किसान आंदोलन में बर्बरता, टीकरी बॉर्डर पर 42 वर्षीय व्यक्ति को शराब पिला जिन्दा ज’ला’या गया

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किसान आंदोलन से एक बर्बरता की खबर सामने आई है, टिकरी बॉर्डर ( Tikri Border burnt ) पर एक 42 वर्षीय व्यक्ति को शराब पिलाकर ज़िंदा जला दिया गया, जिसके बाद उसे आनन फानन में अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस घटना से मृतक के परिवार का रो रोकर बुरा हाल है। इस घटना को लेकर हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने कहा, टिकरी बॉर्डर पर एक किसान को पेट्रोल डालकर जला देने के मामले में FIR दर्ज़ की गई है, जांच जारी है। कार्रवाई की जाएगी। कसार, जींद के एक 42 वर्षीय निवासी ने किसानों के धरना स्थल पर कथित तौर पर आग लगाने के बाद दम तोड़ दिया। ( Tikri Border burnt )

बताया जा रहा है कि बहादुरगढ़ के बाईपास पर गांव कसार के निकट किसान आंदोलन में गए कसार निवासी मुकेश को पहले शराब पिलाई गई और फिर शहीद होने का नाम देकर उस पर तेल छिड़ककर आग लगा दी गई, जिससे उसकी मौत हो गई। जींद के एक आंदोलनकारी पर तेल छिड़ककर आग लगाने का आरोप है। फिलहाल हत्यारोपी फरार चल रहा है। ( Tikri Border burnt )

मृतक के भाई के बयान के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि अभी तक हत्या के पीछे के कारणों का पता नहीं चल पाया है।


पुलिस अधिकारी जयभगवान ने कहा, एक बयान में कहा गया कि उसका भाई किसानों के धरने पर गया था जहां उसे आग के हवाले कर दिया गया, उसने कुछ लोगों का नाम लिया था. पोस्टमॉर्टम हो चुका है। तथ्यों के आधार पर आगे की जांच की जाएगी। हमें बताया गया है कि आरोपी जींद के रहने वाले हैं.

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा, किसान आंदोलन अगर शांति के साथ चलता रहे तो हमें कोई आपत्ति नहीं है लेकिन इसमें जो हिंसात्मक और अनैतिक गतिविधियां होने लग गई हैं, यह बुहत चिंता का विषय है। आंदोलन स्थल महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने का अड्डा बन गया है.