कश्मीर में सिख बेटियों पर आया संकट तो अमित शाह के पास पहुंचे सिख संगठन

जम्मू-कश्मीर में सिखों की बेटियां खतरे में पड़ गई हैं, मुस्लिम समुदाय के लोग सिख बेटियों का अपहरण करके जबरन निकाह करवा रहे हैं, मुस्लिमों के इस कुकृत्य से सिखों में काफी आक्रोश है, इस मसले को लेकर कल कुछ सिख संगठनों ने दिल्ली में केंद्रीय गृहमन्त्री अमित शाह से मुलाक़ात की, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार शाम दिल्ली में 13 सदस्यीय सिख प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। उन्होंने ट्विटर पर कश्मीर की अखिल सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के प्रतिनिधिमंडल के साथ एक तस्वीर साझा की। मिली जानकारी के मुताबिक़, सिख प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्री के साथ बैठक में धर्मांतरण मुद्दों पर बात की। Sikh delegation met amit

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि सरकार इस पर कड़ी नजर रखे हुए है कि जम्मू-कश्मीर में जबरन धर्म परिवर्तन की ऐसी कोई घटना न हो. उन्होंने आश्वासन दिया है कि जम्मू-कश्मीर में सिख समुदाय की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है. यह भी आश्वासन दिया गया है कि जम्मू-कश्मीर में सिख महिलाओं के धर्म परिवर्तन की घटनाओं में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। Sikh delegation met amit

पिछले सोमवार को सिख समुदाय के सदस्यों ने कश्मीर में सिख बेटियों के अपहरण और जबरन धर्मांतरण के मुद्दे पर जम्मू, उधमपुर, कठुआ, श्रीनगर, रियासी और अनंतनाग में विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने कठुआ और जम्मू में राजमार्गों को भी अवरुद्ध कर दिया था। भारतीय जनता पार्टी के आरपी सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी से मुलाकात की और जम्मू-कश्मीर में उत्तर प्रदेश जैसे धर्मांतरण विरोधी कानून सहित अपनी मांगों का एक मसौदा मंत्री को सौंप दिया। Sikh delegation met amit

उल्लेखनीय है कि हाल ही में एक 18 साल की सिख लड़की का अपहरण करके 60 साल के मुस्लिम बुजुर्ग से निकाह करा दिया गया था, यह इकलौती घटना नहीं है, इससे पहले भी कई ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, सिख संगठनों ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल से लव जिहाद के खिलाफ कानून बनाने के लिए कहा है.