हिन्दुओं के क्षेत्र में या मंदिर के 5 किमी आसपास गौमांस बेचने पर बैन, असम में जल्द बनेगा कानून

जबसे हिमंता बिस्व सरमा ने असम के मुख्यमंत्री पद की कुर्सी संभाली है तबसे अपने कड़े फैसलों को लेकर चर्चा में हैं, अब असम सरकार एक और कानून (Assam new cattle Bill ) बनानें जा रही है है जिसके तहत हिन्दुओं के क्षेत्र में या मंदिर के 5 किमी आसपास गौमांस बेचने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग जाएगा। इसे पहले सीएम हिमंता ने असम पुलिस को सख्त निर्देश दिया था कि ‘गौमाता की रक्षा हर हाल में होनी चाहिए, अगर गौतस्करों को गोली भी मारनी पड़े तो पुलिस बिल्कुल भी संकोच न करे.

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा सोमवार को असम विधानसभा में मवेशियों की रक्षा के लिए एक नया विधेयक (Assam new cattle Bill ) पेश किया गया, जिसमें “मुख्य रूप से हिंदू, जैन, सिख और अन्य गैर-बीफ खाने वाले समुदायों” वाले क्षेत्रों में बीफ या बीफ उत्पादों की बिक्री और खरीद पर रोक लगाई गई है। किसी भी मंदिर या वैष्णव मठ के “5 किमी के दायरे में”। ‘असम मवेशी संरक्षण विधेयक,’ का उद्देश्य मवेशियों के “वध, खपत, अवैध परिवहन” को विनियमित करना है।

विधेयक पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष देवव्रत सैकिया ने कहा कि विधेयक (Assam new cattle Bill ) में बहुत सारे समस्याग्रस्त क्षेत्र हैं और वे कानूनी विशेषज्ञों द्वारा इसकी जांच कर रहे हैं। “उदाहरण के लिए, गोमांस के बारे में 5 किमी का नियम। पत्थर रखा जा सकता है और कोई भी कहीं भी ‘मंदिर’ बना सकता है – इसलिए यह बहुत अस्पष्ट हो जाता है। इससे बहुत अधिक सांप्रदायिक तनाव हो सकता है…

विपक्ष ने कहा है कि “यह गायों की रक्षा के लिए या गायों के सम्मान के लिए कोई विधेयक नहीं है। यह मुसलमानों की भावनाओं को आहत करने और समुदायों का और ध्रुवीकरण करने के लिए लाया गया है।

कुछ दिन पहले ही असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने कहा कि ‘गाय हमारी भगवान है। गाय हमें दूध देती है, गोबर देती है और ट्रैक्टर आने से पहले हमने मवेशियों की मदद से खेती की थी और यह कई हिस्सों में जारी भी है। अब लोग पशु तस्करी, नशीली दवाओं की तस्करी में भी शामिल हो गए हैं। लेकिन अब किसी को बख्शा नहीं जाना चाहिए, जो गौतस्करी करते दिखे उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाय.