बड़ा खुलासा: 2013 में मनमोहन सरकार ने शुरू किया था तालिबान से सम्पर्क, आतंकी को वीजा भी दिया

अफगानिस्तान में तालिबान ने कब्जा कर लिया है, तालिबान के कब्जे के बाद डर और दहशत का आलम यह है कि लोग तत्काल अफगानिस्तान छोड़कर भाग जाना चाहते हैं, जिस-जिस देश के नागरिक अफगानिस्तान में फंसे हैं, वो देश अपने नागरिकों को निकालनें में जुटे हैं, काबुल इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन अमेरिकी सेना कर रही है, लेकिन 31 अगस्त के बाद तालिबान के नियंत्रण में आ जाएगा।

अब तालिबान सरकार बनानें की ओर भी आगे बढ़ रहा है, ऐसे में सवाल यह उठता है कि तालिबान की सरकार को मान्यता कौन-कौन देश देगा, तालिबान के साथ भारत के संबंध कैसे रहेंगे, इसपर भी चर्चा जोरों पर है, चर्चा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अफगानिस्तान सरकार के साथ भारत सरकार के संबंध अच्छे खासे हैं, भारत सरकार ने अफगानिस्तान में अरबों का निवेश भी कर रखा है..इन सबके बीच तालिबान और भारत सरकार को लेकर पाकिस्तानी पत्रकार हामिद मीर ने बड़ा खुलासा किया है..

आजतक में लिखे गए एक लेख में पाकिस्तानी पत्रकार हामिद मीर ने दावा किया है कि ‘मनमोहन सरकार ने न सिर्फ तालिबान से सम्पर्क किया था बल्कि तालिबान के आतंकी को भारत का वीजा भी दिया था, यही नहीं तालिबान के शीर्ष नेता की एक पुस्तक प्रकाशन भी भारत में ही हुआ था..

पाकिस्तानी पत्रकार हामिद मीर के मुताबिक़, तालिबान से 2013 में मनमोहन सिंह सरकार ने संपर्क शुरू किया था। जिस तालिबानी शीर्ष नेता मुल्ला अब्दुल जईफ को 9/11 हमले के बाद अमेरिका ने गिरफ्तार किया था और उसका नाम UN की आतंकियों की सूची में दर्ज हो चुका था, उसे बाद में मनमोहन सरकार ने वीजा दिया था। तालिबानी संस्थापकों में से एक मुल्ला अब्दुल सलाम जईफ की किताब – ‘माय लाइफ विद तालिबान’का वर्ष 2010 में भारत में ही प्रकाशन हुआ था।