पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी पर सिद्धू की ताजपोशी से कैप्टन नाराज, बुलाई बैठक

तमाम सियासी सरगर्मियों के बीच आख़िरकार कांग्रेस आलाकमान ने नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब का कांग्रेस अध्यक्ष बना ही दिया। सिद्धू की ताजपोशी से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कैप्टन अमरिंदर सिंह नाराज बातये जा रहे हैं, कैप्टन ने मोहाली के सिसवां स्थित अपने फार्म हाउस पर आज नजदीकी नेताओं की बैठक बुलाई है..

कांग्रेस ने जाति और धार्मिक गतिशीलता के पैमानों को भी दूर करने की कोशिश की, अमरिंदर खेमे का एक तर्क यह था कि सिद्धू मुख्यमंत्री की तरह एक जाट सिख थे, और उनकी नियुक्ति हिंदुओं को अलग-थलग कर देगी। नए कार्यकारी अध्यक्षों में टांडा उर्मुर, विधायक संगत सिंह गिलजियान पिछड़े वर्ग के नेता हैं; जंडियाला गुरु विधायक सुखविंदर सिंह डैनी अनुसूचित जाति से हैं; फरीदकोट जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष पवन गोयल हिंदू हैं..

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद पर सिद्धू की नियुक्ति के बाद, जाखड़ ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने उन्हें विधानसभा चुनाव के लिए छह महीने के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी। मुझे विश्वास है कि वह पार्टी और पंजाब के लोगों की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे और सबको साथ लेकर चलेंगे।

पूर्व भाजपा नेता नवजोत सिंह सिद्धू 2017 विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस में शामिल हो गए। सिद्धू वर्तमान में विधायक हैं और अमरिंदर सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं, कैप्टन और सिद्धू के बीच 36 का आंकड़ा रहता है.