ओलम्पिक में नीरज चोपड़ा के गोल्ड जीतते ही CM खटटर ने की इनामों की बौछार, 6 करोड़ नगद, सरकारी नौकरी,…

जापान के टोक्यो में चल रहे ओलम्पिक खेलों में भारत को पहला गोल्ड मेडल जीता है, भाला फेंक में नीरज चोपड़ा ( Neeraj Chopra ) ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया है, नीरज चोपड़ा का सर्वश्रेष्ठ थ्रो 87.58 मीटर का है. ओलंपिक की व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत को 13 साल बाद दूसरा गोल्ड मिला. बीजिंग ओलंपिक 2008 में पहली बार स्वर्ण पदक जीतने का कारनामा दिग्गज शूटर अभिनव बिंद्रा ने किया था.

नीरज चोपड़ा ( Neeraj Chopra ) स्वतंत्र भारत के पहले एथलीट हैं, जिन्होंने भाला फेंक में गोल्ड मेडल जीता है, नीरज के गोल्ड जीतते ही हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खटटर ने इनामों की बौछार कर दी, क्योंकि नीरज चोपड़ा हरियाणा के सोनीपत के ही रहने वाले हैं. सीएम मनोहर लाल खटटर ने कहा, जिस प्रकार से आज हमने प्रत्यक्ष मैच देखा, ये बहुत खुशी का पल है। ये बहुत बड़ी उपलब्धि है, देश के लिए उपलब्धि है, हरियाणा के लिए उपलब्धि है। उन्हें 6 करोड़ रुपये और क्लास-1 की नौकरी दी जाएगी।


सीएम खटटर ने कहा, नौकरी में भी हमारी ऑफर रहेगी कि पंचकूला में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर एथलेटिक्स बनाएंगे और उसमें उसे(नीरज चोपड़ा) हेड बनाएंगे। इसके अलावा नीरज चोपड़ा को HSVP का प्लॉट भी मिलेगा।

नीरज चोपड़ा ( Neeraj Chopra ) के स्वर्ण पदक ने टोक्यो ओलंपिक में भारत के पदकों की संख्या को सात तक पहुंचा दिया, 2012 में लंदन ओलंपिक में भारत के नाम सर्वाधिक छह पदक थे, चोपड़ा भारोत्तोलक मीराबाई चानू के साथ टोक्यो 2020 में व्यक्तिगत पदक जीतने वाले छठे भारतीय एथलीट भी बने। , शटलर पीवी सिंधु, मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन, पहलवान रवि कुमार दहिया और बजरंग पुनिया भी टोक्यो में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ी हैं, भारतीय हॉकी टीम को भी कांस्य पदक मिला है..

पहले प्रयास में नीरज चोपड़ा ने 87.03 मीटर भाला फेंका, अन्य खिलाड़ी इसके आसपास भी नहीं फेंक सके, दूसरे प्रयास में नीरज ने 87.58 मीटर थ्रो के साथ अपने प्रदर्शन को बेहतर किया जिससे पहले स्थान पर बरकरार रहे, तीसरा प्रयास थोड़ा गड़बड़ हो गया और 76.79 मीटर ही था, फिर भी नीरज चोपड़ा गोल्ड जीतने में कामयाब हुए..नीरज चोपड़ा हरियाणा में पानीपत के पास खंडरा गांव के रहने वाले हैं.