27 December, 2016

104 करोड़ पकडे जाने पर मायावती का खूब बना मजाक, इतना घबरा गयीं कि झूठ भी ढंग से नहीं बोला गया


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Lucknow, 27 December: कल से ही मायावती पूरे देश में छाई हुई हैं, सोशल मीडिया पर मायावती ट्रेंड कर रही हैं, हर कोई उनकी ही बात कर रहा है, हर किसी की जुबान पर उनकी ही चर्चा है, हो भी क्यों ना, आखिर उनका कुबेर का खजाना जो पकड़ा गया है, 104 करोड़ रुपये पकडे गए हैं, नोटबंदी के बाद बहुजन समाज पार्टी के दिल्ली की यूनियन बैंक के खाते में 104 करोड़ रुपये जमा कराये गए हैं। कल से ही मायावती को दौलत की बेटी कहा जा रहा है। मायावती पकडे जाने पर इतना घबरा गयीं कि उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस कर डाली और उनसे ढंग से झूठ भी नहीं बोला गया। 

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने खुद कबूल कि 104 करोड़ रुपये नोटबंदी के बाद ही जमा कराये गए हैं, उन्होंने घबराहट में कई झूठ बोल दिए जिसे देखकर सोशल मीडिया पर उनकी जमकर हंसी उड़ाई गए, उनका जमकर मजाक बनाया गया, उनकी बात सुनकर पांचवीं का बच्चा भी यही कहेगा कि मायावती 100 फ़ीसदी झूठ बोल रही हैं। 

क्या कहा मायावती ने: पढ़ें

उन्होंने कहा कि बीजेपी द्वारा मैनेज कुछ मीडिया चैनलों और अख़बार वालों ने मेरी पार्टी की छवि खराब करने की कोशिश की और बसपा द्वारा बैंक में जमा कराई गयी रकम को बढ़ा चढ़ा कर बताया। 

उन्होंने कहा कि बसपा ने अपने नियम के मुताबिक ही चलकर अपनी एकत्रित हुई धनराशि को एक रूटीन प्रक्रिया के अन्तर्गत ही हमेशा की तरह बैंक में जमा कराया है। 

उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकर्ता पूरे देश में बसपा की मेम्बरशिप बनाते हैं, पूरे देश भर से जो पैसा आता है तो वो छोटे नोट लेकर नहीं आते, उनको हवाई जहाज से आना होता है, उनको रेलगाड़ी से आना होता है, तो वे लोग बड़े नोट करा लेते हैं इसलिए उन्हें नोट लाने में आसानी होती है, वे बड़े नोट लाते हैं और दफ्तर में जमा करा देते हैं।  

उन्होंने कहा कि ये जो पैसा आया है, वह 31 अगस्त के बाद आया है, हमें चुनाव के मद्देनजर पूरे देश से ये पैसा इकठ्ठा किया था। 

उन्होंने कहा कि मै 31 अगस्त से आधे नवम्बर तक उत्तर प्रदेश में रही हूँ, मै दिल्ली गयी ही नहीं, इस दौरान जो धनराशी इकठ्ठा हुई, मैंने अपने दफ्तर वालों को बोला कि पैसा दफ्तर में रखो, मै दिल्ली आउंगी तो हिसाब किताब देखूँगी उसके बाद इसे बैंक में जमा करना चाहिए। इसके बाद नोटबंदी का फैसला आ गया। 

उन्होंने कहा कि ये पार्टी का पैसा है और हमारे दफ्तर में जमा हुआ है तो हम उस पैसे को फेंक देंगे क्या? लोगों ने वो पैसा इकठ्ठा किया है। हमारे पास उस पैसे का हिसाब है। हमने इमानदारी से उस पैसे को जमा कराया है। 

क्या है मायावती का झूठ

इसके साफ़ साफ़ लग रहा है कि मायावती झूठ बोल रही हैं क्योंकि वे 20 हजार से ऊपर का चंदा लेती ही नहीं, करोड़ों रुपये में टिकट जरूर बेचती हैं। दूसरी बात - मायावती का ऐसा कौन आदमी है तो हवाई जहाज से चंदा लेकर आता है। हवाई जहाज का तो किराया ही हजारों रूपया है। वैसे भी आप कहीं से भी बैंक में पैसा जमा कर सकते हैं तो पैसा हवाई जहाज से दिल्ली लाने की क्या जरूरत है। यही नहीं, एक निश्चित रकम से अधिक हवाई जहां से भी पैसा लाना गुनाह है, जाहिर है कि मायावती ने करोड़ों रुपये हवाई जहाज से मंगाकर भी गुनाह किया है। अगर वे कहेंगी कि १-२ लाख ही हवाई जहाज से लाये गए हैं तो अब आप ही बताइये, 1-२ लाख हवाई जहाज से लाने और आने में ही 20-30 हजार खर्च हो जाएंगे, ऐसे में कौन बेवकूफ़ ऐसा करेगा। 

तीसरी बात - मायवती इतनी इमानदार थीं तो उन्होंने पांच किस्तों में पैसा क्यों जमा कराया, जाहिर है कि वे जानती थीं कि इकठ्ठा पैसा जमा कराने पर पैसा सरकार की नजर में आ जाएगा और वह पकड़ी जाएंगी इसलिए उन्होंने पांच बार में पैसा जमा कराया। 

इससे पहले मायावती ने बसपा का बैंक बैलेंस सिर्फ 47 करोड़ दिखाया था, तो एकाएक चदों की बारिश कैसे हो गयी, 104 करोड़ का चंदा कैसे आ गया। 

मायवती बुरी तरह से फंस गयी हैं, अगर इनकम टैक्स ने सही तरह से जांच की तो मायवती की पूरी पोल खुल जाएगी। उन्हें बताना पड़ेगा कि उन्होंने कितने लोगों को टिकट बेचा है और अब तक कितना पैसा कमाया है।


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