तालिबान से नहीं डरे पुजारी राजेश कुमार, बोले- काबुल छोड़कर नहीं भागूंगा, अंतिम साँस तक मंदिर में रहूँगा

अफगानिस्तान में राजधानी काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद हताश लोग देश छोडकर जाने की कोशिश कर रहे हैं, राष्ट्रपति अशरफ गनी से लेकर रक्षामंत्री तक अफगानिस्तान से भाग चुके हैं, इन सबके बीच एक मंदिर के पुजारी पंडित राजेश कुमार ने बहादुरी का परिचय दिया है और अफगानिस्तान न छोड़ने का फैसला लिया है, उन्होंने कहा, अंतिम सांस तक मंदिर में रहूँगा।

काबुल में रतन नाथ मंदिर के पुजारी पंडित राजेश कुमार ने अपनी जान बचाने के लिए काबुल से भागने से इनकार कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, मंदिर के पुजारी पंडित राजेश कुमार ने कहा, “कुछ हिंदुओं ने मुझसे काबुल छोड़ने का आग्रह किया और मेरी यात्रा तथा ठहरने की व्यवस्था करने की पेशकश की। लेकिन, मेरे पूर्वजों ने सैकड़ों वर्षों तक इस मंदिर की सेवा की। मैं इसे नहीं छोड़ूंगा। अगर तालिबान मुझे मारता है, तो मैं इसे अपनी सेवा मानता हूं।

बता दें कि काबुल हवाई अड्डे पर भारी भीड़ जमा होने और लोगों के जबरदस्‍ती विमान में चढ़ने की कोशिश के कारण अमेरिकी सेना ने लोगों को तितर-बितर करने के लिए हवा में गोलियां चलायी। इस भगदड में कुछ लोगों के मरने की खबर है। एक वीडियो में अन्‍य घटना में विमान के उड़ान भरते समय तीन लोगों को गिरते दिखाया गया है। अमरीका ने देश छोड़ने वाले लोगों की सहायता के लिए छह हजार सैनिक भेजे हैं। अमरीका और अन्‍य देश अपने कर्मियों और सहयोगियों को वहां से निकालने के तेजी से प्रयास कर रहे हैं।