जोमैटो से नाम पूछकर खाना लेने पर हंगामा लेकिन कश्मीर में नाम पूछकर गोलियों से भून देने पर चुप्पी

बात दो साल पुरानी है, पंडित अमित शुक्ला ने जोमैटो के जरिए खाना ऑर्डर किया था, डिलेवरी ब्वॉय मुस्लिम सुनकर उन्होंने खाना लेने से इनकार कर दिया, उसके कहा कि सावन चल रहा है, इसलिए मैं मुस्लिम सख्श से खाना नहीं लूंगा, उसके बाद जोमैटो ने कहा कि ‘खाने का कोई धर्म नहीं होता। यहीं नहीं अमित शुक्ला द्वारा मुस्लिम सख्श से डिलेवरी न लेनें के बाद पूरे देश में बवाल मच गया था, लेकिन अब कश्मीर में आतंकियों ने धर्म पूछकर हिन्दुओं और सिखों को गोली मारकर बेरहमी से ह्त्या कर दी, इसपर सब खामोश हैं.

कश्मीर में आतंकियों की नापाक हरकत पर लिब्रान्डुओं की चुप्पी को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि ‘वो धर्म पूछकर सीने में गोलियां उतार दें तो कुछ नहीं और हम धर्म पूछ कर थोड़ी सब्जी खरीद लें तो हम कम्युनल हो जाते हैं।

आपको बता दें कि बीते सात अक्टूबर को श्रीनगर के सफा कदल इलाके में आतंकवादियों ने स्कूल के प्रिंसिपल और एक शिक्षक की गोली मारकर हत्या कर दी, मृतकों की पहचान राजकीय बॉयज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुपिंदर कौर (44) और शिक्षक दीपक चंद के रूप में हुई है। दोनों अलोचीबाग के रहने वाले थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्कूल के प्रिंसिपल के कार्यालय में 4-5 शिक्षक मीटिंग कर रहे थे। इसी दौरान आतंकवादी घुस आए, सभी का आईडी कार्ड चेक किया। जो मुस्लिम था, उसको छोड़ दिए, जो हिन्दू और सिख निकला उसे गोलियों से भून दिया। कश्मीर में हुई ये क्रूर घटना उन लोगों के मुंह पर करारा तमाचा है जो कहते हैं कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता।