Twitter का दोगलापन: मोहन भागवत के अकाउंट से हटाया ब्लू टिक, अहमद पटेल मर गए लेकिन ब्लू टिक बरकार

ट्विटर अब पूरी तरह से मनमानी पर उतर आया है, अब भारत सरकार को Twitter पर नकेल कसनी ही चाहिए, नहीं तो ये मनबढ़ होता चला जाएगा। भारत के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के बाद अब माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर ने अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ( आरएसएस ) के प्रमुख मोहन भागवत समेत कई वरिष्ठ नेताओं के Twitter अकाउंट से भी ब्लू टिक हटा कर अनवेरीफाईड किया गया। इनमें कृष्ण गोपाल, सुरेश सोनी, सुरेश जोशी और अरुण कुमार प्रमुख हैं।

ट्विटर जानबूझकर संघ और भाजपा से जुड़े लोगों के ट्विटर अकाउंट को निशाना बना रहा है, ट्विटर ने मोहन भागवत के अकाउंट से ब्लू टिक हटा दिया, लेकिन कांग्रेस नेता अहमद पटेल को मरे 6 महीनें से ज्यादा बीत गए, उनके अकाउंट पर अभी भी ब्लू टिक बरकार है, इसे ट्विटर का दोगलापन न कहा जाय तो क्या कहा जाय.

इससे पहले Twitter ने भारत के उपराष्ट्रपति Venkaiah Naidu के अकाउंट से ब्लू टिक हटाकर असत्यापित यानि unverified कर दिया। उपराष्ट्रपति के अकाउंट से ब्लू टिक हटाए जानें के बाद अब ट्विटर पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है, वहीँ अब खबर आ रही है कि मोदी सरकार अब ट्विटर को बख्शने के मूड़ में नहीं है, आईटी मिनिस्ट्री ने नाराजगी जताई है, केंद्र ने ट्विटर की मंशा को गलत करार दिया है. सरकार यह जानने की कोशिश कर रही है कि उपराष्ट्रपति के ट्विटर हैंडल से ब्लू टिक क्यों हटाया गया, अगर ट्विटर की ओर से जल्द स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो केंद्र सरकार ट्विटर पर कार्यवाही कर सकती है. ट्विटर ने उपराष्ट्रपति Venkaiah Naidu के अकाउंट को असत्यापित क्यों किया, इसकी जानकारी नहीं दी.

आरएसएस के बारें में गहराई से जानने वाले न्यूज़ एजेंसी आईएनएस के पत्रकार नवनीत मिश्रा ने ट्वीट करके जानकारी दी है कि संघ के शीर्ष पदाधिकारियों के ये अकाउंट ट्वीट करने के लिए नहीं बल्कि उनके नाम पर बने फर्जी हैंडल से लोगों को सावधान करने के लिए वेरिफाई कराया गया था.