केंद्रीय कृषिमंत्री का किसान आंदोलनकारियों को दो टूक, तीनों कृषि कानून कभी नहीं नहीं वापस होंगे

केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने बृहस्पतिवार को कहा कि केंद्र के तीन नए कृषि कानून किसानों की जिंदगी में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे और इनको वापस लेने का सवाल ही नहीं है. गुरुवार को ग्वालियर पहुंचे तोमर ने कहा कि कृषि कानून किसी भी कीमत पर वापस नहीं होंगे. उन्होंने साफ कर दिया कि ये कानून 30 साल की कृषि वैज्ञानिकों की मेहनत का प्रतिफल हैं. देश के अधिकांश किसान यूनियन कृषि कानून के समर्थन में हैं. विरोध कर रहे किसान यूनियन के लोगों से भी बातचीत करने के लिए सरकार ने भरपूर कोशिश की है. New Farms Law

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने दावा किया कि देश के अधिकांश हिस्सों, अधिकांश यूनियनों के साथ-साथ किसान भी इन कानूनों का समर्थन करते हैं। कृषि मंत्री का यह बयान गाजीपुर बॉर्डर पर भाजपा कार्यकर्ताओं और कृषि विरोधी कानून प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प के एक दिन बाद आया है, जिसमें दोनों पक्षों के कुछ लोग घायल हो गए थे। New Farms Law

तोमर ने यहां एक कृषि विश्वविद्यालय में एक छात्रावास का उद्घाटन करने के बाद संवाददाताओं से कहा, “हमने किसान संघ से कहा है कि (इन कानूनों को) निरस्त करने को छोड़कर हम उनके किसी भी प्रस्ताव पर बात करने के लिए तैयार हैं।” उन्होंने कहा, “कृषि कानून किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाने जा रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों द्वारा 30 साल की कवायद के बाद इन कानूनों को लाया गया। New Farms Law

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र ने इस दिशा में प्रयास किए थे, और परिणामस्वरूप, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ये कृषि सुधार बिल अस्तित्व में आए। “देश के ज्यादातर हिस्से, ज्यादातर यूनियनें, ज्यादातर किसान विधेयक के समर्थन में हैं। सरकार ने इसका विरोध करने वालों से सिलसिलेवार बातचीत की।

उल्लेखनीय है कि कृषि कानून का विरोध कर रहे किसानों और केंद्र सरकार के बीच अबतक 11 दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। फ़िलहाल बातचीत का सिलसिला बंद है.