इस इस्लामिक मुल्क में बने युद्ध के हालात, 110 जिलों को आतंकियों ने लिया अपने कब्जे में

इस्लामिक मुल्क अफगानिस्तान में युद्ध के हालात बन गए हैं. 110 से ज्यादा जिलों को Taliban ने अपने कब्जे में ले लिया है, भारत में अफगानिस्तान के राजदूत फरीद मामुन्दजई ने कहा कि तालिबान को पाकिस्तान से मदद मिल रही है। तालिबान का पाकिस्तान के क्वेटा, पेशावर में नेतृत्व परिषद है। तालिबान के परिवार और निवेश पाकिस्तान में है। Taliban को पाकिस्तान की मदद नहीं मिलती तो अफ़ग़ानिस्तान में हालात ख़राब नहीं होते।

फरीद मामुन्दजई ने कहा, अमेरिका ने जब से अप्रैल के बाद अफ़ग़ानिस्तान से अपनी सेना को हटाने का ऐलान किया तब से अफ़ग़ानिस्तान में सुरक्षा हालात खराब हुए। 150 के आसपास ज़िलों में युद्ध के हालात है। Taliban ने बहुत सारे ज़िलों को अपने कब्ज़े में ले लिया है, उन्होंने कहा, हमारी सेना कार्रवाई कर रही है। हमारी सेना ने पिछले 3 दिनों में 10 ज़िले वापस ले लिए हैं। उम्मीद है कि हम बाकी ज़िलों को भी वापस ले लेंगे। अगले कुछ हफ्तों में हालात बदलेंगे।

फरीद मामुन्दजई ने आगे कहा कि ‘इनसे दोस्ती अच्छी नहीं है। आज इन बुरे हालातों से हमारा सामना हो रहा है कल शायद पाकिस्तान की भी नौबत आ जाए। हमारी पाकिस्तान से निवेदन है कि तालिबान से दोस्ती ना करे।आतंकवाद से दोस्ती कभी रंग नहीं लाती है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तालिबान ने पश्चिमी अफगानिस्तान के एक प्रमुख जिले पर नियंत्रण कर लिया है जिसमें ईरान के साथ एक महत्वपूर्ण बॉर्डर भी शामिल है, अफगान सुरक्षा अधिकारियों ने कहा,सशस्त्र समूह देश भर में अपनी तेजी से सैन्य प्रगति जारी रखेगा। तालिबान लड़ाकों और अफगान सुरक्षाबलों के बीच उज्बेकिस्तान की सीमा से लगे उत्तरी बल्ख प्रांत में भी लड़ाई चल रही है…हालाँकि अफगान गृह मंत्रालय के प्रवक्ता तारिक एरियन ने इन खबरों का खंडन किया और कहा कि सीमा पार करना अभी भी सरकारी बलों के नियंत्रण में है। इस सप्ताह की शुरुआत में, 1,000 से अधिक अफगान सुरक्षाकर्मी देश छोड़कर भाग चुके हैं.