अपने ही बयान से बदले राकेश टिकैत

Rakesh tikait and Tikri
Rakesh tikait and Tikri border

हाल ही में किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा था कि कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन में शामिल संगठनों को पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ना चाहिए क्योंकि यह “सिस्टम को कैसे बदला जा सकता है” पर एक मॉडल पेश करेगा। चढूनी के इस बयान से राकेश टिकैत ने किनारा करते हुए कहा था कि आंदोलनकारी को चुनाव में नहीं जाना चाहिए। हालाँकि अब टिकैत ने कहा है कि चुनाव लड़ने में कोई दिक्कत नहीं है, उन्होंने खुद चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं.

समाचार चैनल आजतक से बात करते हुए किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा, चुनाव लड़ना क्या कोई गलत है, हम क्या वोट नहीं देते और अगर जो वोट देते हैं, वह चुनाव लड़ना चाहते हैं तो उसमें गलत क्या है, वह चुनाव लड़ सकते हैं.

आपको बता दें कि कुछ दिन दिन पहले गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा था कि ‘चुनाव लड़ना क्या कोई गलत है, हम क्या वोट नहीं देते और अगर जो वोट देते हैं, वह चुनाव लड़ना चाहते हैं तो उसमें गलत क्या है, वह चुनाव लड़ सकते हैं. चढूनी के इस बयान के बाद टिकैत ने कहा था, ये संयुक्त मोर्चे का फैसला नहीं है। ये गुरनाम सिंह की सोच हो सकती है। बहुत लोगों का इस तरह का विचार है कि चुनाव में जाएं लेकिन अभी ये फैसला नहीं है। हमारा मानना है कि आंदोलनकारी को चुनाव में नहीं जाना चाहिए। आंदोलन गैर राजनीतिक रहे। चुनाव से फायदा नहीं होगा।