मोहम्मद जुबेर और राणा अयूब समेत अफवाह गैंग पर UP पुलिस ने दर्ज की FIR तो दुःखी हुए रवीश कुमार

गाजियाबाद के मुस्लिम बुजुर्ग अब्दुल समद का वीडियो झूठे दावे के साथ वायरल करने वालों के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस ने अब एक्शन लेना शुरू कर दिया है, इसी कड़ी में पुलिस ने ऑल्ट न्यूज़ वाले मोहम्मद जुबेर समेत अफवाह फैलाने वाले कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, अफवाह गैंग पर दर्ज हुई एफआईआर से एनडीटीवी वाले रवीश कुमार ( Ravish Kumar ) बहुत आहत हैं, उनका मानना है कि एफआईआर नहीं दर्ज होनी चाहिए।

अपने प्राइम-टाइम शो में रवीश कुमार ने कहा, गाजियाबाद में एक सख्श का वीडियो वायरल हुआ, उसे कई पत्रकारों और संस्थानों ने ट्वीट कर दिया। बाद में पुलिस ने दूसरा पक्ष प्रस्तुत किया। इस बात के लिए पत्रकारों पर एफआईआर कर दी गई है, रवीश कुमार ( Ravish Kumar ) ने कहा, मतलब अब पुलिस और सरकार का दूसरा पक्ष होगा तो एफआईआर कर दी जाएगी। एफआईआर दर्ज होने के बाद रवीश कुमार ने कहा, दुःख की बात यह है कि कुछ चम्मच पत्रकार इसे सही बता रहे हैं….रवीश कुमार ( Ravish Kumar ) के कहने का यह मतलब है कि ‘पत्रकारिता की आड़ में चाहे कोई कितना ही अफवाह फैलाये उसपर कार्यवाही नहीं होनी चाहिए।

आपको बता दें कि यूपी पुलिस ने ऑल्ट न्यूज़ वाले मोहम्मद जुबेर, पत्रकार राणा अयूब, वामपंथी न्यूज़ पोर्टल ‘द वायर’ कांग्रेस नेता सलमान निजामी, मसकूर उस्मानी, डॉ समा मोहम्मद सबा नक्की और माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. इन लोगों पर झूठा वीडियो वायरल करके दंगा भड़कानें का षड्यंत्र करने का आरोप है, इन सभी आरोपियों के विरुद्ध गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर थाने में गैर जमानती धाराओं 153/ 153A/ 295A/ 505 / 120B & 34 IPC के अंतर्गत FIR पंजीकृत की गई है.

गौरतलब है कि गाजियाबाद के एक मुस्लिम बुजुर्ग अब्दुल समद का वीडियो वायरल हुआ था, वीडियो म्यूट था, दावा किया जा रहा था कि मुस्लिम होने के नाते उनके साथ मारपीट की गई और जबरन उनकी दाढ़ी काट दी गई, पुलिस जांच में सामने आया कि न तो मौलवी से जय श्री राम बोलने के लिए कहा गया और न ही उसके साथ मुस्लिम होने की वजह से मारपीट की गई. मामला नकली ताबीज बनाकर ठगी से उपजे विवाद का था, जिसे सांप्रदायिक रंग दिया गया.