वैक्सीन की तुलना पोलियो से कर फंस गए रवीश कुमार, सोशल मीडिया पर जमकर हो रही थू-थू

कल ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ था, इस मौके पर देश में बहुत तेजी से टीकाकरण हुआ, एक दिन में लगभग 85 लाख वैक्सीन लगाई गई, इतने तेजी से टीकाकरण होने से एक तरफ जहाँ देश में ख़ुशी की लहर है तो वहीँ मोदी सरकार के हर कामों में कमियां कमियाँ गिनाने वाली जमात में सन्नाटा है, एनडीटीवी वाले रवीश कुमार ने तो वैक्सीन की तुलना पोलियो से कर डाली, नतीजा यह निकला कि अब सोशल मीडिया पर रवीश कुमार की जमकर थू-थू हो रही है. खूब लताड़े जा रहे हैं. ( Ravish Kumar Polio )

दरअसल अपने फेसबुक पोस्ट में रवीश कुमार ने लिखा, फ़रवरी 2012 में पल्स पोलियो के तहत एक दिन में 17 करोड़ से अधिक बच्चों को पोलियो की दो बूँद दवा पिलाई गई थी। दस साल बाद गोदी मीडिया के प्रोपेगैंडा और करोड़ों रुपये के विज्ञापन के सहारे सरकार पूरा ज़ोर लगाती है और एक दिन में 86 लाख टीके ही लगा पाती है। पोलियो अभियान की आलोचना करने वाले इसके चरण की धूल भी नहीं छू सके। वो भी तब जब छह महीने से ढिंढोरा पीटा जा रहा है कि दुनिया का सबसे बड़ा टीका अभियान चल रहा है। उसके बाद भी पूरा दिन बीत जाने के बाद एक करोड़ की संख्या नहीं छू सके। तुर्रा ये कि ये दुनिया का सबसे बड़ा टीका अभियान और विश्व रिकार्ड बन गया है। ( Ravish Kumar Polio )


बिना नाम लिए रवीश कुमार को जवाब देते हुए उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार मृत्युञ्जय कुमार ने ट्विटर पर लिखा, पूरे विश्व को पोलिओ की वैक्सीन मिलने के 23 साल बाद जाकर भारत को पोलिओ की वैक्सीन मिली थी। जबकि कोरोना की वैक्सीन हाथों-हाथ हमने बनाई भी और लगाई भी। ‘निष्पक्ष पत्रकार’ आपको यह सच कभी नहीं बताएँगे। ( Ravish Kumar Polio )


वैसे ड्रॉप और वैक्सीन में बहुत अंतर् है, इसकी तुलना नहीं की जा सकती, एक बच्चे को कोई भी पोलियो की दो बूँद ड्रॉप पिला सकता है लेकिन वैक्सीन अनट्रेंड व्यक्ति नहीं लगा सकता।