शरद पवार ने कृषि कानूनों पर लिया यू-टर्न, बोले- कानून को रद्द करने की आवश्यकता नहीं है

केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए कृषि कानूनों पर यू-टर्न लेते हुए एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा है कि केंद्र के नए कृषि कानूनों को पूरी तरह से खारिज करने की जरूरत नहीं है, इसके बजाय, विवादास्पद हिस्से को हटाने के लिए इसमें बदलाव किया जाना चाहिए। वहीँ केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आज कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार छह महीने से अधिक समय से आंदोलन कर रहे किसानों के साथ बातचीत करने को तैयार है। हालाँकि उन्होंने भी स्पष्ट किया कि कृषि कानून रद्द नहीं होगा। Sharad Pawar Farm Laws

सरकारी समाचार चैनल दूरदर्शन के अनुसार, पूर्व केंद्रीय मंत्री और एनसीपी के मुखिया पवार ने कल कहा था कि तीन कृषि कानूनों को पूरी तरह से खारिज करने के बजाय कुछ संशोधन किए जा सकते हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आज न्यूज़ एजेंसी एएनआई को बताया, “मैं पूर्व कृषि मंत्री के इस बयान का स्वागत करता हूं। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि केंद्र सरकार उनसे सहमत है। Sharad Pawar Farm Laws

आपको बता दें कि इसी साल फरवरी में, शरद पवार ने तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग की थी। कानूनों की आलोचना करते हुए पवार ने कहा था कि वे न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर प्रतिकूल प्रभाव डालेंगे और देश की मंडी प्रणाली को कमजोर करेंगे। जनवरी में एक किसान सभा को सम्बोधित करते हुए शरद पवार ने कहा था कि “यह सरकार (केंद्र) किसानों को नष्ट करने की कोशिश कर रही है …Sharad Pawar Farm Laws


केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने बृहस्पतिवार को कहा कि केंद्र के तीन नए कृषि कानून किसानों की जिंदगी में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे और इनको वापस लेने का सवाल ही नहीं है. गुरुवार को ग्वालियर पहुंचे तोमर ने कहा कि कृषि कानून किसी भी कीमत पर वापस नहीं होंगे. उन्होंने साफ कर दिया कि ये कानून 30 साल की कृषि वैज्ञानिकों की मेहनत का प्रतिफल हैं. देश के अधिकांश किसान यूनियन कृषि कानून के समर्थन में हैं. विरोध कर रहे किसान यूनियन के लोगों से भी बातचीत करने के लिए सरकार ने भरपूर कोशिश की है.