बकरीद पर लॉकडाउन में 3 दिन की ढ़ील देगी केरल सरकार, क्या सुप्रीम कोर्ट लेगा स्वतः संज्ञान?

कोरोना का हवाला देते हुए हाल ही में उत्तराखंड और झारखंड समेत कई राज्यों ने कांवड़ यात्रा ( kanwar yatra )
रद्द कर दी, उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कांवड़ यात्रा ( kanwar yatra ) की अनुमति दी तो सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान ले लिया, इन सबके बीच केरल सरकार ने बकरीद मनानें के लिए लॉकडाउन में तीन दिन की ढ़ील देने का फैसला लिया है, अब देखना यह दिलचस्प होगा कि क्या सुप्रीम कोर्ट इसपर भी स्वतः संज्ञान लेकर कोरोना का हवाला देते हुए कुछ प्रतिबन्ध लगाता है या नहीं?

केरल मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, बकरीद मनानें के लिए 18, 19 और 20 जुलाई को लॉकडाउन प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी। ए, बी और सी कैटेगरी में जरूरी सामान बेचने वाली दुकानों के अलावा कपड़ा की दुकानें, जूते-चप्पल की दुकानें, इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानें, फैंसी दुकानें और ज्वैलरी की दुकानें रात 8 बजे तक खोलने की अनुमति होगी। केरल सरकार ने यह फैसला तब लिया है जब वहां कोरोना के धुंआधार केस आ रहे हैं.


उत्तराखंड में औसतन रोजाना लगभग 50 कोरोना के केसेज आ रहे हैं, लेकिन वहां की सरकार ने कोरोना का हवाला देते हुए कांवड़ यात्रा ( kanwar yatra ) रद्द कर दी वहीँ केरल में औसतन रोजाना 13 हजार कोरोना केस आ रहे हैं, लेकिन वहां की सरकार ने बकरीद मनानें के लिए लॉकडाउन में ढ़ील देने का फैसला लिया है. अभी तक इसपर न तो केरल हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया और न ही सुप्रीम कोर्ट ने.

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा कांवड़ यात्रा की अनुमति दिए जानें के बाद सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस रोहिंटन नरीमन और बी आर गवई की बेंच ने स्वतः संज्ञान ले लिया। जज साहब ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, धार्मिक भावनाएं जीवन के अधिकार से बड़ी नहीं हैं. कांवड़ यात्रा के आयोजन से देश के सभी नागरिकों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है. इसलिए, राज्य सरकार खुद ही इस पर विचार कर निर्णय ले. कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर राज्य सही निर्णय नहीं ले पाता तो वह खुद आदेश जारी करेगा। बता दें कि 23 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटे में सिर्फ कोरोना के 86 नए केस आये हैं.