यूपी ATS ने 2 रोहिंग्या नूर आलम और आमिर हुसैन को किया गिरफ्तार, बहुत खतरनाक मिशन में जुटे थे ये..

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UP ATS Arrested Rohingya Noor Alam and Amir Hussain in ghaziabad, Noor Alam used to get Rohingyas illegally entered into India and also got their fake documents made.

उत्तर प्रदेश एंटी टेरर स्क्वाड ( एटीएस ) ने गाजियाबाद से दो रोहिंग्या मुसलामानों को गिरफ्तार ( UP ATS Arrested Rohingya) किया है, गिरफ्तार किये गए दोनों रोहिंग्याओं की पहचान नूर आलम और आमिर हुसैन के रूप में हुई है, गिरफ्तार नूर आलम रोहिंग्या को अवैध तरीके से भारत में दाखिल करवाता था और उनके फ़र्ज़ी दस्तावेज भी बनवाता था। इससे पहले भी वो कई रोहिंग्या को बांग्लादेश से अवैध तरीके से भारत में दाखिल करा चुका है। फर्जी दस्तावेज बनवाने में नूर आलम का साथ कौन देता था यह भी बड़ा सवाल है.

यूपी एटीएस ने अपने बयान में कहा, “7 जून को शाम करीब छह बजे यूपी एटीएस ने नूर आलम उर्फ ​​रफीक और आमिर हुसैन को गाजियाबाद से गिरफ्तार ( UP ATS Arrested Rohingya) किया।” नूर आलम ने आमिर हुसैन को आश्वासन दिया था कि वह उन्हें एक नकली भारतीय पासपोर्ट दिलाएगा। एटीएस ने कहा कि आलम और हुसैन दोनों म्यांमार के रखाइन प्रांत के निवासी हैं। नूर आलम मेरठ में रह रहा था, आमिर हुसैन दिल्ली में खजूरी खास की श्रीराम कॉलोनी में रह रहा था।


एटीएस ने कहा कि गिरफ्तार किये गए रोहिंग्याओं के पास से संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) कार्ड और हुसैन से 4,800 रुपये बरामद किए। आलम के पास से एक यूएनएचसीआर कार्ड, 65,680 रुपये, मोबाइल फोन, आधार कार्ड और पैन कार्ड बरामद किए गए। बयान में कहा गया, “गिरफ्तार ( UP ATS Arrested Rohingya) आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा और पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा ताकि उनसे उनके अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी हासिल की जा सके।”

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ऑउटलुक के मुताबिक़, एटीएस ने यह भी कहा कि उसने 6 जनवरी को एक रोहिंग्या अजीजुल्लाह को गिरफ्तार किया था और उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता, पासपोर्ट अधिनियम और विदेशी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। अजीजुल्लाह की गिरफ्तारी के बाद से यूपी एटीएस को उसके साले नूर आलम उर्फ रफीक की तलाश में थी। एटीएस ने कहा कि आलम मास्टरमाइंड था, जो सभी गिरफ्तार रोहिंग्याओं को भारत लाया था।