संयुक्त किसान मोर्चा ने फैलाई अफवाह, दिल्ली पुलिस ने कहा, नहीं हुई राकेश टिकैत की गिरफ़्तारी

Rakesh tikait and Tikri
Rakesh tikait and Tikri border

केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की विभिन्न सीमाओं अपर लगातार सात महीनें से हजारों किसानों का आंदोलन जारी है, इन सात महीनों के अंदर कई घटनाएं घटीं। आज 26 जून को किसानों का देशव्यापी प्रदर्शन है। इससे पहले संयुक्त किसान मोर्चा ने ट्वीट करके जानकारी दी कि राकेश टिकैत को दिल्ली में गिरफ्तार किया गया है. हालाँकि दिल्ली पुलिस ने राकेश टिकैत की गिरफ़्तारी को फेक न्यूज़ बताया है.

डीसीपी ईस्ट दिल्ली के ट्विटर हैंडल ने संयुक्त किसान मोर्चा के ट्वीट पर जानकारी दी है कि राकेश टिकैत की गिरफ्तारी से जुड़ी खबर गलत है। कृपया ऐसी फेक न्यूज/ट्वीट से दूर रहें। इस तरह की झूठी खबरें/ट्वीट फैलाने पर कार्रवाई की जाएगी।

राकेश टिकैत गाजीपुर बॉर्डर पर किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं, हाल ही में कश्मीर मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए राकेश टिकैत ने कहा था, धारा 370 हटने से किसान बहुत परेशान हैं. राकेश टिकैत ने बंगाल विधानसभा चुनाव में  अप्रत्यक्ष तौर पर टीएमसी के समर्थन में चुनाव प्रचार भी किया था.


‘कृषि कानून’ के विरोध में हजारों किसानों ने 26 जनवरी 2021 को दिल्ली में ट्रेक्टर परेड निकाला था, ये ट्रैक्टर परेड़ दो कदम भी नहीं चल पाई कि हिंसात्मक हो गई, किसान के वेश में छुपे दंगाइयों ने लालकिले पर जमकर उपद्रव मचाया, धार्मिक झंडा लहराया, इस घटना के बाद पूरे देश में गुस्सा था, तो वहीँ किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा था कि 26 जनवरी को जो कुछ हुआ उसका हमें कोई अफ़सोस नहीं है.

26 जनवरी 2021 को किसान के वेश में छुपे दंगाइयों का आतंक पूरे देश ने देखा, दंगाइयों ने लालकिले पर न सिर्फ तिरंगे का अपमान किया बल्कि पुलिस पर तलवार और फरसे से हमलें किये जिसमें लगभग 400 पुलिसकर्मीं घायल हुए थे, कुछ ठीक हो गए, कुछ का ईलाज अभी भी जारी है परन्तु राकेश टिकैत का कहना है कि कुछ नहीं हुआ. लालकिले पर हुए हमलें के मामलें में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत समेत कई किसान नेताओं के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर भी दर्ज की है.