केजरीवाल के कुकृत्यों पर पर्दा डालने आगे आये सिसोदिया, सुप्रीम कोर्ट की रिपोर्ट को बताया झूठा

सुबह-सुबह मीडिया में खबर आई कि दिल्ली में ऑक्सीजन संकट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने ऑक्सीजन ऑडिट के लिए एक पैनल गठित किया था, अब इस पैनल ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है, इस रिपोर्ट के मुताबिक़, दिल्ली सरकार ने जरूरत से चार गुना ज्यादा ऑक्सीजन की मांग की. जिसकी वजह से अन्य राज्यों में ऑक्सीजन की सप्लाई पर असर पड़ा, इसके परिणाम भयानक निकले। अब दिल्ली के मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इस रिपोर्ट को झूठी करार देते हुए कहा कि ऐसी कोई रिपोर्ट है ही नहीं, सिसोदिया ने खुलेआम केजरीवाल के कुकृत्यों पर पर्दा डालने की कोशिश की है. supreme court Oxygen delhi

सिसोदिया ने कहा, जब Supreme Court की Oxygen Audit Committee ने कोई Report ही नहीं जारी की तो क्या BJP ने अपने Headquarter में बैठकर ये मनगढ़ंत रिपोर्ट तैयार की है?

आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, मैं सुबह से देख रहा हूँ, मीडिया में भाजपा के बड़े-बड़े नेता आकर और सोशल मीडिया पर केजरीवाल जी को गाली दे रहे हैं, रिपोर्ट को तथाकथित बताते हुए सिसोदिया ने कहा, भाजपा के नेता जिस तथाकथित रिपोर्ट के हवाले से केजरीवाल को गाली दे रहे हैं, ऐसी कोई रिपोर्ट है ही नहीं। supreme court Oxygen delhi

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित पैनल ने कहा है कि ‘कोरोना की दूसरी लहर में जब दिल्ली सरकार द्वारा 1200 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की मांग का शोर मचाया जा रहा था. तब दिल्ली को सिर्फ 300 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत थी. दिल्ली सरकार की इसी मांग के कारण करीब 12 राज्यों में ऑक्सीजन की किल्लत पैदा हुई थी, क्योंकि तब की जा रही मांग के मुताबिक ऑक्सीजन की अतिरिक्त सप्लाई दिल्ली में की जा रही थी. supreme court Oxygen delhi

एबीपी न्यूज़ के मुताबिक़, 8 मई को सुप्रीम कोर्ट ने देश में ऑक्सीजन वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 12 सदस्यीय टास्क फोर्स बनाया था. दिल्ली के लिए अलग से एक सब-ग्रुप बनाया गया था. इसमें एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया, मैक्स हेल्थकेयर के संदीप बुद्धिराजा के साथ केंद्र और दिल्ली के 1-1 वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं. इसी कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि केजरीवाल ने जरूरत से चार गुना ज्यादा आक्सीजन की मांग की, जिसके कारण करीब 12 राज्यों में ऑक्सीजन की किल्लत पैदा हुई थी.