ऑपरेशन ब्लू स्टार की 37वीं बरसी पर स्वर्ण मंदिर में लहराए गए खालिस्तानी झंडे और भिंडरावाले के पोस्टर

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आज ऑपरेशन ब्लू स्टार की 37वीं बरसी है, इस मौके पर अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में खालिस्तानी झंडे और खालिस्तानी आतंकी जरनैल भिंडरावाले के पोस्टर दिखाई दिए. पिछली बरसी पर भी इसी तरह की गतिविधियाँ दिखाई दी थी. रविवार को ऑपरेशन ब्लू स्टार की 37वीं बरसी पर अमृतसर में श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) के अंदर एक कार्यक्रम के दौरान खालिस्तानी अलगाववादी जरनैल भिंडरावाले और खालिस्तानी झंडों के पोस्टर देखे गए.

पंजाब सरकार ने इस मौके पर पूरे राज्य खासकर अमृतसर में सुरक्षा कड़ी कर दी है। अमृतसर के पुलिस कमिश्नर ने कहा कि शहर भर में निगरानी रखने के लिए और शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए 6,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। पंजाब में कोरोना के कारण लॉकडाउन है, उसके बावजूद जगह-जगह बड़े-बड़े कार्यक्रम किये जा रहे हैं.

Operation Blue Star को 1 से 10 जून 1984 के बीच अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में किया गया, तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने ऑपरेशन ‘ब्लू स्टार’ का आदेश दिया था, इस ऑपरेशन में कई लोगों को अपनी जान गँवानी पड़ी थी। स्वर्ण मंदिर के कुछ हिस्से को भी नुकसान पहुँचा था।

Operation Blue Star के बाद ही सुरक्षा में तैनात सिख गार्ड ने गोली मारकर इंदिरा गाँधी की हत्या कर दी, उसके बाद दिल्ली में सिख विरोधी दंगे भड़क गए. इस दंगे 3 से 5 हजार सिखों का कत्लेआम हुआ. सिख विरोधी दंगों में कई कांग्रेसी नेताओं का भी नाम सामने आया. आपको बता दें कि दिल्ली में चल रहे तथाकथित किसान आंदोलन में भी कई बार खालिस्तानी आतंकी जनरैल भिंडरावाले के पोस्टर देखे गए.

OperationBluestar

Operation Blue Star का मकसद अमृतसर(पंजाब) में हरिमंदिर साहिब परिसर को खालिस्तान समर्थक जनरैल सिंह भिंडरावाले और उनके समर्थकों से मुक्त कराना था। भिंडरावाले के नेतृत्व में अलगाववादी ताकतों को पाकिस्तान से लगातार समर्थन मिल रहा था। ऑपरेशन से पहले रिक्शावाला बनकर गए अजित डोभाल ने कई महत्वपूर्ण इन्फॉर्मेशन जुटाई थी.