जबसे हिमंता बनें है मुख्यमंत्री, तबसे फुलफॉर्म में है असम पुलिस, 60 दिन में 12 खूंखार अपराधी ढ़ेर

जबसे हिमंता बिश्व सरमा मुख्यमंत्री बनें हैं, तबसे असम पुलिस फुलफॉर्म में चल रही है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले 2 महीनें के अंदर असम पुलिस ने 12 खूंखार अपराधियों को एनकाउंटर में ढ़ेर कर दिया। ये सब वो अपराधी थे जिनपर पुलिस कभी सख्ती से एक्शन नहीं लेती थी, 10 मई को नई सरकार के सत्ता में आने के बाद अपराधियों की ताबड़तोड़ ठुन्काइ से विपक्ष भी बहुत आहत है, विपक्ष पर आरोप लगाया है कि हिमंत सरमा के नेतृत्व वाले शासन के तहत असम पुलिस “ट्रिगर हैप्पी” हो गई है। हालांकि, असम पुलिस ने विपक्ष के आरोप का खंडन करते हुए निराधार बताया है. Assam Police 12 criminals

विशेष पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने एक साक्षात्कार में कहा, “पिछले कुछ महीनों में जब अपराधियों ने हिरासत से भागने की कोशिश की तो पुलिस मुठभेड़ों या गोलीबारी में लगभग 12 मौतें हुई हैं।” उनमें से छह संदिग्ध दीमासा नेशनल लिबरेशन आर्मी (डीएनएलए) के आतंकवादी और यूनाइटेड पीपुल्स रिवोल्यूशनरी फ्रंट (यूपीआरएफ) के दो विद्रोही हैं, जो कार्बी आंगलोंग जिले में पुलिस के साथ अलग-अलग मुठभेड़ों में मारे गए थे।
Assam Police 12 criminals

पुलिस अधिकारी ने कहा, धेमाजी, नलबाड़ी, शिवसागर और कार्बी आंगलोंग जिलों में अलग-अलग मुठभेड़ों में चार अन्य अपराधी मारे गए। कई आरोपियों ने पुलिस अधिकारियों की सर्विस पिस्टल छीन ली थी, जिसके बाद गोलीबारी हुई थी। उन्होंने कहा कि कुछ मुठभेड़ तब हुई जब पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया और कुछ ने अपराध स्थल के पुनर्निर्माण के लिए ले जाने पर भागने की कोशिश की।
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अधिकारी ने कहा, “जब इन आतंकवादियों और अपराधियों ने हिरासत से भागने का प्रयास किया तो पुलिस को गोलीबारी करनी पड़ी। स्पेशल डीजीपी ने कहा कि जिन घटनाओं में आरोपियों ने अपनी जान गंवाई है, उनकी सूचना राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग सहित संबंधित अधिकारियों को दी गई है, जैसा कि प्रक्रिया है.