जो राममंदिर निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे, वे रसीद दिखाकर अपना चंदा वापस ले लें: साक्षी महराज

यूपी के उन्नाव से भारतीय जनता पार्टी के सांसद साक्षी महाराज ने कहा है कि जो लोग राम मंदिर निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं वो अपनी ‘रसीद दिखाकर अपना चंदा वापस ले लें..सपा पर निशाना साधते हुए भाजपा सांसद साक्षी महराज ने कहा, जो नेता अब आरोप लगा रहे हैं, वे वही हैं जिन्होंने पूर्व में राम भक्तों पर गोलियां चलाई थीं। “उन्होंने ही कहा था कि वे बाबरी मस्जिद के पास एक पक्षी को भी नहीं जाने देंगे। उनके दंभ को मुंहतोड़ जवाब दिया गया है और राम जन्मभूमि स्थल पर एक भव्य मंदिर बन रहा है। ऐसे लोगों के पास बेबुनियाद आरोप लगाने के अलावा और कुछ नहीं है।”

साक्षी महाराज ने कहा कि जहां तक चंपत राय की बात है तो उन्होंने अपना पूरा जीवन भगवान राम को समर्पित कर दिया है। उन्होंने कहा, ‘ऐसे व्यक्ति पर आरोप लगाना भी बेकार है। फिर भी अगर आप के संजय सिंह ने राम मंदिर के लिए कुछ चंदा दिया है तो वह रसीद दिखाकर अपना चंदा वापस ले सकते हैं. अगर अखिलेश यादव ने दान दिया है, तो वह हमें रसीद दिखाकर अपना दान वापस ले सकते हैं। ये वे लोग हैं जिन्होंने राम मंदिर का पुरजोर विरोध किया। अब जब राम मंदिर निर्माण शुरू हो चुका है तो उसमें भी बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं.

गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ पर जमीन की खरीद को लेकर भ्रस्टाचार का आरोप लगाया है, संजय सिंह ने दावा किया है कि राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने अयोध्या में 18.5 करोड़ रुपये में जमीन खरीदा था, जिसे राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा खरीदे जाने से 10 मिनट पहले सिर्फ 2 करोड़ रुपये में बेचा गया था. संजय सिंह के इस आरोप के बाद विश्व हिन्दू परिषद् के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ अलोक कुमार एडवोकेट ने कहा, ये जमीन हरीश पाठक और कुसुम पाठक की थी, कुछ वर्ष पहले एक ‘रजिस्टर्ड to एग्रीमेंट सेल’ उन्होंने किया सुल्तान अंसारी, रविमोहन तिवारी और दूसरे लोगों के साथ, कुछ वर्ष पहले वह एग्रीमेंट हुआ था तो उसी समय के प्राइस यानि रेट/दाम पर हुआ, और उस समय का प्राइस था दो करोड़ रूपये। अब इसकी कीमत है लगभग 20 करोड़ हैं, लेकिन हम लोगों ने विनती की साढ़े 18 करोड़ में मिली ( विस्तार से यहाँ पढ़ सकते हैं )