Oct 31, 2017

जेल में हनीप्रीत के भागने की सूचना से मचा हडकंप, भागे भागे पहुंचे मंत्री और की जांच



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चण्डीगढ, 31 अक्टूबर: हरियाणा के जेल एवं परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कल केन्द्रीय कारागार अम्बाला शहर का दौरा करके हनीप्रीत मामले में समाचार पत्रों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में आई खबरों की सच्चाई की जांच की जिसमें हनीप्रीत को जेल से भगाने की ख़बरें दी गयी थीं। उन्होने एडीसी आर.के. सिंह, जीएम रोडवेज कुलधीर सिंह और जेल अधीक्षक एस.आर. बिश्नोई के साथ जेल में 26 अक्टूबर मुलाकात के दिन की सीसीटीवी फुटेज की गहनता से जांच की।

निरीक्षण के उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए जेल मंत्री ने कहा कि पूरी जांच में कहीं भी जेल मैन्यूअल का उल्लंघन नहीं पाया गया है। उन्होंने कहा कि मुलाकात के लिए हनीप्रीत के चार परिजनों ने 26 अक्तूबर को सांय 4.49 बजे अर्जी दी थी। उचित जांच-पडताल के बाद जेल के इंटरकॉम मुलाकात कक्ष के माध्यम से सामान्य कैदियो की तरह परिजनों ने 5.19 बजे से 5.27 बजे तक 8 मिनट मुलाकात की है। 

मुलाकात के दौरान परिजनों में से एक महिला की तबीयत खराब हो गयी, उसके अनुरोध पर जेल के वाहन से उसे बाहर पार्क तक आने की अनुमति दी गयी. उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि किसी व्यक्ति को जेल के पार्क तक गाडी लाने की अनुमति दी गई हो बल्कि जेल अधीक्षक परिस्थितियों को देखते हुए तथा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पहले भी इस तरह की अनुमति देते रहें है।

उन्होंने कहा कि मुलाकात करने वालों में हनीप्रीत के भाई शाहिल तनेजा, भाभी सोनाली भागले, जीजा संचित बजाज, बहन नीशु बजाज शामिल थे। उन्होने बताया कि जेल मैन्यूअल के मुताबिक केवल उन्हीें लोगों को बंदी अथवा कैदी से मुलाकात की अनुमति दी जाती है जिनकी सूची उन्होने जेल प्रशासन को दी है। जहां तक हनीप्रीत से मुलाकात करने वालों का प्रश्न है उसने अपने पिता रामानंद और माता आशा तनेजा व उपरोक्त 4 सदस्यों सहित कुल 6 लोगों की मुलाकात की सूची जेल प्रशासन को दी हुई है।

उन्होने बताया कि जिस वाहन से वे मुलाकात के लिए आए थे वह वाहन हनीप्रीत के पिता रामानंद सुपुत्र रामशरण दास के नाम से पंजीकृत है और उसका नम्बर एचआर 26-80 है। उन्होंने बताया कि यह वाहन ए 23 शाह सतनाम नगर सिरसा के नाम से पंजीकृत है। वाहन के काले शीसे होने के एक अन्य प्रश्न पर जेल मंत्री ने कहा कि इसकी जांच करना यातायात पुलिस की जिम्मेवारी है। उन्होंने कहा कि जेल प्रशासन को निर्देश दिए गये हैं कि वे भविष्य में ऐसी मुलाकात जिसमें सुरक्षा के पहलू शामिल हैं के लिए जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस को सूचित करें ताकि किसी भी स्तर पर कोई चूक न हो।

हनीप्रीत को जेल से बाहर का खाना देने संबधी प्रश्न पर उन्होंने कहा कि उन्हें सामान्य कैदियों की तरह जेल का खाना दिया जा रहा है और किसी को भी जेल मैन्यूअल की अनदेखी करने की अनुमति नहीं है। जेल अधीक्षक द्वारा मीडिया को सूचना देने संबधी प्रश्न पर उन्होंने कहा कि जेल अधीक्षक अपने विभाग के मंत्री और जेल महानिदेशक से अनुमति लेकर ही कोई जानकारी उपलब्ध करवा सकते हैं। मीडिया से बातचीत के दौरान भाजपा के जिला अध्यक्ष जगमोहन लाल कुमार और रितेश गोयल भी मौजूद थे.
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