फरीदाबाद में विनोद से नूर मोहम्मद बनाये गए युवक ने कलीम सिद्दीकी गैंग के बारें में किया बड़ा खुलासा

उत्तर प्रदेश एंटी टेरर स्क्वॉड ( एटीएस ) ने मंगलवार देर रात मौलाना कलीम सिद्दीकी को मेरठ से गिरफ्तार कर लिया, मौलाना पर धर्म परिवर्तन करानें का आरोप है, मौलाना का गैंग बहुत दूर तक फैला है, फरीदाबाद का भी एक हिन्दू युवक इनकी जाल में फंस गया था, लेकिन वह किसी तरह से जान बचाकर भाग आया, विनोद कुमार से नूर मोहम्मद खान बनाये गए इस युवक ने मौलाना कलीम सिद्दीकी के धर्म परिवर्तन गैंग के बारें में ऐसा खुलासा किया है जिसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे।

पीड़ित विनोद कुमार ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया है कि वह अपने परिवार के साथ फरीदाबाद के सेक्टर 17 की प्रेम नगर की झुग्गियों में रहता था। उसी के पड़ोस में कुछ मुस्लिम युवक भी रहते थे, जो उसे मुस्लिम समाज की अच्छाइयों के बारे में बताया करते थे और हिंदू धर्म की बुराई किया करते थे। आरोपियों ने पीड़ित को बीच-बीच में कुछ पैसे और अन्य जरूरी सामान भी दिए थे। इसी के चलते वह उनके चंगुल में फंस गया।

पीड़ित विनोद के मुताबिक़, उसे दिल्ली के शाहीन बाग में स्थित ग्लोबल पीस सेंटर नाम की एक मस्जिद में मौलाना कलीम सिद्दीकी से मिलवाया गया। जहां मौलाना ने अपने गुर्गो के सामने उसका धर्मांतरण करवा दिया और उसका नाम नूर मोहम्मद रख दिया।


मौलाना कलीम सिद्दीकी के गैंग के चंगुल से किसी तरह जान बचाकर आये हिन्दू युवक विनोद ने ये भी बताया कि उसे गुजरात और यूपी में इस्लामी तालीम के लिए कई बार भेजा गया, जहां उसे हिंदू धर्म की बुराइयां और इस्लाम की अच्छाइयां बताई जाती थी। पीड़ित ने बताया कि मौलाना कलीम सिद्दीकी का एक साथी जिसका नाम दिलशाद था उसे पाकिस्तान में आतंकवाद की ट्रेनिंग के लिए भेजने की भी बात कहा करता था जिसकी वजह से वह हमेशा डरा डरा रहता था।

पीड़ित विनोद ने बताया कि वह 2018 में बड़ी मुश्किल से मौलाना के चंगुल से छूटकर वापिस फरीदाबाद आ गया और 2 साल फरीदाबाद में ही गुमनामी में बिताए। इसके बाद 2020 में जब उसकी बहन की शादी का उसे पता चला तो वह अपने परिवार से आकर मिला। अब विनोद कुमार ने फरीदाबाद के सेक्टर 17 थाने में मौलाना कलीम सिद्दीकी समेत उसके 6 साथियों के खिलाफ धर्मांतरण का मुकदमा दर्ज कराया है।

मौलाना कलीम सिद्दीकी की गिरफ़्तारी को लेकर उत्तर प्रदेश के ADG (क़ानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा, जांच में तथ्य प्रकाश में आए कि मौलाना कलीम सिद्दिकी अवैध धर्मांतरण के कार्य में लिप्त है और विभिन्न प्रकार की शौक्षणिक, सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं की आड़ में यह देशव्यापी स्तर पर किया जा रहा है, जिसके लिए विदेशों से भारी फंडिंग प्राप्त की जा रही है. जो सुनियोजित तरीके से संगठनात्मक रूप से किया जा रहा है। जिसमें देश के कई नामी लोग और संस्था शामिल हैं। तथ्य प्रमाणित हुआ है कि यह भारत का सबसे बड़ा धर्मांतरण सिंडिकेट संचालित करता है, गैर मुस्लिमों को गुमराह करके, डराकर धर्मांतरित करता है.

पुलिस अधिकारी ने कहा, अभी तक की जांच के अनुसार मौलाना के ट्रस्ट के खाते में एकमुश्त 1.5 करोड़ रुपया बहरीन से आया है। अब तक की जांच से कुल 3 करोड़ रुपये की फंडिंग के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।