बाबा रामदेव के बयान पर हल्ला मचानें वाला IMA प्रशांत भूषण के विवादित ट्वीट पर चुप क्यों?

Prashant Bhushan controversial tweet
Prashant Bhushan controversial tweet

कुछ दिनों पहले योगगुरु स्वामी रामदेव ने कथित तौर पर एलोपैथी के खिलाफ टिप्पणी की थी, बाबा रामदेव के बयान पर इंडियन मेडिकल एसोसिशन ( IMA ) बुरी तरह भड़क गया था और रामदेव को 1000 करोड़ का मानहानि का नोटिस भेज दिया था, अब प्रशांत भूषण खुलेआम ( ( Prashant Bhushan controversial tweet ) भारतीय वैक्सीन पर सवाल उठा रहा है तो IMA का एक भी आदमी नहीं सनक रहा है, ऐसा लगता है कि IMA को सांप सूंघ गया है, इससे यह भी प्रतीत होता है कि IMA को बाबा रामदेव के बयान से नहीं बल्कि आयुर्वेद से चिढ है इसलिए उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया, जबकि प्रशांत भूषण के खिलाफ खामोश है.

उल्लेखनीय है कि कोरोना के खिलाफ जंग में सबसे हथियार जो है वो है वैक्सीन, देशभर में तेजी से लोगों को कोविड इंजेक्शन लगाया जा रहा है तो वहीँ सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण ने ट्वीट ( Prashant Bhushan controversial tweet ) कर कहा है कि न तो मैनें कोविड वैक्सीन लिया है, न आगे लेने का इरादा है, यही नहीं भूषण ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘स्वस्थ युवाओं में कोविड के कारण गंभीर प्रभाव या मृत्यु की संभावना बहुत कम होती है। इंजेक्शन के कारण उनके मरने की संभावना अधिक होती है। कोरोना से रिकवर होने वालों की नैचुरल इम्युनिटी, इंजेक्शन की तुलना में कहीं बेहतर होती है। इंजेक्शन उनकी नैचुरल इम्युनिटी से समझौता भी कर सकते हैं। यानि प्रशांत भूषण खुलेआम वैक्सीन के खिलाफ टिप्पणी कर रहा है. ( Prashant Bhushan controversial tweet )


माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर ने प्रशांत भूषण के इस ट्वीट को भ्रामक मानते हुए सेंसर कर दिया है, ट्विटर ने प्रशांत भूषण के ट्वीट के नीच लिख दिया, ‘यह ट्वीट भ्रामक है। पता करें कि स्वास्थ्य अधिकारी अधिकांश लोगों के लिए COVID-19 इंजेक्शन को सुरक्षित क्यों मानते हैं।

ट्विटर ने भी मान लिया कि प्रशांत भूषण का ट्वीट विवादित है लेकिन लगता है कि अभी इंडियन मेडिकल एसोसिशन ( IMA ) वालों ने विवादित नहीं माना है, इसलिए कोई कुछ बोल नहीं रहा है.