इजराइल में खत्म हुआ नेतन्याहू युग, Naftali Bennett बनें नए प्रधानमंत्री, जानिए इनके बारें में सबकुछ

इजराइल में लगभग 12 सालों बाद नेतन्याहू युग खत्म हो गया है और Naftali Bennett अब इजराइल के नए प्रधानमंत्री बन गए हैं, भारतीय समयानुसार रविवार देर शाम नेसेट ने नफ्ताली बेनेट को इजरायल के नए प्रधान मंत्री के रूप में मंजूरी दे दी। लगातार 12 सालों तक शासन करने वाले नेतन्याहू इजराइल के पहले प्रधानमंत्री थे, इस साल मार्च में हुए आम चुनाव में नेतन्याहू की पार्टी को बहुमत हासिल नहीं हो सका, यही नहीं इजराइल में दो साल के भीतर चार बार आम चुनाव हुए लेकिन किसी को बहुमत नहीं मिला, अब Naftali Bennett गठबंधन करके सरकार बना रहे हैं. ( Who is Naftali Bennett )

इजराइल के नए प्रधानमंत्री Naftali Bennett बेंजामिन नेतन्याहू के पूर्व सहयोगी हैं, बेनेट दो साल तक प्रधानमंत्री रहेंगे, उसके बाद उनकी सहयोगी पार्टी के यायर लैपिड प्रधानमंत्री बनेंगे। बेनेट और लैपिड एक असाधारण आठ पार्टी के गठबंधन का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसमें दक्षिणपंथी, लेफ्ट और सेकुलर तथा धार्मिक पार्टियां भी हैं, ये सभी पार्टियां अपनी-अपनी विचारधारा को तिलांजलि देकर सत्ता के लिए एकजुट हुए हैं, जैसे महाराष्ट्र में शिवसेना-कांग्रेस और एनसीपी।

नेतन्याहू भले ही हट गए हों लेकिन गाजा में बैठे हमास के आतंकियों की मुश्किलें कम होनें वाली नहीं हैं, दक्षिणपंथी विचारधारा वाले बेनेट नेतन्याहू से भी ज्यादा कट्टर हैं, जो अधिकांश कब्जे वाले वेस्ट बैंक पर कब्जा करने का सपना देखते हैं। ( Who is Naftali Bennett )

49 वर्षीय Naftali Bennett इजराइली सेना में कमांडों भी रह चुके हैं, बेनेट ने 2013 में राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश किया, नेतन्याहू सरकारों में रक्षा मंत्री के साथ-साथ शिक्षा और वित्मंत्रालय भी संभाल चुके हैं. इज़राइली शहर हाइफ़ा में सैन फ़्रांसिस्को के अप्रवासियों के घर जन्मे बेनेट एक आधुनिक-रूढ़िवादी धार्मिक यहूदी हैं। वह अपनी पत्नी, और अपने चार बच्चों के साथ रानाना के साथ तेलअवीव में रहते हैं. ( Who is Naftali Bennett )

नेतन्याहू की तरह, बेनेट धाराप्रवाह अमेरिकी-उच्चारण वाली अंग्रेजी बोलते हैं और उन्होंने अपना कुछ बचपन उत्तरी अमेरिका में बिताया। हाई-टेक क्षेत्र में काम करते हुए, बेनेट ने जेरूसलम के हिब्रू विश्वविद्यालय से लॉ की डिग्री हासिल की. हाल ही में जब हमास और इजराइल के बीच 11 दिनों तक चले वॉर के बाद युद्धविराम हुआ, लेकिन बेनेट इससे खुश नहीं थे, बेनेट का मानना था कि गाजा को तबाह करके ही छोड़ा जाना चाहिए था.