बाघम्भरी गद्दी पहुंचे महंत राम विलास वेदांती, नए उत्तराधिकारी बलवीर गिरी पर लगाए गंभीर आरोप

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और प्रयागराज के बड़े हनुमान मंदिर के महंत नरेंद्र गिरि के मृत्यु की गुत्थी उलझती जा रही है, इन सबके बीच बाघंबरी गद्दी पहुंचे महंत राम विलास वेदांती ने नरेंद्र गिरी के नए उत्तराधिकारी बलवीर गिरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उल्लेखनीय है कि कल महंत नरेंद्र गिरी का एक सुसाइड नोट मीडिया में आया था, सुसाइड नोट का लब्बोलुआब यह है कि नरेंद्र गिरी की मौत का जिम्मेदार आनंद गिरी हैं, वहीँ सुसाइड नोट में बलवीर गिरी का नाम बतौर उत्ताराधिकारी है. हालाँकि कुछ लोगों का दावा है कि ‘महंत नरेंद्र गिरी को लिखना नहीं आता था, फिर उन्होंने सुसाइड नोट कैसे लिखा, कहीं इसके पीछे कोई साजिश तो नहीं?

इन सबके बीच बाघंबरी गद्दी पहुंचे महंत रामविलास वेदांती ने कहा, जो उत्तराधिकारी है, उसी की साज़िश है, जिसका नाम सुसाइड नोट में बतौर उत्तराधिकारी है, ये उसी का षड्यंत्र है।” फिलहाल महंत नरेंद्र गिरी की मौत के मामलें में उनके चेले आनंद गिरी को पुलिस ने हिरासत में लिया है.

बलवीर गिरि महंत नरेंद्र गिरी के करीब 15 साल पुराने शिष्य हैं. महंत नरेंद्र गिरी ने उन्हें हरिद्वार आश्रम का प्रभारी बनाया था. महंत ने अपनी वसीयत में बलवीर गिरी को उत्तराधिकारी घोषित किया है. आनंद गिरी और बलवीर गिरी दोनों तकरीबन एक ही समय में महंत नरेंद्र गिरी के शिष्य बने थे, लेकिन बलवीर सबसे प्रिय शिष्यों में एक थे. आनंद गिरि के निष्कासन के बाद बलवीर ही नंबर दो की हैसियत रखते थे.