बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुस्लिम समुदाय को दी मुहर्रम का जुलूस निकालने की अनुमति

बंबई उच्च न्यायालय ने मुस्लिम समुदाय को मुहर्रम का जुलूस निकालने की सशर्त अनुमति दे दी है। न्यायमूर्ति के.के. तातेड़ और न्यायमूर्ति पी. के. चव्हाण की खंडपीठ ने कहा कि जुलूस में कोविड से बचाव के दोनों टीके लगवा चुके लोग ही हिस्सा ले सकेंगे। जुलूस में ट्रकों की संख्या सात से अधिक नहीं होगी और हर ट्रक में अधिकतम 15 लोग ही सवार होंगे।

सुनवाई में कल अदालत ने कहा कि जुलूस के दौरान कोविड से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा। पांच ताजिए निकालने की अनुमति देते हुए अदालत ने कहा कि कब्रिस्तान के अंदर केवल 25 लोगों को जाने की अनुमति होगी। गैर सरकारी संगठन- ऑल इंडिया तहफाज़-ए-हुसैनियत की याचिका पर बंबई उच्च न्यायालय ने यह आदेश जारी किया। संगठन ने याचिका में मुहर्रम के दौरान जुलूस निकालने और धार्मिक रीति-रिवाजों को पूरा करने की अनुमति मांगी थी।

महाराष्ट्र सरकार ने इस याचिका का विरोध किया था। उच्च न्यायालय ने कहा कि लॉकडाउन के नियमों में काफी ज्यादा छूट पहले ही दी जा रही है और इसलिए मुहर्रम का जुलूस निकालने की सशर्त अनुमति देना, चिंता का विषय नहीं होना चाहिए।