फ़्रांस में शुरू हुई राफेल डील की जांच, जज की नियुक्ति के आदेश

फ्रांस ने 2016 में भारत के साथ 36 द सॉल्ट-निर्मित लड़ाकू फाइटर जेट की बिक्री के लिए हस्ताक्षरित राफेल सौदे में कथित “भ्रष्टाचार की जांच शुरू कर दी है। जांच के लिए एक फ्रांसीसी न्यायाधीश को भी नियुक्त किया गया है। फ्रांसीसी मीडिया ने शुक्रवार को जानकारी दी कि जांच का नेतृत्व एक स्वतंत्र मजिस्ट्रेट द्वारा किया जाएगा। पूर्व फ़्रांसिसी राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद भी जांच की जद में आएंगे। पूर्व फ्रांसीसी राष्ट्रपति ओलांद उस समय पद पर थे जब राफेल सौदा हुआ था, और वर्तमान फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ओलांद की सरकार में वित्त मंत्री थे। ( Rafale deal probe France )

इंडिया टुडे के मुताबिक़, फ्रांसीसी लोक अभियोजन सेवा (पीएनएफ) की वित्तीय अपराध शाखा ने कहा है कि भारत सरकार और फ्रांसीसी विमान निर्माता डसॉल्ट के बीच 36 लड़ाकू विमानों के समझौते में भ्रष्टाचार और पक्षपात के आरोपों की जांच होगी। फ्रांसीसी एनजीओ शेरपा द्वारा दायर की गई शिकायत के बाद जांच शुरू हुई है, शेरपा द्वारा पहले दर्ज की गई इसी तरह की शिकायत को 2018 में पीएनएफ ने खारिज कर दिया था। ( Rafale deal probe France )

हालाँकि डसॉल्ट एविएशन ने इस घटनाक्रम पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। डसॉल्ट ने भारत-फ्रांस सौदे में किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया था और कहा था, “फ्रांसीसी भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी सहित आधिकारिक संगठनों द्वारा कई नियंत्रण किए जाते हैं। मालूम हो कि नरेंद्र मोदी सरकार ने 2016 में फ्रांस के साथ 36 राफेल लड़ाकू विमान की बिक्री के लिए एक अंतर-सरकारी समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। ( Rafale deal probe France )

हालाँकि, यह सौदा भारत और फ्रांस में गहन राजनीतिक जांच के दायरे में आया, जब विपक्ष ने आरोप लगाया कि अनिल अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस डिफेंस को हथियार निर्माता डसॉल्ट एविएशन द्वारा ऑफसेट पार्टनर के रूप में हस्ताक्षरित किया गया था, जबकि कंपनी के पास कोई अनुभव नहीं था। ( Rafale deal probe France )

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने यूपीए शासन के दौरान बातचीत की तुलना में बहुत अधिक कीमत पर फ्रांस के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने मांग की कि सरकार को राफेल की कीमत का खुलासा करना चाहिए। ये मामला भारत की सुप्रीम कोर्ट में भी गया, वहां से भी मोदी सरकार को क्लीन चिट मिल गई है, हालाँकि अभी तक राफेल की कीमत का खुलासा नहीं हो पाया है. भारत में कई राफेल विमान आ भी चुके हैं, जो बचे हैं वो भी जल्द ही आ जाएंगे।