आंदोलनकारी किसानों के कारण 15 हजार से 4 लाख रु. तक सैलरी पाने वाले 1000 लोग हुए बेरोजगार

केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ लगभग 6 महीनें से हजारों किसानों द्वारा आंदोलन जारी है, इस तथाकथित किसान आंदोलन के कारण लगभग 1000 लोगों की नौकरी चली गई, जी हाँ! जिनकी नौकरी गई है, उनकी सैलरी 15 हजार से लेकर 4 लाख रूपये तक थी..दरअसल अडानी ग्रुप ने लुधियाना में अपना लॉजिस्टिक्स पार्क बंद कर दिया, जिसकी वजह से लगभग एक हजार लोग बेरोजगार हो गए..

अडानी लॉजिस्टिक्स लिमिटेड ने 31 जुलाई को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के समक्ष एक हलफनामा दायर किया, जिसमें उन्होंने प्रस्तुत किया कि इकाई का इरादा लुधियाना के किलारायपुर में अपने सड़क / रेल से जुड़े मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क में व्यावसायिक संचालन को समाप्त करना है। किसान आंदोलन के कारण कम्पनी बंद हुई है, अडानी समूह के अनुसार, किलारायपुर इकाई लंबे समय तक व्यवधानों के कारण खराब हो गई थी और भारी नुकसान उठा रही थी। जिसकी वजह से बंद कर दी गयी..

सितंबर 2020 में पारित तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के आंदोलन के कारण पंजाब पुलिस, राज्य के अधिकारियों या यहां तक ​​कि सरकार बसने वालों और भारी वाहनों को निकालने में विफल रही। केंद्र और किसानों के बीच ग्यारह दौर की बातचीत के बावजूद विरोध जारी है। अभी तक बात नहीं बन सकी है.