गिरफ्तार किये गए आतंकियों के समर्थन में उतरा अमानतुल्लाह खान, बोला- बेकसूर मुसलमानों को फंसाया जा रहा है

दो दिन पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 6 आतंकवादियों को गिरफ्तार कर लिया था, इनमें से दो आतंकी ऐसे हैं जिनको पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने ट्रेनिंग दी थी, इन आतंकवादियों के मंसूबें बहुत खतरनाक थे, हिन्दू त्योहारों पर बम धमाका करके निर्दोषों का खून बहाना चाहते थे, अपने नापाक मकसद में कामयाब हो पाते उससे पहले पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, अब इन आतंकवादियों का समर्थन करते हुए आप विधायक अमानतुल्लाह खान ने कहा है कि निर्दोष मुसलमानों को फंसाने खेल शुरू हो गया.

आतंकियों की गिरफ़्तारी होनें के बाद दिल्ली के ओखला से आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान ने अपने ट्वीट में लिखा, जैसे – जैसे चुनाव नज़दीक आते हैं, देश के मुसलमानों पर ज़ुल्म बढ़ता जाता है। आतंकवाद के नाम पर बेकसूरों को फर्ज़ी मुकदमों में फंसाकर परेशान करने का खेल शुरु कर हो गया है। आगे और न जाने कितने लोगों पर झूठे मुकदमे लगाए जाएंगे। अल्लाह हिफाज़त करे! आपको बता दें कि पहली बार अमानतुल्लाह ने आतंकियों का समर्थन नहीं किया है. इससे पहले भी मजहब के नाम पर ऐसा कर चुके हैं.

मिली जानकारी के मुताबिक, आतंकवादी दाऊद इब्राहिम के भाई के साथ मिलकर ISI हिन्दू त्योहारों पर दिल्ली, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में हमलें की योजना बना रही थी, इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक़, स्पेशल सीपी (स्पेशल सेल) नीरज ठाकुर ने कहा, “हमने महाराष्ट्र निवासी जान मोहम्मद शेख (47), जामिया नगर निवासी ओसामा उर्फ सामी (22); रायबरेली निवासी मूलचंद उर्फ साजू (47), इलाहाबाद निवासी जीशान कमर (28); बहराइच निवासी मोहम्मद अबू बकर (23); और लखनऊ निवासी मोहम्मद आमिर जावेद (31) को गिरफ्तार किया है.

पुलिस अधिकारी ने कहा, “दो आरोपियों, ओसामा और जीशान ने इस साल पाकिस्तान में ट्रेनिंग ली थी और आईएसआई से निर्देश प्राप्त कर रहे थे। उन्हें आईईडी लगाने के लिए दिल्ली और उत्तर प्रदेश में उपयुक्त स्थानों की रेकी करने के लिए कहा गया था। कुछ हफ्ते पहले, इंस्पेक्टर सुनील राजैन और रविंदर जोशी के नेतृत्व में एक टीम को खुफिया एजेंसियों से इनपुट मिला था कि पाकिस्तान-प्रेरित और प्रायोजित समूह भारत में सीरियल आईईडी विस्फोटों को अंजाम देने की योजना बना रहा है।

पुलिस अधिकारी ने कहा, मंगलवार को इनके बारे में जानकारी जुटाकर अलग-अलग राज्यों में एक साथ छापेमारी की गई. शुरुवात में, अंडरवर्ल्ड ऑपरेटिव जान मोहम्मद शेख को कोटा से पकड़ा गया था, जब वह दिल्ली जा रहा था। ओसामा को ओखला से, मोहम्मद अबू बकर को सराय काले खां से, जीशान को इलाहाबाद से, मोहम्मद आमिर जावेद को लखनऊ से और मूलचंद को रायबरेली से पकड़ा गया। यूपी एटीएस के अधिकारियों के साथ समन्वय के बाद यूपी में ऑपरेशन चलाया गया था.