महंत नरेंद्र गिरी ने प्रमोद कृष्णम और चक्रपाणि को फर्जी बाबा घोषित कर संत-समाज से किया था निष्कासित

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और प्रयागराज के बड़े हनुमान मंदिर के महंत नरेंद्र गिरि का सोमवार को निधन हो गया, प्रयागराज स्थित बाघंबरी गद्दी मठ में अपने कमरे के अंदर मृत पाए गए, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरि के पास से सुसाइड नोट भी बरामद हुए हैं, जिसमें होने अपने चेले आनंद गिरि पर गंभीर आरोप लगाए हैं..आनंद गिरि पुलिस की हिरासत में हैं.

आपको बता दें कि साल 2018 में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने कल्कि पीठाधीश्वर और कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम तथा अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चक्रपाणि महाराज को फर्जी बाबा घोषित करते हुए संत-समाज से बाहर कर दिया था, फर्जी बाबा घोषित होनें के बाद इन दोनों ने अखाड़ा परिषद् पर मानहानि का मुकदमा किया था.

प्रमोद कृष्णम और चक्रपाणि महाराज को फर्जी बाबा घोषित करते हुए अखाड़ा परिषद ने कहा था कि ये दोनों बाबा किसी संन्यासी परंपरा से नहीं आते हैं। इन दोनों के अलावा अखाड़ा परिषद् आसाराम बापू, राधे मां, सच्चिदानंद गिरि, गुरमीत राम रहीम, निर्मल बाबा, इच्छाधारी भीमानंद, असीमानंद, नारायण साईं, रामपाल आचार्य कुशमुनी, बृहस्पति गिरि और मलखान सिंह को भी फर्जी बाबा घोषित कर चुका है.