UP जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव: AIMIM के 2 जिला पंचायत सदस्यों ने BJP को जिताने के लिए वोट किया

उत्तर प्रदेश के 53 जिलों में आज जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव हो रहा है, राज्य चुनाव आयोग ने कहा कि 53 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष पदों के लिए आज यानी 3 जुलाई को मतदान होगा. मतदान सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक होगा। वोटों की गिनती दोपहर तीन बजे के बाद की जाएगी। चुनाव 75 जिलों में होने थे, लेकिन 22 जिलों में निर्विरोध घोषित चुने जाने के बाद शेष 53 जिलों में मतदान हो रहा है, जिला पंचायत अध्यक्ष विभिन्न जिलों की जिला पंचायतों के निर्वाचित सदस्यों में से चुने जाते हैं। राज्य में चार चरणों के पंचायत चुनाव मई में संपन्न हुए। जिला पंचायत अध्यक्ष में भाजपा और सपा के बीच कड़ी टक्कर है…(UP Zila Panchayat Chairperson )

ये ऐसा चुनाव है कि जीत सुनिश्चित करने के लिए एक दूसरे की धुर विरोधी पार्टियाँ भी हाथ मिलानें से नहीं कतरा रही हैं, इसका ताजातरीन उदाहरण देखने को मिला है यूपी के गाजीपुर जिले में, यूँ तो भाजपा और ओवैसी की पार्टी AIMIM का दूर-दूर तक कोई रिश्ता नहीं है लेकिन गाजीपुर में 2 AIMIM जिला पंचायत सदस्यों ने बीजेपी को जिताने के लिए वोट किया है..यह जानकारी यूपी की पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा ने ट्वीट करके दी है..(UP Zila Panchayat Chairperson )

भारत समाचार की पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा ने अपने ट्वीट में लिखा, गाजीपुर में 2 AIMIM जिला पंचायत सदस्यों ने बीजेपी को जिताने के लिए वोट किया है..प्रदेश में आपसी भाईचारे की बड़ी मिसाल…गाजीपुर में 67 जिला पंचायत सदस्य है. बीजेपी के 6, सपा के 10, बसपा के 10, सुभासपा के 2, AIMIM के 2 सदस्य हैं, 37 निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य हैं..(UP Zila Panchayat Chairperson )

आपको बता दें कि राज्य के 22 जिलों की 22 जिला पंचायतों के अध्यक्षों को मंगलवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया. इनमें से सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 21 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि इटावा में समाजवादी पार्टी ने जीत हासिल की।

जिन जिलों में भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए उनमें चित्रकूट, आगरा, गौतमबुद्धनगर, मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अमरोहा, मुरादाबाद, ललितपुर, झांसी, बांदा, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, गोरखपुर, मऊ और वाराणसी शामिल हैं. सहारनपुर, बहराइच, पीलीभीत और शाहजहांपुर में विपक्ष समर्थित उम्मीदवारों द्वारा अपना नामांकन वापस लेने के बाद भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को वाकओवर मिल गया।