जम्मू कश्मीर में रोशनी एक्ट के तहत बसाई गई रोहिंग्याओं की बस्ती पर चलने लगा बुल्डोजर: वीडियो

जम्मू कश्मीर में रोशनी एक्ट के तहत बसाई गई रोहिंग्याओं की बस्ती पर अब सरकारी बुल्डोजर ( rohingya colony demolished kashmir ) चलने शुरू हो गए हैं, रोहिंग्याओं के कब्जे से बस्ती को खाली करने का अभियान कश्मीर में तेजी से चल रहा है, सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हो रहे हैं जिसमें देखा जा सकता है कि रोहिंग्याओं की बस्ती पर जेसीबी चल रही है, प्रशासन की इस कार्यवाही ( rohingya colony demolished kashmir ) के बाद रोहिंग्याओं व् इन्हें कश्मीर में बसाने वाले इनके आकाओं के होश उड़ गए हैं, दिलचस्प बात यह है कि प्रसाशन के इतने बड़े कदम के बाद हुर्रियत हो या अब्दुल्ला व् महबूबा, किसी के मुहं से चुं तक नही निकल रहा है..मनमोहन सरकार में हुर्रियत और अब्दुल्ला-महबूबा जितना मनबढ़ हुए थे, उतना ही मोदी सरकार में कंट्रोल हैं. क्योंकि हुर्रियत से लेकर कश्मीर के मुख्यधारा के सभी नेता-नेताइन हाउस अरेस्ट होकर आने के बाद नई जिंदगी जी रहे हैं.


आपको बता दें कि 2001 में फारुख अब्दुल्ला की सरकार द्वारा पारित किए गए ‘द जम्मू-कश्मीर स्टेट लैंड्स (वेस्टिंग ऑफ़ ऑनरशिप टू द ओक्युपेंट्स) एक्ट-2001’ के तहत राज्य सरकार ने मामूली कीमतें तय करते हुए सरकारी भूमि का अतिक्रमण करने वाले लोगों को ही उस भूमि का क़ानूनी कब्ज़ा देने का प्रावधान कर दिया। इस कानून को रोशनी एक्ट इसलिए कहा गया क्योंकि इससे अर्जित धन से राज्य में बिजली परियोजनाएँ लगाकर विद्युतीकरण करते हुए राज्य में रोशनी फैलानी थी। लेकिन इसका ठीक उलट काम हुआ। न सिर्फ सरकारी जमीन की बंदरबाँट और संगठित लूट-खसोट हुई. ( rohingya colony demolished kashmir )

rohingya-muslim
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गौरतलब है कि कुछ महीनों पहले जम्मू कश्मीर में अवैध तरीके से रह रहे रोहिंग्या मुसलमानों के वेरिफिकेशन का काम शुरू था, इसी दौरान सुरक्षा एजेंसियों को कुछ चौंकाने वाले तथ्य हाथ लगे हैं. जांच में पता चला है कि रोहिंग्या को जम्मू में बसाने के लिए पाकिस्तान और UAE की तरफ से एक NGO को फंडिंग की जाती रही है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, रोहिंग्या मुसलमानों और बांग्लादेशी नागरिकों सहित 13,700 से ज्यादा विदेशी नागरिक जम्मू और साम्बा जिलों में बसे हुए हैं.