सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया ने सरकार से मांगी सुरक्षा, जानिये आखिर क्यों?

कोविशील वैक्सीन का उत्पादन करने वाले कम्पनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया ने सरकार से सुरक्षा मांगी है, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने विदेशी वैक्सीन फाइजर और मॉडर्ना को कानूनी सुरक्षा मिलने की खबरों को सुनने के बाद अब अपने कोविशील्ड वैक्सीन के लिए क्षतिपूर्ति सुरक्षा मांगी है। यानि अगर कोविशील्ड टीके से किसी को कोई नुकसान होये तो वह सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया पर केस न कर पाए.

SII के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अदार पूनावाला ने वैक्सीन निर्माताओं के लिए क्षतिपूर्ति संरक्षण की वकालत की है, उन्होंने कहा, यह विशेष रूप से महामारी के दौरान किसी भी मुकदमे से उनकी रक्षा करेगा।

मीडिया रिपोर्टों से पता चला है कि भारत सरकार अमेरिकी फार्मा दिग्गज ‘फाइजर और मॉडर्ना को क़ानूनी सुरक्षा दे सकती है, अगर किसी की फाइजर टीका लगानें के बाद मृत्यु हो जाती है तो फाइजर के खिलाफ मुकदमा नहीं कर सकता। हालाँकि सरकार सुरक्षा देगी या नहीं इसकी कोई पुख्ता जानकारी नहीं है.

COVID-19 महामारी की दूसरी लहर में देश में टीकों की आपूर्ति में भारी कमी आई है, कई राज्यों को वैक्सीन की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण मुंबई और दिल्ली सहित शहरों में कुछ दिनों के लिए वैक्सीन अभियान रोक दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस एस रवींद्र भट शामिल हैं, ने स्वत: संज्ञान लेते हुए केंद्र की वैक्सीन नीति पर कई सवाल उठाए।

भारत में अबतक 22 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लग चुकी है, यहाँ कोविशील्ड, भारत बॉयोटेक टेक द्वारा निर्मित स्वदेशी टीका कोवैसीन और रसियन मूल की स्पूतनिक-V लगाई जा रही है, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया के CEO अदार पूनावाला ने भी कुछ दिन पहले अपने लिए सुरक्षा की मांग की थी, उन्होंने कहा, कुछ लोग धमकी दे रहे हैं. इस समय अदार पूनावाला लंदन चले गए हैं, अपने परिवार के कुछ सदस्यों को भी वहीँ बुला लिए हैं.