Jul 17, 2017

फरीदाबाद के बीजेपी नेताओं का काम से अधिक कमाने पर है ध्यान इसलिए गड्ढों में गिर रहे लोग


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कहने को तो फरीदाबाद स्मार्ट सिटी बन रहा है लेकिन दिनों दिन इसकी हालत और खराब होती जा रही है इसका कारण यह है कि यहाँ के बीजेपी नेताओं का ध्यान काम से अधिक कमाने पर है, चुनाव जीते और सरकार बने हुए 3 साल होने को आ रहे हैं लेकिन अभी तक कोई भी विधायक जनता से यह पूछने नहीं आया कि आपको कोई परेशानी तो नहीं है. आज सराय ख्वाजा के एक गड्ढे ने स्मार्ट सिटी फरीदाबाद के साथ साथ फरीदाबाद के बीजेपी नेताओं की भी पोल खोलकर रख दी है, अभी तो मीडिया को सिर्फ एक गड्ढा मिला है, अगर यहाँ के मीडिया को मैनेज ना किया जाए तो यहाँ की सड़कों पर हजारों गड्ढे मिल जाएंगे.

आपको बता दें कि जिस इलाके में गड्ढा मिला है उस क्षेत्र के विधायक विपुल गोयल हैं जो राज्य के उद्योग मंत्री भी हैं, आप समझ सकते हैं कि उद्योग मंत्री की क्या पॉवर होती है, उसके बाद भी यहाँ का विकास नहीं हो पा गया है, यही नहीं फरीदाबाद से एक संसदीय सचिव और एक केंद्रीय मंत्री भी हैं, केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर हरियाणा के दूसरे बड़े नेता माने जाते हैं उसके बाद भी शहर का ये हाल है. 

आपको बता दें कि 7 महीने से फरीदाबाद नगर निगम में भी बीजेपी की सरकार है उसके बाद भी शहर का ये हाल है, शहर के विकास ना होने की वजह ये है कि यहाँ पर सड़कें जनता के लिए नहीं बल्कि पैसे कमाने के लिए बनाई जा रही हैं, सीमेंटेड सड़कें बनानें में जमकर घोटाला हो रहा है, कमीशन के चक्कर में सड़कों में घटिया सामान लगाया जा रहा है, अच्छे सीमेंट की जगह घटिया सीमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है जिसकी वजह से दो महीने बाद ही सड़क से सीमेंट बह जाता है और करोड़ों रुपये की सीमेंटेड सड़कें टूटने लगती हैं, ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि जल्दी ये सड़कें टूट जाँय और ये नेता फिर से सड़कें बनवाकर फिर से कमीशन खा सकें. 

ऐसा नहीं है कि फरीदाबाद में काम नहीं हो रहा है, काम तो हो रहा है लेकिन कमाने के लिए हो रहा है, जहाँ सीवर नहीं है वहां सड़कें बनवा दी जाती हैं, इसके बाद पानी भरने से ये सड़कें फिर टूट जाती हैं, उसके बाद सड़क को तोड़कर सीवर डाला जाता है, उसके बाद फिर से सड़क बनायी जाती है, बार बार सड़कें टूटती हैं और बार बार बनती हैं तो नेताओं को सड़क तोड़ने और बनाने में भी कमीशन मिल जाता है.

बीजेपी विधायकों के तीन साल होंने वाले हैं लेकिन अभी तक शहर में कोई बदलाव नहीं आया है, सिर्फ मथुरा हाईवे पर फ़्लाइओवर को छोड़ दें तो शहर में कोई बदलाव नहीं आया है, अगर सड़कें बन रही हैं तो जल्द टूट भी जा रही हैं, इन सड़कों को कम से कम 15 साल चलनी चाहिए लेकिन 2 महीने में इनके ऊपर से सीमेंट की परत बह जाती है और गिट्टियां निकलने लगती हैं. फरीदाबाद शहर के लोग बीजेपी नेताओं के घोटालों से परेशान हैं, पिछले दो महीनों से धरना प्रदर्शन हो रहा है लेकिन बीजेपी नेताओं के सर में जूँ तक नहीं रेंग रही है.
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