केजरीवाल ने चलाया एक और राजनीतिक दांव, देश के सभी डॉक्टरों और नर्सों के लिए की भारत रत्न की मांग

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने लगभग पूरे कोरोना काल में सबसे ज्यादा राजनीति की है, कभी ऑक्सीजन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते थे तो कभी व्यवस्थाओं को लेकर, अब केजरीवाल ने एक और सियासी दाँव खेला है, उन्होंने डॉक्टर और नर्सों को (Bharat Ratna for all doctors ) भारत रत्न देने की मांग की है, जो कि सम्भव ही नहीं है. केजरीवाल ने ऐसी मांग इसलिए की है ताकि डॉक्टर और नर्स उनसे खुश हो जाएँ।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने अपने ट्वीट में लिखा, इस वर्ष “भारतीय डॉक्टर” को भारत रत्न ( (Bharat Ratna for all doctors )  मिलना चाहिए। “भारतीय डॉक्टर” मतलब सभी डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिक शहीद हुए डाक्टर्ज़ को ये सच्ची श्रद्धांजली होगी। अपनी जान और परिवार की चिंता किए बिना सेवा करने वालों का ये सम्मान होगा। पूरा देश इस से खुश होगा।


National Sample Survey (NSS) के मुताबिक़, 2016 में भारत में लगभग 38 लाख डॉक्टर थे, अब 2021 चल रहा है, लगभग 45-50 लाख तो हो ही गए होंगे। इतने लोगों को भारत रत्न देना सम्भव नहीं है, नर्सों को भी मिला दिया तो ये आंकड़ा और भारी-भरकम हो जाएगा। महामहिम राष्ट्रपति को भारत रत्न बांटने में सालों लग जाएंगे। भारत रत्न देश ( (Bharat Ratna for all doctors ) का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, अगर इसे थोक में दिया जाने लगेगा तो निश्चित ही इसका महत्त्व खत्म हो जाएगा। केजरीवाल की इस मांग के बाद सोशल मीडिया पर लोग उन्हें मूर्ख कह रहे हैं.

डॉक्टर भगवान का दूसरा रूप हैं, इसमें कोई दो राय नहीं, लेकिन कोरोना काल में कई जगह देखने को मिला कि कुछ डॉक्टरों ने बेइंतिहा लूट मचाई। लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

आपको बता दें कि अबतक भारत में सिर्फ 48 लोगों को भारत रत्न दिया गया है, जिसमें से जिनमें से 16 व्यक्तियों को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री मरणोपरांत सम्मानित होने वाले पहले व्यक्ति बने। पहला भारत रत्न सी राजगोपालाचारी को मिला था..यानि केजरीवाल को पता है कि इतने लोगों को भारत रत्न नहीं मिल सकता, फिर भी ऐसा मांग कर रहे हैं, लोगों का मानना है कि ऐसी मांग करके केजरीवाल देशभर में लगभग 50 लाख वोट एक साथ फिक्स करना चाहते हैं.