IAS इफ्तखारुद्दीन मामलें में योगी सरकार गंभीर, SIT को सौंपी गई जांच, 7 दिन में देनी होगी रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी इफ्तखारुद्दीन बुरी तरह फंस गए हैं, धर्मांतरण पर वीडियो वायरल होने के बाद योगी सरकार सरकार ने इसे गंभीरता से लिया और इसकी जांच एसआईटी को सौंप दी, इससे पहले कानपुर के पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने एडिशनल डीसीपी सोमेंद्र मीणा को इफ्तखारुद्दीन के खिलाफ जांच का जिम्मा सौंपा था, लेकिन मामले के तूल पकड़ने के बाद एसआईटी से जांच का फ़ैसला लिया गया है.

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कहा गया है कि ‘कानपुर के आईएएस इफ्तखारुद्दीन के मामले में शासन द्वारा एसआईटी से जांच के आदेश दिए गए हैं। एसआईटी के अध्यक्ष डीजी सीबीसीआईडी जीएल मीणा होंगे एवं सदस्य एडीजी ज़ोन भानु भास्कर होंगे। एसआईटी अपनी रिपोर्ट 7 दिन में शासन को प्रेषित करेगा।

गौरतलब है कि कानपुर से वरिष्ठ आईएएस के सरकारी आवास में धर्म परिवर्तन की पाठशाला का वीडियो वायरल हुआ है. आईएएस इफ्तखारुद्दीन के सरकारी आवास के वीडियो में इस्लाम के कट्टरवादियों की सजी महफिल दिख रही है. इफ्तखारुद्दीन अपने सरकारी आवास में एक धर्मगुरु के साथ कुछ लोगों के सामने इस्लाम धर्म अपनाने के फायदे बता रहे है. मुस्लिम धर्मगुरु जब आईएएस के सरकारी आवास में कट्टरता का पाठ पढ़ा रहा है, उस वक़्त सीनियर आईएएस इफ्तिखारुद्दीन जमीन पर बैठे नज़र आये.