TMC ने जारी किया फरमान, कहा- कान खोलकर सुन लें सभी दुकानदार, 18 BJP नेताओं को सामान नहीं देना है

लगातार तीसरी बार बंगाल की सत्ता में आने के बाद तृणमूल कांग्रेस ( TMC ) की गुंडागर्दी सर चढ़कर बोल रही है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सत्तारूढ़ TMC ने 18 भाजपा नेताओं को ब्लैकलिस्ट कर दिया है और कड़ी दुकानदारों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि इन्हें कोई भी सामान नहीं देना है, टीएमसी के इस फरमान की जमकर आलोचना हो रही है, केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण समेत बड़े नेताओं ने TMC की इस तानाशाही पर सवाल उठाया है.

बंगाल भाजपा महिला मोर्चा की प्रमुख केया घोष ने शनिवार को ट्विटर पर टीएमसी द्वारा कथित रूप से प्रसारित एक सूची साझा की, जिसमें 18 व्यक्तियों को सूचीबद्ध किया गया था, सभी भाजपा के सदस्य हैं, जिन्हें टीएमसी की अनुमति के बिना कोई भी सामान विशेष रूप से चाय नहीं बेची जानी चाहिए।

टीएमसी द्वारा भाजपा नेताओं को ब्लैकलिस्ट किये जानें पर हैरानी जताते हुए केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बंगाल की मुख्यमंत्री सीएम ममता बनर्जी से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि पश्चिम बंगाल में सभी नागरिकों की रक्षा की जाए और उन्हें बहिष्कृत या बुनियादी सुविधाओं से वंचित न किया जाए। भाजपा सांसद स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि यह ब्लैकलिस्टिंग पुलिस की मिलीभगत का इस्तेमाल कर कार्यकर्ताओं के मनोबल तोड़ने के लिए की गई।

गौरतलब है कि बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय को केंद्र में वापस बुलाए जाने को लेकर ममता बनर्जी और केंद्र सरकार के बीच ठन गई है, केंद्र सरकार ने अलपन को दिल्ली बुलाया था लेकिन ममता बनर्जी के कहने पर उन्होंने दिल्ली जाने से इन्कार कर दिया और नौकरी से इस्तीफा दे दिया। अब ममता ने बंदोपध्याय को अपना मुख्य सलाहकार नियुक्त किया है, तीन साल के लिए ढाई लाख प्रति महीनें की सैलरी पर. केंद्र सरकार अब अलपन बंदोपाध्याय पर सर्विस उललंघन की कार्यवाही करने पर विचार कर रही है.