मेडल की कीमत क्या होती है पाकिस्तान से पूछो, 29 साल से ओलम्पिक में एक भी मेडल नहीं जीत पाया

जापान के टोक्यो में इस समय खेलों का महाकुम्भ चल रहा है, 2 रजत और 3 कांस्य समेत अबतक भारत टोक्यो ओलम्पिक में 5 पदक जीत चुका है, किसी इवेंट में भारत की मौजूदगी हो और उसकी पडोसी देशों से तुलना न हो ऐसा संभव नहीं, जी हाँ! ओलम्पिक खेलों में पाकिस्तान पूरी तरह फिसड्डी साबित हुआ है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान 29 सालों से ओलम्पिक में मेडल जीतने के लिए संघर्ष कर रहा है, 1992 बार्सिलोना ओलम्पिक गेम्स के बाद पाकिस्तान ओलम्पिक में मेडल नहीं जीत सका है..

किसी जमानें में हॉकी का बेताज बादशाह मानी जाने वाली पाकिस्तानी टीम लगातार दो बार से ओलम्पिक में क्वालीफाई ही नहीं कर पा रही है, पाकिस्तानी हॉकी टीम न तो 2016 रियो ओलम्पिक में क्वालीफाई कर पाई और न 2020 टोक्यो ओलम्पिक में क्वालिफाई कर पाई..

ओलम्पिक खेलों में पाकिस्तान के नाम सिर्फ कुल 10 मेडल हैं, इनमें 3 गोल्ड, 3 सिल्वर और 3 कांस्य शामिल हैं, देखा जाए तो पाकिस्तान के कुल मेडल के लगभग बराबर भारत के पास गोल्ड हैं। ओलम्पिक खेलों में भारत के नाम 29 मेडल हैं। इसमें 9 गोल्ड मेडल, जबकि 8 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज मेडल हैं। दरअसल पाकिस्तानी सरकार खेलों में निवेश करने के बजाय आतंकवादियों पर ज्यादा पैसा खर्च करती है, शायद इसीलिए 29 साल से मेडल के लिए तरस रहा है..