महाराष्ट्र में फिर हो सकता है भाजपा-शिवसेना का गठबंधन, देवेंद्र फडणवीस ने दिए संकेत

महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार में दरार की अटकलों के बीच महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को एक आश्चर्यजनक टिप्पणी करते हुए कहा कि शिवसेना भाजपा की दुश्मन नहीं है, हालांकि कुछ मुद्दों पर मतभेद हैं। फडणवीस के इस बयान के बाद सियासी सरगर्मियां बढ़ गई हैं, भाजपा-शिवसेना गठबंधन की भी अटकलें लगनी लगी हैं, फडणवीस ने कहा, राजनीति में कोई किंतु-परंतु नहीं होता है। शिवसेना के साथ हमारे मतभेद हो सकते हैं, लेकिन हम दुश्मन नहीं हैं, पिछले दिनों फडणवीस शिवसेना के खिलाफ काफी आक्रामक रवैया अख्तियार करते थे लेकिन अब उनकी एकाएक शिवसेना के प्रति नरमी काफी कुछ संकेत दे रही है…BJP-Shiv Sena alliance


केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ उनकी हालिया मुलाकात और क्या भाजपा-शिवसेना गठबंधन फिर से हाथ मिलाएंगे, इस बारे में पूछे जाने पर फडणवीस ने कहा, “राजनीति में कोई किंतु-परंतु नहीं होता है, मौजूदा परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लिए जाते हैं। फडणवीस ने कहा, “हमारे दोस्त ने 2019 का विधानसभा चुनाव हमारे साथ लड़ा था। लेकिन चुनाव के बाद उन्होंने उन्हीं लोगों (राकांपा और कांग्रेस) से हाथ मिलाया जिनके खिलाफ हमने चुनाव लड़ा था। BJP-Shiv Sena alliance

फडणवीस की यह टिप्पणी उस दिन आई है जब शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि भाजपा और शिवसेना नेताओं के गुप्त रूप से मिलने की जितनी अफवाहें फैलती हैं, महा विकास अघाड़ी सरकार उतनी ही मजबूत होती है।BJP-Shiv Sena alliance

संजत राउत से पूछा गया कि क्या वह शनिवार को भाजपा नेता आशीष शेलार से मिले थे। उन्होंने जवाब देते हुए कहा, “इस तरह की अफवाहें जितनी अधिक फैलेंगी, एमवीए गठबंधन उतना ही मजबूत होगा। हमारे बीच राजनीतिक और वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन अगर हम सार्वजनिक समारोहों में आमने-सामने आते हैं, तो हम एक-दूसरे का अभिवादन करेंगे। मैंने शेलार के साथ खुले तौर पर कॉफी पी है।

कांग्रेस-शिवसेना-राकांपा गठबंधन सरकार की एक सहयोगी – ने हाल ही में कहा है कि वह अकेले राज्य में भविष्य का चुनाव लड़ेगी, जिससे अटकलें लगाई जा रही हैं कि एमवीए गठबंधन अनिश्चितता से गुजर रहा है.