डासना देवी मंदिर में स्वामी नरेशानंद सरस्वती पर धारदार हथियार से हुआ जानलेवा हमला, अस्पताल में भर्ती

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्थित डासना देवी मंदिर  ( Dasna Devi mandir ) में स्वामी नरेशानंद सरस्वती पर जानलेवा हमला हो गया, हमलवार ने स्वामी पर धारदार हथियार से कई प्रहार किये, गंभीर हालत में उन्हें यशोदा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. हालाँकि हमलावर के बारें में अभी कोई सुराग नहीं लग सका है, उसने हमला क्यों किया, कौन है, कुछ पता नहीं। फिलहाल CCTV फुटेज की मदद से पुलिस जांच में जुट गई है, बताया जा रहा है कि जिनपर हमला हुआ वो बिहार के निवासी थे, एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए आये थे, उनके रुकने का प्रबंध डासना देवी मंदिर में ही किया गया था, जिस वक्त हमला हुआ, उस समय यति नरसिंहानंद सरस्वती बगल वाले कमरे में सो रहे थे।

मालूम हो कि डासना देवी मंदिर ( Dasna Devi mandir ) परिसर में लगे एक बोर्ड के बाद यह मंदिर सुर्ख़ियों में आया था, इस बोर्ड में यति नरसिंहानंद सरस्वती ने लिखवाया है कि यह मंदिर हिन्दुओं का पवित्र स्थल है, यहाँ मुस्लिमों का प्रवेश वर्जित है. महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती का मानना है कि हर मंदिरों पर ऐसे बोर्ड होने चाहिए, क्योंकि जिनका मंदिर में कोई काम ही नहीं है तो उनको प्रवेश ही क्यों करने दिया जाय.


डासना देवी मंदिर ( Dasna Devi mandir ) के संत यति नरसिंहानंद की दो बार ह्त्या की साजिश रची जा चुकी है, हमलावर अपने नापाक मंसूबों में कामयाब हो पाते, उससे पहले पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसी साल जून महीनें में यति नरसिंहानंद की ह्त्या करने के लिए मोहम्मद कासिफ ने काशी गुप्ता नाम से मंदिर में प्रवेश किया था, लोगों को शक हुआ तो तुरंत इसकी चेकिंग की, उसके बैग की जांच में सर्जिकल ब्लेड व साइनाइड कैप्सूल मिले थे.

इससे पहले जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी जान मोहम्मद यति नरसिंहानंद की ह्त्या करने कश्मीर के पुलवामा से दिल्ली आया था, डासना मंदिर पहुँच पाता उससे पहले दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। ‘डासना देवी मंदिर’ के संत यति नरसिंहानंद सरस्वती लम्बे समय से कट्टरपंथियों के निशानें पर हैं.