अखिलेश यादव के दिल की बात जुबाँ पर आ गई, बोले- राममंदिर निर्माण का काम फौरन रोक देना चाहिए

समाजवादी पार्टी के मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दिल की बात आख़िरकार जुबाँ पर आ गई, अखिलेश यादव ने राममंदिर निर्माण सम्बंधित सभी काम रोकने की मांग की है., एक अख़बार में छपी खबर के मुताबिक़, अखिलेश यादव ने कहा, अयोध्या में ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ में भूमि विवाद के मामलों में भारी घोटाला होने की खबर है, करोड़ों की हेराफेरी का मामला बताया जा रहा है, इसकी जांच होनी चाहिए और जांच होने तक ट्रस्ट के सभी सदस्यों को इस्तीफा दे देना चाहिए। akhilesh yadav ram mandir

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को कहा, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पूरे देश की जनता ने ये मान लिया कि अयोध्या में मंदिर का निर्माण होना है, अगर वहां से ऐसी ख़बरें आ रही हैं कि भ्रस्टाचार हुआ है तो सभी काम तुरंत रोककर पहले इसकी जांच कराई जानी चाहिए। वैसे अखिलेश यादव का यह कहना कि सभी काम रोककर जांच कराई जाय, इसको सुनकर किसी को आश्चर्यचकित नहीं होना चाहिए। क्योंकि अखिलेश यादव उनके पुत्र हैं जिन्होनें रामभक्तों के सर में गोली मरवाई थी. akhilesh yadav ram mandir

1990 में यूपी में तत्कालीन मुलायम सिंह यादव की सरकार में अयोध्या में जो गोलीकांड हुआ था वो गोलीकांड नहीं बल्कि हिन्दुओं का नरसंहार हुआ था, लेकिन 28 साल तक वो छुपाया गया. akhilesh yadav ram mandir

साल 1990 के दशक में हुआ राम मंदिर-बाबरी विवाद शायद की किसी के जहन से धुंधला हुआ हो। साल 1990 में अयोध्या चलो के आह्वान पर अयोध्या पहुंचे लाखों कारसेवकों पर चलाई गई गोलियां की घटना ने पूरे देश को झकझोर के रख दिया था।

हिन्दुओं पर जो नरसंहार हुआ था, उसको मुलायम सरकार ने महज गोलीकांड बताकर दरकिनार कर दिया और महज 16-17 कारसेवकों की मौत का जिक्र किया था और जिन कार्यकर्ताओं पर गोलियां बरसाई गयी थी, उनको जमीन में दफना दिया गया था, जबकि हिन्दू धर्म में दफनाया नहीं बल्कि जलाया जाता है, लेकिन ये सब एक सोझी समझी साजिश के तहत हुआ था.