतिनिधि ईमानदार और मेहनती होंगे तो अधिकारी उन्हें खुद ही मान-सम्मान देंगे इसलिए अफसरों को फ़ोर्स करना सही नहीं है.
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